Cashify IPO: पुराने फोन खरीदने वाली कंपनी Cashify ला रही है अपना IPO, 1800 करोड़ जुटाने की तैयारी; जानिए पूरी डिटेल्स

MoneySutraHub Team

Cashify IPO Date: पुराने गैजेट्स खरीदने-बेचने वाला प्लेटफॉर्म Cashify जल्द ही शेयर बाजार में एंट्री करने वाला है। कंपनी ₹1,500-1,800 करोड़ के IPO की तैयारी कर रही है। जानिए कंपनी के मुनाफे और लिस्टिंग की तारीख के बारे में सब कुछ।


Cashify IPO


मुंबई, 25 मार्च: अगर आपके घर में कोई पुराना स्मार्टफोन या लैपटॉप पड़ा है, तो शायद आपने उसे बेचने के लिए कभी न कभी Cashify (कैशिफाई) का नाम जरूर सुना होगा। पुराने गैजेट्स के मार्केट की यह दिग्गज कंपनी अब एक बड़ी छलांग लगाने की तैयारी में है। जी हां, खबर पक्की है कि Cashify अब शेयर बाजार में अपना आईपीओ (IPO) लाने की तैयारी कर रही है। एमेजॉन (Amazon) और प्रोसस (Prosus) जैसी बड़ी ग्लोबल कंपनियों के निवेश वाली यह कंपनी अपनी लिस्टिंग के जरिए मोटी रकम जुटाने का प्लान बना रही है।


आइए, विस्तार से समझते हैं कि कंपनी का प्लान क्या है, यह आईपीओ कब आएगा और निवेशकों के लिए इसमें क्या खास हो सकता है।


कितना बड़ा होगा Cashify का IPO?


गुरुग्राम बेस्ड यह स्टार्टअप अब यूनिकॉर्न बनने की दिशा में नहीं, बल्कि पब्लिक कंपनी बनने की दिशा में बढ़ रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, Cashify अपने आईपीओ के जरिए ₹1,500 करोड़ से ₹1,800 करोड़ के बीच फंड जुटाने की योजना बना रही है।


मार्केट के जानकारों का कहना है कि कंपनी ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। इस आईपीओ को मैनेज करने के लिए कंपनी ने देश और दुनिया के बड़े बैंकरों को काम पर लगा दिया है। इसमें ICICI सिक्योरिटीज, JM फाइनेंशियल और जापान की दिग्गज फर्म नोमुरा (Nomura) को लीड बैंकर के रूप में चुना गया है।


कब तक आएगा IPO?  


अगर आप इस आईपीओ में पैसा लगाने की सोच रहे हैं, तो आपको थोड़ा इंतजार करना पड़ सकता है। कंपनी हड़बड़ी में कोई कदम नहीं उठाना चाहती। मौजूदा जानकारी के अनुसार:


DRHP फाइलिंग: कंपनी जून या जुलाई 2026 तक बाजार नियामक SEBI के पास अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) फाइल कर सकती है।


लिस्टिंग: अगर सब कुछ योजना के मुताबिक रहा, तो 2027 की शुरुआत में कंपनी शेयर बाजार में लिस्ट हो सकती है।




आईपीओ का स्ट्रक्चर: कौन बेचेगा शेयर?


यह आईपीओ पूरी तरह से नए शेयरों (Fresh Issue) का नहीं होगा। इसमें ऑफर फॉर सेल (OFS) का भी बड़ा हिस्सा होगा। इसका मतलब है कि कंपनी को शुरू में पैसा देने वाले पुराने निवेशक अब अपना मुनाफा कमाकर निकलना चाहेंगे।


खबर है कि बेसेमर वेंचर पार्टनर्स (Bessemer Venture Partners), ब्लूम वेंचर्स (Blume Ventures) और ओलिंपस कैपिटल एशिया (Olympus Capital Asia) जैसे शुरुआती निवेशक इस आईपीओ के दौरान अपनी हिस्सेदारी का कुछ हिस्सा बेच सकते हैं। वहीं, आईपीओ से जो पैसा फ्रेश इश्यू के जरिए आएगा, उसका इस्तेमाल कंपनी अपने बिजनेस को बढ़ाने में करेगी।


क्या करती है Cashify?  


