Gold Silver Rate Today: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण सोने की कीमतों में भारी उछाल आया है। पिछले 4 दिनों में गोल्ड 3% बढ़कर 5360 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया है।
अहमदाबाद: आजकल मिडिल ईस्ट में जो घमासान मचा हुआ है, उसका सीधा असर दुनिया भर के कमोडिटी और बुलियन मार्केट पर देखने को मिल रहा है। जब भी दुनिया में कोई युद्ध या संकट आता है, निवेशक सबसे सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने (Gold) की तरफ भागते हैं। यही वजह है कि पिछले 5 दिनों से सोने के दाम लगातार आसमान छू रहे हैं।
सोने-चांदी के आज के लेटेस्ट रेट
ग्लोबल मार्केट में सोने की कीमतों में 0.8% की जोरदार तेजी दर्ज की गई है। इसके साथ ही गोल्ड 5360 डॉलर प्रति औंस के लेवल पर पहुंच गया है। अगर हम पिछले 4 ट्रेडिंग सेशन की बात करें, तो सोने के भाव में 3% से ज्यादा का उछाल आ चुका है।
स्पॉट गोल्ड: सिंगापुर में सुबह 8:50 बजे तक स्पॉट गोल्ड 0.6% बढ़कर 5354.32 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा था।
चांदी की चमक बढ़ी: सोमवार को 4.7% गिरने के बाद चांदी ने भी शानदार वापसी की है और 1.9% की तेजी के साथ 91.11 डॉलर पर पहुंच गई है।
इसके अलावा प्लैटिनम और पैलेडियम जैसी कीमती धातुओं के दाम भी बढ़े हैं। वहीं, अमेरिकी डॉलर का इंडेक्स पिछले सेशन में 0.7% बढ़ने के बाद फिलहाल सपाट नजर आ रहा है।
क्यों धधक रहे हैं सोने के दाम?
इस तेजी के पीछे सबसे बड़ी वजह ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच चल रही तनातनी है। इस लड़ाई ने ग्लोबल एनर्जी मार्केट की नींद उड़ा दी है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कह दिया है कि जब तक जरूरत होगी, अमेरिका अपने मिलिट्री हमले जारी रखेगा। उधर, इजराइल ने ईरान के कमांड सेंटर्स को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ हमले शुरू कर दिए हैं। जवाब में ईरान (तेहरान) ने भी तेल और गैस के इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला किया है और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ में जहाजों की आवाजाही को धमकी दी है।
अमेरिका में सता रहा महंगाई का डर
युद्ध की वजह से एनर्जी (तेल-गैस) महंगी हो रही है, जिससे अमेरिका में महंगाई बढ़ने का डर फिर से सताने लगा है। इसका असर ये हुआ है कि यूएस ट्रेजरी में गिरावट आई है। अब बाजार के जानकारों का मानना है कि फेडरल रिजर्व (Fed) लंबे समय तक ब्याज दरों (Interest Rates) में कोई बदलाव नहीं करेगा। ट्रेडर्स अब सीधे सितंबर महीने में रेट कट की उम्मीद लगा रहे हैं।
जेपी मॉर्गन (JP Morgan) के सीईओ जेमी डिमन ने चेतावनी दी है कि यह महंगाई अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा 'विलेन' साबित हो सकती है। इंस्टीट्यूट फॉर सप्लाई मैनेजमेंट की रिपोर्ट भी इस बात की गवाही देती है कि फरवरी में मैन्युफैक्चरिंग इनपुट की कीमतें 2022 के बाद सबसे तेज रफ्तार से बढ़ी हैं।
इस साल कैसा रहा सोने का हाल?
इस साल की शुरुआत से अब तक सोने में लगभग 0.25% की बढ़त आ चुकी है। दुनिया भर में चल रहे जियोपॉलिटिकल तनाव, ट्रेड वॉर और फेड के फैसलों को लेकर चिंताओं की वजह से सोने की डिमांड लगातार मजबूत बनी हुई है।
जनवरी के आखिर में तो सोने ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए थे और यह 5595 डॉलर प्रति औंस के अपने ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया था। दरअसल, बॉन्ड और करेंसी मार्केट से पैसा निकालकर लोग सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने में पैसा लगा रहे हैं (जिसे डिबेसमेंट ट्रेड कहते हैं), और यही इस रिकॉर्ड तेजी का असली कारण है।

