Acetech E-Commerce IPO: वैश्विक तनाव के बीच NSE SME पर Acetech E-Commerce IPO की 112 पर फ्लैट लिस्टिंग हुई। लिस्टिंग के बाद शेयर में तेजी दिखी। नई खरीदारी करने से पहले कंपनी का बिजनेस मॉडल, आईपीओ फंड का इस्तेमाल और शानदार वित्तीय सेहत (Financial Health) से जुड़ी पूरी डिटेल्स यहाँ चेक करें।
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| Acetech E-Commerce Share Price |
मुंबईः ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव की वजह से इस वक्त दुनियाभर के शेयर बाजारों में भारी गिरावट देखने को मिल रही है। इस हाहाकार के बीच आज NSE SME पर ऐसटेक ई-कॉमर्स (Acetech E-Commerce) के शेयरों की एंट्री हुई है। अगर आप इस शेयर में पैसा लगाने की सोच रहे हैं या आईपीओ में शेयर पा चुके हैं, तो कोई भी नया कदम उठाने से पहले कंपनी की वित्तीय सेहत और भविष्य के प्लान को समझना बहुत जरूरी है।
बाजार में कैसी रही एंट्री?
इस आईपीओ के तहत कंपनी ने अपने शेयरों का भाव 112 तय किया था। आज NSE SME प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग बिल्कुल इसी भाव (112) पर हुई है। इसका मतलब है कि निवेशकों को शुरुआत में कोई 'लिस्टिंग गेन' (Listing Gain) नहीं मिला। हालांकि, बाजार में ट्रेडिंग शुरू होने के कुछ ही देर बाद शेयर ने रफ्तार पकड़ी और यह उछलकर 113 पर पहुंच गया। फिलहाल आईपीओ निवेशक 0.89% के मामूली मुनाफे में हैं।
कैसा रहा था IPO का रिस्पॉन्स?
ऐसटेक ई-कॉमर्स का 49 करोड़ का यह आईपीओ 27 फरवरी से 4 मार्च तक खुला था। इस इश्यू में 10 की फेस वैल्यू वाले 43,70,400 बिल्कुल नए शेयर जारी किए गए हैं। निवेशकों ने इसे ठीक-ठाक रिस्पॉन्स दिया था:
- कुल सब्सक्रिप्शन: 1.14 गुना
- क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB): 1.00 गुना
- नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII): 1.57 गुना
- रिटेल निवेशक (Retail): 1.16 गुना
कहां खर्च होगा IPO का पैसा?
कंपनी ने आईपीओ के जरिए जो 49 करोड़ जुटाए हैं, उसका इस्तेमाल काफी सोच-समझकर किया जाएगा:
1.70 करोड़: मार्केटिंग और विज्ञापन पर।
7.00 करोड़: वर्किंग कैपिटल (रोजमर्रा के खर्चों) की जरूरतों के लिए।
बाकी रकम: दूसरी कंपनियों के अधिग्रहण (Acquisition) और आम कॉर्पोरेट कामों पर खर्च की जाएगी।
क्या करती है Acetech E-Commerce?
साल 2014 में शुरू हुई यह कंपनी ई-कॉमर्स की दुनिया में एक जाना-माना नाम है। यह डोरशिपिंग, टेलीशॉपिंग और क्रॉस-बॉर्डर सेलिंग का काम करती है। कंपनी का मुख्य फोकस उन प्रोडक्ट्स पर होता है, जिनकी मार्केट में हाई-डिमांड है। यह सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी अपना माल बेचती है। इसके लिए कंपनी की दो सब्सिडरी कंपनियां काम करती हैं। भारत में ‘कॉन्सेप्टिव ब्रेन्स प्राइवेट लिमिटेड' और अमेरिका में 'ऐसटेक वेंचर्स इंक'।
कंपनी की वित्तीय सेहत (Financial Health) कैसी है?
अगर कंपनी के बही-खाते पर नजर डालें, तो इसकी वित्तीय स्थिति लगातार मजबूत हो रही है। यही आंकड़ा निवेशकों को सबसे ज्यादा आकर्षित कर रहा है:
- वित्तीय वर्ष 2023: 1.52 करोड़ का शुद्ध मुनाफा।
- वित्तीय वर्ष 2024: मुनाफा बढ़कर 4.02 करोड़ हुआ।
- वित्तीय वर्ष 2025: मुनाफा सीधा 6.88 करोड़ पर पहुंच गया।
- वित्तीय वर्ष 2026 (अप्रैल-सितंबर 2025): सिर्फ पहली छमाही में ही कंपनी ने 5.74 करोड़ का शानदार मुनाफा और 40.44 करोड़ की कुल इनकम कमा ली है।
कंपनी की कुल इनकम सालाना 15% से भी ज्यादा की दर (CAGR) से बढ़ रही है। सबसे अच्छी बात यह है कि सितंबर 2025 तक कंपनी पर सिर्फ 43 लाख का मामूली कर्ज था, जबकि कंपनी के पास रिजर्व के तौर पर 10.11 करोड़ का भारी भरकम कैश मौजूद है।
भले ही बाजार के खराब मूड की वजह से ऐसटेक ई-कॉमर्स की लिस्टिंग फीकी रही हो, लेकिन कंपनी का बिजनेस मॉडल और लगातार बढ़ता मुनाफा इसे एक मजबूत शेयर बनाता है। लंबी अवधि के निवेशक इसके फंडामेंटल्स पर नजर बनाए रख सकते हैं।
(डिस्क्लेमर: यह खबर केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखी गई है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। अपना पैसा लगाने से पहले हमेशा किसी सर्टिफाइड फाइनेंसियल एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।)

