Hurun Rich List 2026: हुरुन ग्लोबल रिच लिस्ट 2026: भारत में 57 नए अरबपति बने। 308 अमीरों के साथ भारत दुनिया का तीसरा बड़ा हब बना। मुकेश अंबानी एशिया में सबसे अमीर हैं।
नई दिल्ली: भारत में अमीरों की तिजोरी लगातार भर रही है और देश के अरबपतियों का क्लब पहले से कहीं ज्यादा बड़ा हो गया है। हाल ही में जारी हुई 'हुरुन ग्लोबल रिच लिस्ट 2026' के आंकड़े इस बात की गवाही दे रहे हैं। इस साल लिस्ट में भारत के 57 नए लोग शामिल हुए हैं।
इसके साथ ही देश में अरबपतियों की कुल संख्या बढ़कर 308 हो गई है। अब भारत पूरी दुनिया में चीन और अमेरिका के बाद अरबपतियों का तीसरा सबसे बड़ा घर (Hub) बन गया है।
मुकेश अंबानी का जलवा बरकरार
रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे वेल्थ के मामले में नंबर वन हैं। मुकेश अंबानी भारत के साथ-साथ पूरे एशिया के सबसे अमीर इंसान बने हुए हैं। उनकी कुल संपत्ति 9% बढ़कर करीब 9.8 लाख करोड़ रुपये हो गई है। वहीं, गौतम अडानी 7.5 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ देश के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति हैं।
टॉप 10 में अकेली महिला और पूनावाला की छलांग
इस लिस्ट में HCL टेक्नोलॉजीज की रोशनी नादर मल्होत्रा और उनका परिवार 3.2 लाख करोड़ रुपये की दौलत के साथ तीसरे नंबर पर है। खास बात यह है कि रोशनी टॉप 10 भारतीय अमीरों में इकलौती महिला हैं। इसके अलावा सीरम इंस्टीट्यूट के साइरस एस पूनावाला की संपत्ति में 44% का शानदार उछाल आया है। वे 3 लाख करोड़ रुपये के साथ चौथे स्थान पर पहुंच गए हैं।
औसत संपत्ति में चीन को पछाड़ा
भारत के लिए एक और बड़ी खुशखबरी यह है कि हमारे अरबपतियों की कुल संपत्ति लगभग 112 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। अगर औसत संपत्ति की बात करें, तो भारतीय अरबपतियों के पास औसतन 36,570 करोड़ रुपये हैं, जो चीनी अरबपतियों की औसत संपत्ति से कहीं ज्यादा है। इस साल 199 भारतीय अरबपतियों की संपत्ति बढ़ी है, जबकि 109 लोगों की दौलत या तो घटी है या उसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है।
मुंबई अभी भी ‘अमीरों का शहर'
भारत में जब भी अरबपतियों की बात होती है, तो मुंबई का नाम सबसे पहले आता है। मुंबई में इस समय 95 अरबपति रहते हैं। इस साल शहर ने 15 नए अरबपति दिए हैं, जो न्यूयॉर्क (14) और लंदन (9) से भी ज्यादा है। हालांकि, मुंबई ने एशिया की 'अरबपतियों की राजधानी' का ताज इस साल चीन के शेनझेन शहर के हाथों गंवा दिया है।
किस सेक्टर ने बनाए सबसे ज्यादा अमीर?
इस साल सबसे ज्यादा अरबपति हेल्थकेयर सेक्टर से आए हैं। इस सेक्टर ने लिस्ट में 53 नए नाम जोड़े हैं। इसके बाद इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट्स से 36 और कंज्यूमर गुड्स से 31 नए अरबपति बने हैं। वहीं एनर्जी सेक्टर में भले ही सिर्फ 8 नए लोग आए हों, लेकिन उन्होंने कुल 18.3 लाख करोड़ रुपये की वेल्थ क्रिएट की है, जो भारत के कुल अरबपतियों की दौलत का 16% है।
देश का सबसे युवा अरबपति
अगर युवाओं की बात करें, तो OYO के फाउंडर रितेश अग्रवाल भारत के सबसे कम उम्र के अरबपति हैं। मात्र 32 साल की उम्र में उनकी नेटवर्थ 14,440 करोड़ रुपये हो गई है।
हुरुन की यह रिपोर्ट साफ दिखाती है कि भारतीय अर्थव्यवस्था तेज़ी से बढ़ रही है। नए सेक्टर्स से युवाओं और नए चेहरों का अरबपति बनना इस बात का सबूत है कि भारत में बिजनेस के मौके लगातार बढ़ रहे हैं और दुनिया भर में भारत का रुतबा मजबूत हो रहा है।

