Share Market Crash: भारतीय शेयर बाजार के 80% स्टॉक्स बेयर मार्केट में आ चुके हैं। पोर्टफोलियो लाल है लेकिन सेंसेक्स-निफ्टी क्यों नहीं गिरे? गिरावट में क्या करें, जानिए एक्सपर्ट्स की राय।
मुंबाई: अगर आप शेयर बाजार में पैसा लगाते हैं, तो आपने एक बात जरूर नोटिस की होगी। सेंसेक्स और निफ्टी तो अपने टॉप लेवल के आस-पास ही झूल रहे हैं, लेकिन आपका पोर्टफोलियो लाल निशान (Red Portfolio) में दिख रहा होगा। ऐसा इसलिए है क्योंकि भारतीय शेयर बाजार के करीब 80 प्रतिशत स्टॉक्स पहले ही बेयर मार्केट (Bear Market) की चपेट में आ चुके हैं।
अब हर आम निवेशक के मन में यही सवाल है कि क्या इस गिरावट में सस्ते शेयर खरीद लेने चाहिए, या जो बचा है उसे बेचकर बाजार से बाहर निकल जाना चाहिए? आइए आसान भाषा में समझते हैं कि बाजार में चल क्या रहा है और एक्सपर्ट्स इस पर क्या सलाह दे रहे हैं।
सेंसेक्स-निफ्टी ऊपर, फिर शेयर क्यों गिरे?
बाजार की मौजूदा स्थिति को समझने के लिए 'Monarch AIF' की एक हालिया रिपोर्ट पर नजर डालना जरूरी है। रिपोर्ट के आंकड़े चौंकाने वाले हैं:
सेंसेक्स और निफ्टी अपने लाइफटाइम हाई से सिर्फ 6 से 7 प्रतिशत ही गिरे हैं।
लेकिन, बाजार में लिस्टेड लगभग 80 प्रतिशत कंपनियां बेयर मार्केट (यानी भारी गिरावट) में फंस चुकी हैं।
1000 करोड़ रुपये से ज्यादा मार्केट कैप वाली कंपनियों में से 64 प्रतिशत शेयर अपने ऑल-टाइम हाई से 30 प्रतिशत से ज्यादा टूट चुके हैं।
वहीं, करीब 78 प्रतिशत शेयरों में 20 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई है।
इसका सीधा मतलब है कि इंडेक्स और आम शेयरों के बीच बहुत बड़ा फासला बन गया है। कुछ चुनिंदा बड़ी कंपनियों (Large Cap) ने इंडेक्स को गिरने से रोक रखा है, जबकि मिडकैप (Midcap) और स्मॉलकैप (Smallcap) शेयरों में पिछले 18 महीनों से चुपचाप भारी बिकवाली हो रही है।
बाजार का मूड बिगाड़ रहा है ग्लोबल टेंशन
शेयर बाजार की इस अंदरूनी कमजोरी के बीच मिडिल ईस्ट (इजरायल और ईरान) के तनाव ने आग में घी डालने का काम किया है। इस भू-राजनीतिक टेंशन की वजह से कच्चे तेल (Crude Oil) के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी घबराहट में हाल ही में सेंसेक्स 1000 अंकों से ज्यादा गोता लगा गया और निफ्टी 24900 के नीचे खिसक गया।
एक्सपर्ट्स की निवेशकों को सलाह: अब क्या करें?
1. अभी नई खरीदारी से बचें
Choice Equity Broking के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट आकाश शाह का कहना है कि दुनिया भर में अनिश्चितता का माहौल है। ऐसे में निवेशकों को बहुत सावधानी बरतनी चाहिए। हवा में तीर चलाने के बजाय सिर्फ मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियों पर फोकस करें। नई और बड़ी खरीदारी (Long Position) तभी करें जब निफ्टी 25000 के ऊपर जाकर मजबूती से टिके।
2. घबराकर शेयर न बेचें
Geojit Investments के चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार के मुताबिक, भारत के लिए सबसे बड़ा खतरा महंगा कच्चा तेल है। भारत अपनी जरूरत का 85 प्रतिशत तेल बाहर से खरीदता है। तेल महंगा होने से महंगाई बढ़ेगी और कंपनियों के मुनाफे पर असर पड़ेगा।
हालांकि, उनका कहना है कि निवेशकों को पैनिक होकर नुकसान में अपने शेयर नहीं बेचने चाहिए। शेयर बाजार हमेशा बुरे वक्त के बाद बाउंस बैक करता है।
किन शेयरों में है मौके?
अगर आप लंबा नजरिया रखते हैं और थोड़ा रिस्क ले सकते हैं, तो इस गिरावट को एक मौके की तरह देखें। एक साथ सारा पैसा लगाने के बजाय, धीरे-धीरे क्वालिटी शेयरों में निवेश करें। एक्सपर्ट्स के मुताबिक आने वाले समय के लिए बैंकिंग (Banking), फार्मा (Pharma), ऑटो (Auto) और डिफेंस (Defense) सेक्टर शानदार रिटर्न दे सकते हैं।
शेयर बाजार का यह दौर इम्तिहान का है। जो शेयर फंडामेंटली कमजोर हैं, उनसे दूर रहें। लेकिन जो कंपनियां मजबूत हैं और सस्ते में मिल रही हैं, उन्हें अपने पोर्टफोलियो में धीरे-धीरे शामिल करने का यही सही वक्त है।
डिस्क्लेमर: यहां पर दिए गए विचार और इन्वेस्टमेंट सलाह इन्वेस्टमेंट प्रोफेशनल्स के अपने विचार और सलाह हैं। MoneysutraHub.in यूज़र्स को सलाह देता है कि कोई भी इन्वेस्टमेंट का फैसला लेने से पहले किसी सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें।

