ईरान-इजरायल युद्ध के बीच शेयर बाजार में मची उथल-पुथल! एक्सपर्ट्स ने चुने ये 10 दमदार शेयर, जो कराएंगे तगड़ी कमाई

MoneySutraHub Team

 Top 10 Stocks To Invest: मिडिल ईस्ट में चल रहे ईरान-इजरायल युद्ध (Iran-Israel War) के कारण भारतीय शेयर बाजार सहित दुनिया भर के बाजारों में भारी उथल-पुथल देखने को मिल रही है। निवेशकों के मन में डर का माहौल है। लेकिन शेयर बाजार के दिग्गज इसे एक शानदार खरीदारी के मौके के रूप में देख रहे हैं। मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, यह गिरावट कंपनियों के खराब प्रदर्शन के कारण नहीं, बल्कि सिर्फ सेंटिमेंट और डर की वजह से है। ऐसे में कम P/E (Price-to-Earnings) रेशियो वाले मजबूत फंडामेंटल के शेयर खरीदना फायदे का सौदा साबित हो सकता है। इस आर्टिकल में हम आपको उन टॉप 10 शेयरों (Top 10 Stocks) के बारे में बता रहे हैं, जिनमें SBI, M&M और BPCL जैसी दिग्गज कंपनियां शामिल हैं। जानिए बाजार का ताजा हाल, विक्स (VIX), पुट-कॉल रेशियो और निवेश की सही रणनीति क्या होनी चाहिए।


Top 10 Stocks To Invest

अहमदाबाद, 25 मार्चः शेयर बाजार हमेशा से अनिश्चितताओं का खेल रहा है। जब भी दुनिया के किसी भी कोने में कोई भू-राजनीतिक (Geopolitical) तनाव होता है, तो उसका सीधा असर दलाल स्ट्रीट के इंडेक्स पर दिखाई देता है। इन दिनों मिडिल ईस्ट में ईरान और इजरायल के बीच चल रहे भयंकर युद्ध के कारण भारतीय शेयर बाजार और ग्लोबल मार्केट्स में भारी उठा-पटक का दौर जारी है। निवेशकों के पोर्टफोलियो लाल निशान में नजर आ रहे हैं और हर किसी के मन में यह सवाल है कि अब पैसा निकाल लेना चाहिए या बाजार में बने रहना चाहिए?


मशहूर निवेशक वॉरेन बफे का कहना है कि "जब दूसरे डर रहे हों, तब लालची बनो।" यही फॉर्मूला आज के भारतीय बाजार पर पूरी तरह फिट बैठता है। मार्केट एक्सपर्ट्स का स्पष्ट मानना है कि यह गिरावट किसी आर्थिक कमजोरी का नतीजा नहीं है, बल्कि यह ग्लोबल पैनिक का असर है। ऐसे माहौल में समझदार निवेशक डरने के बजाय बाजार में उन हीरों को तलाश रहे हैं, जो इस समय कौड़ियों के भाव (कम वैल्यूएशन पर) मिल रहे हैं। एक्सपर्ट्स ने निवेशकों के लिए 10 ऐसे बेहतरीन और मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों की लिस्ट तैयार की है, जिनका P/E रेशियो काफी कम है और जो इस युद्ध के माहौल में भी आपके पोर्टफोलियो को स्टेबिलिटी और शानदार ग्रोथ दे सकते हैं।


क्यों गिर रहा है बाजार?


ईरान और इजरायल के बीच अचानक बढ़े सैन्य तनाव ने पूरी दुनिया की सप्लाई चेन और कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। जब भी खाड़ी देशों में युद्ध की स्थिति बनती है, तो निवेशकों को महंगाई बढ़ने और ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट महंगे होने का डर सताने लगता है। इसी डर से विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) उभरते बाजारों से अपना पैसा निकालकर सुरक्षित जगहों (जैसे सोना या अमेरिकी बांड) में लगाने लगते हैं। यही कारण है कि भारतीय शेयर बाजार में भी पिछले कुछ हफ्तों में तेज गिरावट देखने को मिली।


बाजार का ताजा हाल: उम्मीद की किरण


भले ही मिडिल ईस्ट में अभी तक किसी भी प्रकार के युद्ध विराम का ऐलान नहीं हुआ है और स्थिति कभी भी बिगड़ सकती है, लेकिन भारतीय शेयर बाजार ने एक मजबूत वापसी के संकेत दिए हैं। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति और मौजूदा चुनाव में उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयानों से निवेशकों के मन में एक उम्मीद जगी है कि शायद इस युद्ध का कोई कूटनीतिक हल निकल आए।


