अच्छी सैलरी के बाद भी रिजेक्ट हो गया Personal Loan? कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये 5 बड़ी गलतियां

MoneySutraHub Team

 Personal Loan Rejection: पर्सनल लोन रिजेक्ट होने के पीछे आपकी छोटी-छोटी गलतियां हो सकती हैं। जानें वो 5 बड़े कारण जिनकी वजह से बैंक अच्छी सैलरी वालों का भी लोन कैंसल कर देते हैं। 

Personal Loan Rejection

नई दिल्ली: अक्सर ऐसा होता है कि हम पर्सनल लोन (Personal Loan) के लिए अप्लाई करते हैं और बैंक उसे रिजेक्ट कर देता है। सबसे ज्यादा हैरानी तब होती है, जब हमारी सैलरी अच्छी होती है और हम समय पर टैक्स भी भरते हैं। ऐसे में मन में सवाल उठता है कि आखिर गलती कहां हुई?


दरअसल, बैंक सिर्फ यह नहीं देखते कि आप EMI चुका सकते हैं या नहीं। वे यह परखते हैं कि अगर भविष्य में आपके सामने कोई अचानक बड़ी आर्थिक परेशानी आ गई, तो क्या आप उस दबाव को झेल पाएंगे? अगर आपका भी पर्सनल लोन अटक गया है, तो इसके पीछे ये 5 बड़े कारण हो सकते हैं, जो अक्सर लेंडर्स को परेशान करते हैं।


1. क्रेडिट हिस्ट्री का अधूरा या खराब होना


कई लोगों को लगता है कि उन्होंने आज तक कोई लोन डिफॉल्ट नहीं किया, तो उनका रिकॉर्ड शानदार है। लेकिन बैंक के लिए सिर्फ इतना काफी नहीं है। अगर आपने कभी लोन या क्रेडिट कार्ड लिया ही नहीं है, तो बैंक को पता ही नहीं होता कि आप कर्ज चुकाने में कितने जिम्मेदार हैं। वहीं दूसरी तरफ, अगर आपकी सालों की अच्छी हिस्ट्री है, लेकिन पिछले कुछ महीनों में आपने पेमेंट में देरी की है या कोई लोन 'सेटल्ड' (Settled) करवाया है, तो बैंक इसे खतरे की घंटी मानते हैं। बैंक आपके मौजूदा बर्ताव पर ज्यादा नजर रखते हैं।


2. सैलरी अच्छी है, लेकिन खर्चे पहले से ज्यादा हैं


यहीं पर सबसे ज्यादा लोग मात खाते हैं। बैंक सिर्फ आपकी सैलरी नहीं देखते, बल्कि यह देखते हैं कि महीने के आखिर में आपके हाथ में कितना पैसा बचता है। अगर आपकी सैलरी का एक बड़ा हिस्सा होम लोन, कार की EMI, बच्चों की फीस या ‘Buy Now Pay Later' (BNPL) चुकाने में चला जाता है, तो नई EMI आपके लिए बोझ बन जाएगी। भले ही आपका रिकॉर्ड कितना भी अच्छा हो, अगर आपके पास कैश नहीं बच रहा है, तो बैंक लोन रिजेक्ट कर देते हैं।


3. क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल की आदत


क्या आप हर महीने अपने क्रेडिट कार्ड की पूरी लिमिट का इस्तेमाल कर लेते हैं? भले ही आप हर बार समय पर पूरा बिल भर देते हों, लेकिन ऐसा करना बैंक की नजर में अच्छा नहीं माना जाता। लगातार कार्ड की फुल लिमिट खर्च करने का मतलब है कि आप अपनी कमाई से ज्यादा खर्च करने के दबाव में हैं। बैंक को डर रहता है कि किसी भी मुश्किल वक्त में आप पर्सनल लोन की EMI चुकाने में चूक सकते हैं। इसलिए कार्ड का इस्तेमाल हमेशा लिमिट में करें।


4. नौकरी या कमाई में बार-बार बदलाव


पर्सनल लोन एक अनसिक्योर्ड लोन (Unsecured Loan) होता है, यानी इसके बदले बैंक आपसे कोई चीज गिरवी नहीं रखता। पूरा खेल भरोसे और आपकी भविष्य की कमाई का है। अगर आपने हाल ही में कई बार नौकरी बदली है, बीच में लंबा ब्रेक लिया है या आप प्रोबेशन पीरियड पर हैं, तो बैंक आपको रिस्क मान लेते हैं। फ्रीलांसर या छोटे व्यापारियों के साथ भी यही दिक्कत आती है, क्योंकि उनकी कमाई हर महीने एक जैसी नहीं होती। बैंक के लिए एक औसत लेकिन स्थिर कमाई वाला व्यक्ति, ज्यादा लेकिन अस्थिर कमाई वाले से बेहतर होता है।


5. एक साथ कई बैंकों में लोन के लिए अप्लाई करना


जब एक जगह से लोन रिजेक्ट होता है, तो लोग घबराहट में 4 से 5 अलग-अलग बैंकों में अप्लाई कर देते हैं। यह सबसे बड़ी गलती है। आप जब भी लोन अप्लाई करते हैं, तो सिबिल (CIBIL) रिपोर्ट में एक 'हार्ड इंक्वायरी' दर्ज होती है। कम समय में बहुत ज्यादा इंक्वायरी देखकर बैंक समझ जाते हैं कि आपको पैसों की बहुत ज्यादा और सख्त जरूरत है (Credit Hungry Behaviour)। इससे आपका सिबिल स्कोर भी गिरता है और लोन रिजेक्ट होने के चांस बढ़ जाते हैं।


आपको क्या करना चाहिए?


पर्सनल लोन आपकी सैलरी का नहीं, बल्कि आपके फाइनेंसियल मैनेजमेंट का टेस्ट है। अगर आप चाहते हैं कि आपका लोन तुरंत पास हो जाए, तो क्रेडिट कार्ड का बकाया कम रखें, फालतू के खर्चे घटाएं और अगर एक बार लोन रिजेक्ट हो जाए, तो तुरंत दूसरी जगह अप्लाई करने के बजाय कुछ महीनों का इंतजार करें। एक शांत और स्थिर फाइनेंसियल प्रोफाइल बैंक को सबसे ज्यादा पसंद आती है।


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