LPG Shortage India: पश्चिम एशिया संकट के कारण भारत में LPG की भारी कमी हो गई है। सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए PNG कनेक्शन वाले घरों में LPG सिलेंडर रखने और रिफिल लेने पर रोक लगा दी है। साथ ही सिलेंडर बुकिंग के नियमों में भी बदलाव किया गया है। पूरी जानकारी के लिए यहाँ पढ़ें।
नई दिल्ली, 15 मार्चः अगर आपके घर में पाइप वाली गैस यानी PNG कनेक्शन लगा है, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध और तनाव का असर अब सीधे आपकी रसोई तक पहुंच गया है। केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए साफ कर दिया है कि जिन घरों में PNG की सुविधा है, वे अब LPG सिलेंडर का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे।
क्या है सरकार का नया आदेश?
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 14 मार्च को एक नई अधिसूचना जारी की है। इसके मुताबिक, जिन घरेलू उपभोक्ताओं के पास पहले से PNG कनेक्शन मौजूद है, उन्हें अपना LPG कनेक्शन तुरंत सरेंडर करना होगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि ऐसे उपभोक्ता अब न तो नया सिलेंडर ले पाएंगे और न ही पुराने सिलेंडर की रिफिल बुकिंग करा सकेंगे। सरकारी तेल कंपनियों और डिस्ट्रीब्यूटर्स को भी इस बारे में सख्त निर्देश दे दिए गए हैं।
आखिर क्यों लेना पड़ा यह फैसला?
इस कड़े फैसले के पीछे की सबसे बड़ी वजह पश्चिम एशिया (Middle East) में चल रहा संकट है। भारत अपनी जरूरत का लगभग 90 प्रतिशत LPG इन्हीं देशों से आयात करता है। ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते टकराव की वजह से ईरान ने 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) को बंद कर दिया है। यह समुद्री रास्ता दुनिया के लिए गैस और तेल की सप्लाई की लाइफलाइन है। इस रास्ते के बंद होने से भारत तक आने वाली गैस की खेप रुक गई है, जिससे देश में सप्लाई का संकट खड़ा हो गया है।
बुकिंग के नियमों में भी हुआ बदलाव
गैस की कमी को देखते हुए सरकार ने सिलेंडर रिफिल के नियमों को भी कड़ा कर दिया है:
शहरी क्षेत्र: अब एक सिलेंडर मिलने के बाद अगली बुकिंग के लिए आपको 21 के बजाय 25 दिन का इंतजार करना होगा।
ग्रामीण क्षेत्र: यहाँ यह समय सीमा बढ़ाकर 45 दिन कर दी गई है।
कमर्शियल उपयोग: होटल और रेस्टोरेंट जैसे व्यावसायिक स्थानों पर भी LPG की सप्लाई सीमित कर दी गई है ताकि घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जा सके।
रिफाइनरी में उत्पादन बढ़ाने की कोशिश
सप्लाई चेन टूटने के बाद सरकार ने घरेलू रिफाइनरी कंपनियों को उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। कंपनियों ने अपना उत्पादन 30 प्रतिशत तक बढ़ा भी दिया है, लेकिन मांग और सप्लाई के बीच का अंतर अभी भी बहुत बड़ा है। इसीलिए सरकार चाहती है कि जिनके पास PNG जैसा विकल्प मौजूद है, वे LPG का मोह छोड़ें ताकि उन परिवारों को सिलेंडर मिल सके जिनके पास खाना पकाने का कोई दूसरा जरिया नहीं है।
कुल मिलाकर, अगर आपके पास दोनों कनेक्शन हैं, तो अब आपको एक चुनाव करना ही होगा। सरकार का यह कदम मौजूदा ऊर्जा संकट को मैनेज करने और संसाधनों के सही बंटवारे की दिशा में उठाया गया एक बड़ा कदम है।

