Indian LPG ships safe: खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव के बीच भारत के लिए राहत की खबर है। 2 भारतीय LPG जहाज 'शिवालिक' और 'नंदा देवी' सुरक्षित होर्मुज स्ट्रीट पार कर गुजरात के बंदरगाहों की ओर बढ़ रहे हैं। जानें नाविकों की सुरक्षा और देश में गैस सप्लाई की पूरी स्थिति।
नई दिल्ली, 14 मार्चः खाड़ी देशों में चल रहे भारी तनाव के बीच भारत के लिए एक बहुत ही राहत भरी खबर आई है। शनिवार सुबह 2 भारतीय जहाजों ने बिना किसी रुकावट के सुरक्षित तरीके से 'होर्मुज स्ट्रीट' (Strait of Hormuz) को पार कर लिया है। ये जहाज गैस (LPG) से भरे हुए हैं और अब तेजी से गुजरात के मुंद्रा और कांडला बंदरगाहों की तरफ आ रहे हैं।
शिपिंग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि दोनों जहाजों का सफर पूरी तरह सुरक्षित रहा और रास्ते में कोई भी अनहोनी नहीं हुई।
92,700 टन LPG लेकर आ रहे हैं ‘शिवालिक' और 'नंदा देवी'
जिन दो जहाजों ने इस खतरनाक माने जा रहे समुद्री रास्ते को पार किया है, उनके नाम 'शिवालिक' और 'नंदा देवी' हैं। ये दोनों जहाज कुल मिलाकर लगभग 92,700 टन LPG भारत ला रहे हैं। इनके 16 मार्च और 17 मार्च तक गुजरात के बंदरगाहों पर पहुंचने की पूरी उम्मीद है।
फारस की खाड़ी में भारतीय नाविक पूरी तरह सुरक्षित
अमेरिका और इजरायल की तरफ से ईरान पर हुए हमलों और ईरान की जवाबी कार्रवाई के कारण होर्मुज स्ट्रीट के आसपास सैकड़ों कमर्शियल जहाज फंस गए हैं। हालांकि, भारतीय नाविकों को लेकर स्थिति कंट्रोल में है।
सिन्हा ने बताया कि होर्मुज स्ट्रीट के पश्चिमी हिस्से में कुल 24 भारतीय जहाज मौजूद थे। इनमें से 2 LPG जहाज निकल चुके हैं। अब वहां 22 भारतीय जहाज बचे हैं, जिन पर 611 भारतीय नाविक सवार हैं। राहत की बात यह है कि पिछले एक दिन में किसी भी भारतीय के साथ कोई बुरी घटना नहीं हुई है और सभी नाविक बिल्कुल सुरक्षित हैं।
सरकार की पैनी नजर, नाविकों की हो रही वापसी
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने साफ किया है कि भारत सरकार लगातार संबंधित देशों के संपर्क में है। सरकार का मुख्य लक्ष्य देश की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना और जहाजों को बिना रुके निकलने देना है।
लगातार मॉनिटरिंग: डायरेक्टरेट जनरल ऑफ शिपिंग, भारतीय दूतावास और शिपिंग मंत्रालय मिलकर हालात पर नजर रखे हुए हैं।
एक और जहाज का सफर: 'जग प्रकाश' नाम का एक और जहाज ओमान के सोहर बंदरगाह से गैसोलीन लेकर तंजानिया जा रहा है, जो 21 मार्च तक वहां पहुंच जाएगा।
नाविकों की घर वापसी: खाड़ी इलाके से भारतीयों को वापस लाने का काम भी तेजी से चल रहा है। पिछले 24 घंटे में 30 नाविक भारत लौट आए हैं। अब तक कुल 253 नाविकों को सुरक्षित घर वापस लाया जा चुका है।
बंदरगाहों पर LPG जहाजों को मिल रही है प्राथमिकता
तनाव के बावजूद देश के बंदरगाहों पर काम एकदम नॉर्मल चल रहा है। घरेलू बाजार में गैस की सप्लाई बनी रहे, इसके लिए सभी बड़े बंदरगाहों को निर्देश दिए गए हैं कि LPG लेकर आ रहे जहाजों को सबसे पहले जगह (बर्थिंग) दी जाए। इसी के तहत दुनिया भर से आए 6 LPG जहाजों को पहले बर्थ दी गई है और 6 अन्य जहाजों को सुरक्षित लंगर की जगह मुहैया कराई गई है।
गैस की कोई कमी नहीं, पैनिक बुकिंग से बचें लोग
इस समय लोगों के बीच गैस खत्म होने की अफवाह से घबराहट फैल गई है। पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने स्पष्ट किया कि देश में LPG की कोई कमी नहीं है, लेकिन लोग डर के कारण जरूरत से ज्यादा बुकिंग कर रहे हैं। कल तक देशभर में करीब 7.5 से 7.6 मिलियन बुकिंग चल रही थीं, जो अचानक बढ़कर 8.8 मिलियन तक पहुंच गई हैं। सुजाता शर्मा ने भरोसा दिलाया कि देश की रिफाइनरी पूरी क्षमता से काम कर रही हैं। हमारे पास पर्याप्त क्रूड ऑयल मौजूद है। पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल-डीजल भरपूर मात्रा में है। इसके अलावा, कमर्शियल ग्राहकों की परेशानी दूर करने के लिए उन्हें पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) पर शिफ्ट किया जा रहा है। गेल (GAIL) ने गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों से कहा है कि जहां भी मुमकिन हो, वहां ग्राहकों को तुरंत पीएनजी कनेक्शन दिए जाएं।
कुल मिलाकर, भले ही दुनिया के एक हिस्से में तनाव हो, लेकिन भारत की ऊर्जा सुरक्षा और गैस सप्लाई पूरी तरह से सुरक्षित हाथों में है। सरकार और संबंधित विभाग हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं, इसलिए आम जनता को घबराने या पैनिक बुकिंग करने की कोई जरूरत नहीं है।