इसी उम्मीद के सहारे पिछले 2 दिनों से भारतीय शेयर बाजार लगातार हरे निशान में बंद हो रहा है। निफ्टी (Nifty 50) एक बार फिर शानदार रिकवरी दिखाते हुए 23,500 के अहम स्तर के ऊपर पहुंच गया है। बाजार के जानकारों का कहना है कि अगर कुछ चुनिंदा कंपनियों या सेक्टर्स को छोड़ दिया जाए, तो बाकी पूरे बाजार में जो गिरावट आई थी, उसका कंपनी की बैलेंस शीट या उनकी कमाई (Fundamentals) से कोई लेना-देना नहीं है। यह सिर्फ एक 'सेंटीमेंटल क्रैश' था। इसलिए अगर अच्छे और बड़े शेयरों में इस निचले स्तर (Low Level) पर खरीदारी की जाती है, तो भविष्य में यह एक मल्टीबैगर रिटर्न दे सकता है।


P/E रेशियो क्या है और कम P/E वाले शेयर क्यों चुनें?


शेयर बाजार में जब भी वैल्यू इन्वेस्टिंग (Value Investing) की बात आती है, तो P/E (Price-to-Earnings) रेशियो का नाम सबसे पहले आता है।


सीधे शब्दों में समझें तो पी/ई रेशियो यह बताता है कि निवेशक किसी कंपनी के द्वारा कमाए गए हर 1 रुपये के बदले में शेयर बाजार में कितना पैसा चुकाने को तैयार हैं।


ज्यादा P/E रेशियो: अगर किसी शेयर का पी/ई बहुत ज्यादा है, तो इसका मतलब है कि या तो वह शेयर बहुत महंगा (Overvalued) हो चुका है, या फिर निवेशकों को उम्मीद है कि भविष्य में यह कंपनी बहुत तेजी से मुनाफा कमाएगी।


कम P/E रेशियो: अगर पी/ई अनुपात कम है, तो यह दर्शाता है कि शेयर अपनी असली कीमत से सस्ता मिल रहा है (Undervalued) और इसमें निवेश करना एक सुरक्षित दांव हो सकता है।


भारतीय शेयर बाजार के संदर्भ में, 30 से कम P/E रेशियो वाले शेयरों को आमतौर पर एक अच्छी और सुरक्षित वैल्यूएशन वाला शेयर माना जाता है। युद्ध और बाजार की गिरावट के समय में ऐसे शेयर एक ढाल का काम करते हैं क्योंकि इनमें और ज्यादा गिरने की गुंजाइश बहुत कम होती है।


टॉप 10 पी/ई रेशियो वाली कंपनियां जो बना सकती हैं पैसा


एक्सपर्ट्स की रिसर्च के आधार पर यहां उन 10 शानदार शेयरों की सूची दी गई है, जिनके फंडामेंटल बेहद मजबूत हैं और उनका P/E 30 से काफी नीचे है। ये शेयर आपके पोर्टफोलियो को मजबूती दे सकते हैं:


1. भारत पेट्रोलियम (BPCL) - P/E: 5.37


ऑयल मार्केटिंग कंपनियों में बीपीसीएल सबसे सस्ते वैल्यूएशन पर मौजूद है। सरकार की पॉलिसियों और लगातार मुनाफे के कारण यह एक बेहतरीन डिविडेंड देने वाला शेयर भी है।


2. फाइव-स्टार बिजनेस फाइनेंस - P/E: 9.43


यह एनबीएफसी (NBFC) सेक्टर की तेजी से उभरती कंपनी है, जिसका वैल्यूएशन अभी काफी आकर्षक स्तर पर है।


3. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) - P/E: 11.59


देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक। एसबीआई की क्रेडिट ग्रोथ और एसेट क्वालिटी इस समय अपने सबसे बेहतरीन दौर में है।


4. पेट्रोनेट एलएनजी (Petronet LNG) - P/E: 12.01


एनर्जी सेक्टर की इस कंपनी के पास गैस इंफ्रास्ट्रक्चर का एक बड़ा नेटवर्क है। इसका बिजनेस मॉडल काफी सुरक्षित माना जाता है।


