Share Market Crash: आज 9 मार्च को भारतीय शेयर बाजार में हाहाकार मच गया। सेंसेक्स 2300 अंक और निफ्टी गिरकर 23800 के नीचे आ गया है। मिडिल ईस्ट में भारी तनाव और क्रूड ऑयल के 115 डॉलर पार जाने से बाजार में यह 'महाक्रैश' हुआ है। जानिए शेयर बाजार में निवेशकों के करोड़ों रुपये डूबने और इस भारी चौतरफा बिकवाली के पीछे के 5 सबसे बड़े कारण क्या हैं।
मुंबईः आज का दिन शेयर बाजार के निवेशकों के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा। 9 मार्च की सुबह जैसे ही बाजार खुला, वैसे ही इसमें भारी गिरावट का सिलसिला शुरू हो गया। देखते ही देखते निवेशकों के करोड़ों रुपये स्वाहा हो गए।
कारोबार के दौरान सेंसेक्स करीब 2300 अंक तक लुढ़क गया। वहीं, निफ्टी भी गोता लगाते हुए 23,800 के स्तर से नीचे फिसल गया। आपको बता दें कि यह सेंसेक्स और निफ्टी का पिछले 10 महीनों का सबसे निचला स्तर है। सुबह करीब 09:35 बजे सेंसेक्स 2270.48 अंक (2.86%) की गिरावट के साथ 76651.84 पर और निफ्टी 690.85 अंक (2.83%) टूटकर 23759.60 पर कारोबार कर रहा था।
बाजार में चारों तरफ लाल निशान ही नजर आ रहा था। आखिर अचानक से बाजार में इतनी बड़ी सुनामी क्यों आई? आइए आसान भाषा में समझते हैं इस 'महाक्रैश' के 5 बड़े कारण:
1. कच्चे तेल (Crude Oil) में लगी आग
बाजार में इस भूचाल का सबसे बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में लगी आग है। मिडिल ईस्ट में तनाव के चलते ब्रेंट क्रूड ऑयल का भाव 115 डॉलर प्रति बैरल के पार चला गया है। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटेजिस्ट वीके विजयकुमार के मुताबिक, यह भारत जैसे तेल आयात करने वाले देशों के लिए एक बड़ा 'क्रूड शॉक' है। अगर मिडिल ईस्ट में युद्ध लंबा खिंचा, तो इसका सीधा असर हमारी अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।
2. फिर डराने लगी है महंगाई
कच्चा तेल महंगा होने का सीधा मतलब है कि पेट्रोल-डीजल से लेकर हर जरूरी सामान महंगा हो सकता है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि तेल की कीमतों में उछाल से दुनियाभर में महंगाई का खतरा फिर से बढ़ गया है। इससे विदेशी निवेशकों (FII) में घबराहट है। साथ ही, अब इस बात की आशंका भी तेज हो गई है कि दुनियाभर के केंद्रीय बैंक (जैसे आरबीआई या अमेरिकी फेडरल रिजर्व) ब्याज दरों को घटाने का फैसला फिलहाल टाल सकते हैं।
3. ग्लोबल मार्केट से मिले निराशाजनक संकेत
भारतीय बाजार को विदेशी बाजारों से भी कोई सहारा नहीं मिला। एशियाई बाजारों का हाल भी बहुत बुरा रहा। जापान का निक्केई इंडेक्स 6% से ज्यादा क्रैश हो गया। साउथ कोरिया के कोस्पी में भी भारी गिरावट दर्ज की गई। वहीं, अमेरिकी शेयर बाजारों में भी निवेशकों ने जमकर अपना पैसा निकाला, जिसका सीधा असर भारत के बाजार पर भी पड़ा।
4. डराने वाला ‘इंडिया VIX' इंडेक्स
शेयर बाजार में डर और घबराहट को मापने वाले 'इंडिया VIX' इंडेक्स में आज जबरदस्त उछाल देखा गया। यह 18% से ज्यादा भागकर 23.52 के स्तर पर पहुंच गया। इंडिया VIX का इतना ऊपर जाना यह साफ बताता है कि बाजार में इस वक्त भयंकर अस्थिरता (Volatility) है और निवेशक डरे हुए हैं।
5. बाजार में हर तरफ सिर्फ बिकवाली
आज बाजार के किसी भी सेक्टर में खरीदारी नहीं दिखी, बल्कि हर तरफ सिर्फ माल बेचने की होड़ मची थी।
सरकारी बैंक: निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स सबसे ज्यादा 4.8% टूट गया।
बैंकिंग और ऑटो: निफ्टी बैंक में 3.8% और ऑटो सेक्टर में 3.3% की गिरावट आई।
ऑयल और गैस: इस सेक्टर में भी 3% की भारी गिरावट दर्ज की गई।
अन्य सेक्टर्स: निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 2.9%, रियल्टी इंडेक्स 2.8% और मेटल इंडेक्स 2.7% के नुकसान में कारोबार करते दिखे।
शेयर बाजार में फिलहाल अनिश्चितता का माहौल है। मिडिल ईस्ट के हालात और क्रूड ऑयल की कीमतों पर बाजार की सीधी नजर बनी हुई है। जब तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हालात सामान्य नहीं होते, तब तक बाजार में ऐसा ही उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
(डिस्क्लेमर: यह खबर केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखी गई है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। अपना पैसा लगाने से पहले हमेशा किसी सर्टिफाइड फाइनेंसियल एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।)

