Asian Market Crash: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव से एशियाई शेयर बाजारों में भयंकर गिरावट आई है। दक्षिण कोरिया का Kospi करीब 8% तक क्रैश हो गया। क्रूड ऑयल में आग लगी है। जानें ग्लोबल और भारतीय बाजारों (Sensex-Nifty) का पूरा हाल।
नई दिल्ली: एशियाई शेयर बाजारों के लिए 3 मार्च का दिन बेहद बुरा साबित हुआ है। लगातार दूसरे दिन बाजारों में भारी गिरावट देखने को मिली। इसकी सबसे बड़ी वजह मध्य पूर्व (Middle East) में चल रही भीषण जंग है। इस लड़ाई ने निवेशकों के बीच खौफ पैदा कर दिया है, जिसके चलते बाजारों में ताबड़तोड़ बिकवाली हो रही है।
हालत यह है कि MSCI एशिया पैसिफिक इंडेक्स लगभग 3 फीसदी नीचे गिर गया है। वहीं, सबसे बड़ा झटका दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार को लगा है, जहां ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई।
युद्ध फैलने का डर और क्रूड ऑयल में आग
बाजार में इस घबराहट का मुख्य कारण 28 मार्च से शुरू हुई लड़ाई है। हालात सुधरने के बजाय और बिगड़ते जा रहे हैं। ईरान ने सऊदी अरब के रियाद में स्थित अमेरिकी दूतावास पर हमला कर दिया है। इसके साथ ही उसने 'होर्मुज की खाड़ी' (Strait of Hormuz) को पूरी तरह से बंद करने की धमकी दी है।
आपको बता दें कि दुनिया का करीब 20 फीसदी कच्चा तेल (Crude Oil) इसी खाड़ी से होकर गुजरता है। अगर यह रास्ता बंद हुआ, तो तेल की सप्लाई बुरी तरह प्रभावित होगी। इस डर से क्रूड की कीमतों में आग लग गई है। ब्रेंट क्रूड 79 डॉलर प्रति बैरल के पार जा चुका है और 2 मार्च को इसमें 7 फीसदी से ज्यादा का भयंकर उछाल आया था।
एक्सपर्ट्स की क्या है राय?
सिंगापुर की वेंटेज प्वाइंट एसेट मैनेजमेंट के चीफ इन्वेस्टमेंट अफसर निक फेरेस ने इस स्थिति पर चिंता जताई है। उनका कहना है, "अब सवाल सिर्फ ईरान का नहीं है, बल्कि यह है कि क्या यह युद्ध अब दूसरे देशों तक फैलेगा? कल रात तक लग रहा था कि मामला जल्दी शांत हो जाएगा, लेकिन अब ऐसा सोचना हमारी भूल होगी।"
एशियाई बाजारों का हाल (3 मार्च के आंकड़े):
दोपहर 12:28 बजे तक एशिया के प्रमुख बाजारों की स्थिति कुछ इस प्रकार थी:
दक्षिण कोरिया (Kospi): सबसे बुरी तरह क्रैश हुआ और 7.81 फीसदी तक टूट गया।
जापान (Nikkei): यह प्रमुख इंडेक्स 3.08 फीसदी की भारी गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था।
चीन और हांगकांग: शंघाई कंपोजिट (Shanghai Composite) 1.43 फीसदी और हैंगसेंग (Hang Seng) 1.05 फीसदी नीचे गिरे।
इंडोनेशिया: जकार्ता कंपोजिट 0.42 फीसदी कमजोर रहा।
सिंगापुर: पूरे एशिया में सिर्फ सिंगापुर का स्ट्रेट टाइम्स इंडेक्स ही हरे निशान में था, जो 0.81 फीसदी ऊपर चढ़कर कारोबार कर रहा था।
यूरोप और अमेरिका का क्या रहा हाल?
इससे पहले 2 मार्च को अमेरिकी बाजार तो किसी तरह मिलेजुले रुख के साथ बंद हुए, लेकिन यूरोपीय बाजारों में खून-खराबा देखने को मिला। यूके का FTSE 1.21 फीसदी, फ्रांस का CAC 2.22 फीसदी और जर्मनी का DAX 2.2 फीसदी गिरकर बंद हुआ।
शेयर बाजारों में इस रिस्क को देखते हुए निवेशक अब अपना पैसा निकालकर सुरक्षित जगह यानी सोने और चांदी (Gold and Silver) में लगा रहे हैं। यही वजह है कि बुलियन मार्केट में तेजी देखी जा रही है।
भारतीय बाजार: Sensex और Nifty का बुरा हाल
भारतीय शेयर बाजार पहले से ही दबाव का सामना कर रहे थे, लेकिन इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने इस दबाव को कई गुना बढ़ा दिया। 2 मार्च को भारतीय बाजारों में भारी बिकवाली हुई।
कारोबार के अंत में BSE Sensex 1,048 अंकों (1.29 फीसदी) का गोता लगाकर 80,238 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, Nifty 50 भी 313 अंक (1.24 फीसदी) लुढ़ककर 24,865 पर आ गया। आज यानी 3 मार्च को होली के त्योहार के कारण BSE और NSE दोनों में ट्रेडिंग बंद है।
(डिस्क्लेमर: यह जानकारी सिर्फ न्यूज़ और एजुकेशन के उद्देश्य से दी गई है। शेयर बाजार में निवेश बाजार के जोखिमों के अधीन है। MoneysutraHub.in यूज़र्स को सलाह देता है कि कोई भी इन्वेस्टमेंट का फैसला लेने से पहले किसी सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें।)