5. बिड़ला कॉर्प (Birla Corp) - P/E: 12.26


सीमेंट सेक्टर की इस दिग्गज कंपनी को भारत सरकार के इंफ्रास्ट्रक्चर पुश का सीधा फायदा मिल रहा है।


6. ईपीएल (EPL) - P/E: 15.41


पैकेजिंग सेक्टर की यह कंपनी दुनिया भर की दिग्गज एफएमसीजी (FMCG) कंपनियों को अपनी सेवाएं देती है।


7. जेके लक्ष्मी सीमेंट (JK Lakshmi Cement) - P/E: 15.86


रियल एस्टेट और सरकारी कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स में तेजी के कारण इस सीमेंट शेयर में भारी ग्रोथ की संभावना है।


8. फेडरल बैंक (Federal Bank) - P/E: 15.9


प्राइवेट बैंकिंग सेक्टर में फेडरल बैंक एक साइलेंट परफॉर्मर रहा है। इसका वैल्यूएशन अन्य बड़े प्राइवेट बैंकों के मुकाबले बहुत सस्ता है।


9. न्यूजेन सॉफ्टवेयर (Newgen Software) - P/E: 21.94


आईटी और सॉफ्टवेयर सेक्टर की इस कंपनी का बिजनेस मॉडल काफी मजबूत है और यह 30 के पी/ई से काफी नीचे ट्रेड कर रही है।


10. महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) - P/E: 23.72


ऑटोमोबाइल सेक्टर की बादशाह कंपनी। एसयूवी (SUV) और ट्रैक्टर सेगमेंट में महिंद्रा का जलवा कायम है और इसके भविष्य के प्लान बेहद आक्रामक हैं।


निवेश की प्लानिंग कैसे बनाएं?


अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इन शेयरों में एक साथ सारा पैसा लगा देना चाहिए? मार्केट एक्सपर्ट्स इसका जवाब 'नहीं' में देते हैं। जानकारों के अनुसार, निवेशकों को इस समय स्टैगर्ड अप्रोच (Staggered Approach) अपनानी चाहिए। इसका मतलब है कि अपना पूरा पैसा एक बार में निवेश करने के बजाय उसे टुकड़ों में बांट लें। जब भी बाजार में कोई बड़ी गिरावट आए (Dip), तब धीरे-धीरे इन बेहतरीन शेयरों को अपने पोर्टफोलियो में जोड़ें। इसे आम भाषा में 'Buy on Dips' की रणनीति कहा जाता है।


इसके अलावा, पोर्टफोलियो को सुरक्षित रखने के लिए ‘डिफेंसिव ग्रोथ' वाले शेयरों पर नजर रखनी चाहिए। टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स जैसी कंपनियां ऐसे माहौल में बेहद काम आती हैं। चाहे युद्ध हो या महंगाई, लोग खाना-पीना और रोजमर्रा के सामान खरीदना बंद नहीं करते। इसलिए एफएमसीजी कंपनियों का रेवेन्यू सुरक्षित रहता है।


डर का माहौल खत्म हो रहा है


एक्सिस सिक्योरिटीज के जाने-माने एक्सपर्ट उत्तम कुमार श्रीमाल ने बाजार के मौजूदा हालात पर बहुत ही सटीक टिप्पणी की है। उनका कहना है कि शेयर बाजार में हालिया गिरावट सिर्फ निवेशकों के 'डर' (Panic) की वजह से आई है। भारत के अंदर कंपनियों की कमाई (Corporate Earnings) के आंकड़े और भविष्य की उम्मीदें अभी भी बहुत मजबूत हैं। देश में खपत (Demand) लगातार बढ़ रही है और फैक्टरियों की क्षमता का पूरा इस्तेमाल (Capacity Utilization) हो रहा है। सरकार सड़कों, रेलवे और डिफेंस जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स (Capex) में जमकर पैसा लगा रही है और अब प्राइवेट सेक्टर भी निवेश बढ़ा रहा है। इन सब कारणों से आने वाले समय में कंपनियों के मुनाफे में जोरदार उछाल आने की उम्मीद है। उत्तम कुमार श्रीमाल ने वैल्यूएशन के अलावा कुछ और बेहतरीन शेयरों के नाम भी सुझाए हैं, जिन पर निवेशकों को नजर रखनी चाहिए। इनमें नेस्ले इंडिया, एटर्नल (Eternal), वरुण बेवरेजेस और मैक्स हेल्थकेयर जैसी दिग्गज कंपनियां शामिल हैं।