साल 2013 में तीन दोस्तों मनदीप मनोचा, नकुल कुमार और अमित सेठी ने मिलकर इस कंपनी की नींव रखी थी। तब शायद किसी ने नहीं सोचा था कि कबाड़ समझे जाने वाले पुराने फोन का बिजनेस इतना बड़ा हो जाएगा।


आज Cashify रिफर्बिश्ड (Refurbished) यानी मरम्मत किए हुए गैजेट्स के बाजार की लीडर है। इसका बिजनेस मॉडल बहुत सरल और प्रभावी है:


खरीदना: यह यूजर्स से उनके पुराने स्मार्टफोन, लैपटॉप और अन्य गैजेट्स सीधे खरीदती है।


मरम्मत (Repair): खरीदे गए गैजेट्स को रिपेयर करके बिल्कुल नए जैसा बनाया जाता है।


बेचना: फिर इन्हें रिफर्बिश्ड गैजेट्स के तौर पर वारंटी के साथ बेचा जाता है।


एक्सेसरीज और रिपेयर: कंपनी अब मोबाइल एक्सेसरीज बेचने और गैजेट्स रिपेयर करने की सर्विस से भी अच्छी कमाई कर रही है।


कंपनी अब तक अलग-अलग राउंड की फंडिंग में निवेशकों से करीब $140 मिलियन (लगभग ₹1,200 करोड़) जुटा चुकी है।


कैसी है कंपनी की वित्तीय सेहत? 


आईपीओ में पैसा लगाने से पहले हर निवेशक यह जानना चाहता है कि कंपनी कमा कितना रही है। अच्छी खबर यह है कि Cashify की बैलेंस शीट में पिछले कुछ सालों में जबरदस्त सुधार देखने को मिला है।


रेवेन्यू (कमाई): वित्त वर्ष 2025 में कंपनी का रेवेन्यू करीब ₹1,100 करोड़ रहा है।


ग्रोथ: कंपनी को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2026 में यह रेवेन्यू 50% बढ़कर ₹1,500 से ₹1,600 करोड़ तक पहुंच जाएगा।


घाटा हुआ कम: कंपनी ने अपने घाटे को बहुत तेजी से कम किया है। वित्त वर्ष 2024 में जो घाटा ₹53 करोड़ था, वह वित्त वर्ष 2025 में घटकर मात्र ₹10 करोड़ रह गया है।


मुनाफे की उम्मीद: मैनेजमेंट का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026 के अंत तक कंपनी घाटे से उबरकर ₹20-30 करोड़ के शुद्ध लाभ (PAT) के साथ मुनाफे में आ जाएगी।


यह आंकड़े बताते हैं कि कंपनी अब केवल ग्रोथ पर नहीं, बल्कि प्रॉफिट पर भी फोकस कर रही है, जो शेयर बाजार के निवेशकों को पसंद आता है।


पैसों का कहां होगा इस्तेमाल?


आईपीओ से मिलने वाली रकम को कंपनी तिजोरी में नहीं रखेगी। इसका इस्तेमाल बिजनेस को फैलाने में किया जाएगा। कंपनी की योजना अपने रिटेल स्टोर्स का नेटवर्क बढ़ाने की है। इसके अलावा, कंपनी भारत के नए शहरों के बाजारों (Tier-2 और Tier-3 cities) में प्रवेश करने के लिए भी इस पूंजी का उपयोग करेगी।


Cashify का आईपीओ भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए एक बड़ी खबर है। एक तरफ जहां कई नए जमाने की टेक कंपनियां मुनाफे के लिए संघर्ष कर रही हैं, वहीं Cashify का घाटा कम करना और मुनाफे की ओर बढ़ना एक सकारात्मक संकेत है। एमेजॉन जैसे दिग्गज का साथ और पुराने गैजेट्स के बढ़ते बाजार को देखते हुए, यह आईपीओ निवेशकों के रडार पर जरूर रहेगा। हालांकि, 2027 में लिस्टिंग अभी दूर है, लेकिन इसकी तैयारी अभी से बाजार में हलचल मचा रही है।


यह भी पढेंः- Sensex-Nifty में तूफानी तेजी: 1500 अंकों की छलांग के साथ शेयर बाजार में रौनक, ये 4 बड़ी वजहें बनीं गेम चेंजर


(डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी केवल मार्केट अपडेट्स और रिपोर्ट्स पर आधारित है। यह किसी भी प्रकार की वित्तीय सलाह या निवेश की राय नहीं है। शेयर बाजार जोखिमों के अधीन हैं। निवेश करने से पहले कृपया अपने वित्तीय सलाहकार से संपर्क जरूर करें।)


#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Learn More
Ok, Go it!
To Top