रसोई गैस सिलेंडर की नो टेंशन! अफवाहों पर लगाम, सप्लाई सुधारने के लिए सरकार ने उठाए 10 बड़े कदम

MoneySutraHub Team

 LPG gas cylinder shortage: भारत में LPG गैस सिलेंडर की कोई कमी नहीं है। मिडिल ईस्ट संकट के बीच पैनिक बुकिंग रोकने और सप्लाई चैन सुधारने के लिए सरकार ने 10 बड़े कदम उठाए हैं।

LPG gas cylinder shortage

नई दिल्ली, 14 मार्चः मिडिल ईस्ट में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण भारत में रसोई गैस (LPG) सिलेंडरों की कमी को लेकर घबराहट फैल गई थी। लेकिन अब आम आदमी को चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। सरकार ने साफ कर दिया है कि देश में गैस की कोई किल्लत नहीं है, यह सिर्फ एक अफवाह है जिसे जानबूझकर फैलाया जा रहा है।


पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने हालात स्पष्ट करते हुए कहा है कि देश में गैस का पर्याप्त भंडार मौजूद है। सप्लाई चेन को सुचारू रखने के लिए सरकार ने 10 अहम फैसले लिए हैं।


सप्लाई चैन सुधारने के लिए सरकार के बड़े कदम


सरकार ने हालात पर काबू पाने और जमाखोरी रोकने के लिए युद्ध स्तर पर तैयारियां की हैं:


नए रास्तों से सप्लाई: खाड़ी देशों के होर्मुज रूट पर तनाव के बाद, अब अमेरिका, कनाडा और अल्जीरिया जैसे नए रास्तों से तेल और गैस मंगाए जा रहे हैं। साथ ही, ईरान को भरोसे में लेकर होर्मुज के रास्ते भी 2 भारतीय जहाज सुरक्षित गुजरे हैं।


बुकिंग नियमों में बदलाव: लोग घबराहट में गैस बुक (पैनिक बुकिंग) न करें, इसके लिए दो बुकिंग के बीच का अंतर 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है।


कमर्शियल कोटा: गैस की कमी के कारण बंद होने की कगार पर पहुंचे होटलों और रेस्टोरेंट वालों को बड़ी राहत दी गई है। 19 किलो वाले कमर्शियल गैस (नीले सिलेंडर) के लिए 20% का कोटा तय किया गया है।


उत्पादन में भारी बढ़ोतरी: 5 मार्च से घरेलू एलपीजी के उत्पादन में 30% का इजाफा किया गया है। यह अतिरिक्त गैस केवल IOCL, BPCL और HPCL को दी जा रही है।


जमाखोरों पर एक्शन: यूपी, दिल्ली से लेकर महाराष्ट्र तक कालाबाजारी करने वालों पर लगातार छापेमारी की जा रही है और एक हाईलेवल कमेटी पूरी सप्लाई पर नजर रख रही है।


आंकड़े जो बताते हैं सच्चाई


सुजाता शर्मा ने कुछ आंकड़े पेश किए जो साबित करते हैं कि पैनिक करने की कोई जरूरत नहीं है:


आमतौर पर देश में रोज 55.7 लाख सिलेंडर बुक होते हैं, लेकिन अफवाहों के चलते 12 मार्च को यह आंकड़ा 75.7 लाख पहुंच गया था। देशभर में करीब 25000 एलपीजी वितरक काम कर रहे हैं और किसी के पास भी स्टॉक खत्म होने की कोई खबर नहीं है। भारत के पास कच्चे तेल की 258 मिलियन मीट्रिक टन रिफाइनिंग क्षमता है। हमारी सभी रिफाइनरियां 100% या उससे भी ज्यादा क्षमता पर काम कर रही हैं। देश में पेट्रोल-डीजल की भी कोई कमी नहीं है।


सरकार ने अस्पतालों, स्कूलों और आम घरों की जरूरतों को सबसे ऊपर रखा है। सरकार ने उन 60 लाख परिवारों से भी खास अपील की है, जिनके घरों के पास पीएनजी (PNG - पाइप वाली गैस) नेटवर्क मौजूद है, कि वे सिलेंडर छोड़कर इस सुरक्षित सुविधा को अपनाएं। कुल मिलाकर, वितरकों के पास गैस का पूरा स्टॉक है। आम जनता से अपील है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और जरूरत पड़ने पर ही अपना गैस सिलेंडर बुक करें।


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