Important Data & Market Indicators: विक्स घटा, पुट-कॉल रेशियो ने दिए ये संकेत


बाजार के तकनीकी आंकड़े भी अब तेजी का ही इशारा कर रहे हैं।


इंडिया विक्स (India VIX): शेयर बाजार में डर और अस्थिरता को मापने वाला इंडेक्स 'विक्स' जो कुछ दिन पहले बढ़कर 22.6 तक पहुंच गया था, वह अब शांत होकर 20 के करीब आ गया है। विक्स का गिरना बाजार के लिए एक पॉजिटिव संकेत माना जाता है, क्योंकि यह बताता है कि निवेशकों का डर अब कम हो रहा है।


पुट-कॉल रेशियो (Put-Call Ratio - PCR): इन्वेस्टरAI (InvestorAI) की रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में बाजार का पुट-कॉल रेशियो 0.58 पर आ गया है। यह डेटा साफ दिखाता है कि ट्रेडर्स पुट (Put) के मुकाबले कॉल (Call) ऑप्शंस ज्यादा खरीद रहे हैं। तकनीकी भाषा में इसका मतलब यह है कि बाजार के बड़े खिलाड़ियों को लग रहा है कि बाजार की भारी गिरावट अब खत्म हो चुकी है और यहां से निफ्टी ऊपर की तरफ ही जाएगा।


इन्वेस्टरAI ने यह भी बताया कि ऐसे माहौल में उनका विशेष मॉडल मुख्य रूप से पावर, कंज्यूमर और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर्स में निवेश कर रहा है। इन सेक्टर्स में पैसा लगाने का सबसे बड़ा कारण यह है कि इनकी कमाई को लेकर सबसे ज्यादा भरोसा (Visibility of Earnings) है। इन्वेस्टरAI की डिफेंसिव ग्रोथ के लिए पहली पसंद टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स (TATACONSUM) है। कंज्यूमर कंपनियों के पास महंगाई के समय में अपने उत्पादों के दाम बढ़ाकर अपना मुनाफा सुरक्षित रखने की ताकत (Pricing Power) होती है।


भविष्य की संभावनाएं


अगर ईरान और इजरायल के बीच तनाव आने वाले कुछ और हफ्तों तक जारी रहता है, तो कच्चे तेल की कीमतों में हल्का उछाल आ सकता है। लेकिन भारतीय अर्थव्यवस्था के पास 600 बिलियन डॉलर से अधिक का विदेशी मुद्रा भंडार है, जो किसी भी बाहरी झटके से निपटने के लिए पर्याप्त है। जैसे ही युद्ध विराम की कोई भी आधिकारिक खबर आएगी, शेयर बाजार में एक बहुत बड़ी 'शॉर्ट कवरिंग' रैली देखने को मिल सकती है। जो निवेशक आज इस गिरावट में अच्छे फंडामेंटल वाले शेयर खरीदकर होल्ड करेंगे, वे आने वाले 1 से 2 सालों में बाजार से भारी मुनाफा घर ले जाएंगे।


युद्ध और वैश्विक तनाव से बाजार में अल्पावधि (Short-term) की गिरावट आना आम बात है। एक स्मार्ट निवेशक हमेशा आपदा में अवसर तलाशता है। भारतीय अर्थव्यवस्था की बुनियाद इस समय दुनिया में सबसे मजबूत है। कम P/E अनुपात वाले ऊपर बताए गए 10 शेयरों (SBI, M&M, BPCL आदि) में 'Buy on Dips' की रणनीति अपनाकर निवेश करना आपके वित्तीय भविष्य के लिए एक मास्टरस्ट्रोक साबित हो सकता है। शेयर बाजार में हमेशा अपने रिस्क प्रोफाइल को समझकर और धीरे-धीरे निवेश करें।


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डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश बाजार के जोखिमों के अधीन है। ऊपर दिए गए शेयरों के नाम और एक्सपर्ट्स की राय केवल जानकारी के उद्देश्य से हैं। किसी भी शेयर में पैसा लगाने से पहले अपने सर्टिफाइड वित्तीय सलाहकार (Financial Advisor) से सलाह जरूर लें।


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