HDFC Mutual Fund ने ऑटो कंपोनेंट कंपनी Sundram Fasteners में 358 करोड़ के शेयर बेचे हैं। इस भारी बिकवाली के बाद शेयर 52 हफ्ते के निचले स्तर पर आ गया है। जानें डील की पूरी डिटेल।
मुंबईः शेयर बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। इस बीच एक बड़ी खबर सामने आई है जिसने निवेशकों का ध्यान खींचा है। देश के प्रमुख फंड हाउस HDFC म्यूचुअल फंड (HDFC Mutual Fund) ने एक मशहूर ऑटो कंपोनेंट कंपनी में अपनी बड़ी हिस्सेदारी बेच दी है। इस बिकवाली की खबर आते ही कंपनी के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई और स्टॉक अपने 52 हफ्ते के सबसे निचले स्तर (52-week low) पर जा पहुंचा।
यह कंपनी सुंदरम फास्टनर्स (Sundram Fasteners) है। आइए इस बल्क डील और शेयर की मौजूदा स्थिति को आसान भाषा में समझते हैं।
बल्क डील की पूरी डिटेल
जानकारी के मुताबिक, HDFC म्यूचुअल फंड ने शेयर बाजार में बल्क डील के जरिए Sundram Fasteners के लगभग 358 करोड़ रुपये के शेयर बेचे हैं। इस सौदे के मुख्य आंकड़े इस प्रकार हैं:
बीएसई (BSE) पर फंड हाउस ने करीब 187 करोड़ रुपये में 22.5 लाख शेयर बेचे।
वहीं, एनएसई (NSE) पर भी लगभग 171 करोड़ रुपये के शेयर बेचे गए हैं।
यह पूरी डील औसतन 832.17 रुपये प्रति शेयर के भाव पर की गई।
आपको बता दें कि दिसंबर 2025 तक के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इस कंपनी में HDFC म्यूचुअल फंड की कुल 7.6 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।
शेयर का हुआ बुरा हाल
इतनी बड़ी मात्रा में शेयर बिकने का सीधा असर स्टॉक की कीमत पर पड़ा है। बुधवार को एनएसई पर Sundram Fasteners का शेयर 1.06 प्रतिशत गिरकर 838 रुपये पर बंद हुआ। ट्रेडिंग के दौरान यह शेयर 818.20 रुपये तक फिसल गया था, जो इसका नया 52 वीक लो है।
शेयर की तकनीकी स्थिति (Technical Indicators) भी काफी कमजोर नजर आ रही है। पिछले 6 कारोबारी दिनों में यह शेयर लगातार गिरा है और इसमें 10.78 प्रतिशत की गिरावट आ चुकी है। फिलहाल यह शेयर अपने 5, 20, 50, 100 और 200 दिनों के सभी प्रमुख मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड कर रहा है, जो स्टॉक में बने भारी दबाव को दिखाता है। बीते 12 महीनों की बात करें तो निवेशकों को इसमें करीब 9.96 प्रतिशत का निगेटिव रिटर्न मिला है।
क्या है Sundram Fasteners का बिजनेस?
Sundram Fasteners ऑटो सेक्टर की एक दिग्गज कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग कंपनी है। इसका मुख्य काम फास्टनर्स, इंजन पार्ट्स, रेडिएटर कैप, ट्रांसमिशन कंपोनेंट और पावरट्रेन पार्ट्स बनाना है। भारत के अलावा अमेरिका, यूरोप और कई एशियाई देशों में कंपनी के प्रोडक्ट एक्सपोर्ट किए जाते हैं। दुनिया भर की पैसेंजर कार, कमर्शियल व्हीकल और टू-व्हीलर बनाने वाली बड़ी कंपनियां इसके ग्राहकों की लिस्ट में शामिल हैं।
डिस्क्लेमर: यह खबर सिर्फ आपकी जानकारी के लिए लिखी गई है। शेयर बाजार में निवेश हमेशा बाजार के जोखिमों के अधीन होता है। किसी भी स्टॉक में पैसा लगाने से पहले हमेशा अपने सर्टिफाइड एक्सपर्ट या वित्तीय सलाहकार से राय जरूर लें।

