Flipkart Layoffs: फ्लिपकार्ट ने 300 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला, क्या IPO की तैयारी है असली वजह?

MoneySutraHub Team

 Flipkart layoffs 2026: फ्लिपकार्ट ने परफॉर्मेंस रिव्यू के तहत 300 कर्मचारियों की छंटनी की है। वॉलमार्ट के स्वामित्व वाली यह कंपनी लागत कम करने और IPO की तैयारी पर फोकस कर रही है।

Flipkart IPO preparation

बेंगलुरुः ई-कॉमर्स सेक्टर की दिग्गज कंपनी Flipkart ने अपने कर्मचारियों को बड़ा झटका दिया है। वॉलमार्ट (Walmart) के स्वामित्व वाली इस कंपनी ने अपने सालाना परफॉर्मेंस रिव्यू के नाम पर करीब 300 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है।


कंपनी ने इसे एक सामान्य और नियमित प्रक्रिया बताया है। लेकिन, बाजार के जानकारों का मानना है कि यह कदम सिर्फ परफॉर्मेंस तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे कई बड़ी रणनीतियां काम कर रही हैं।


हर लेवल के कर्मचारी हुए प्रभावित


रिपोर्ट्स के मुताबिक, छंटनी का असर कंपनी के कुल 20,000 से 30,000 कर्मचारियों में से लगभग 1.5% से 3% स्टाफ पर पड़ा है। हैरानी की बात यह है कि यह छंटनी सिर्फ जूनियर लेवल तक सीमित नहीं रही। मिडिल मैनेजमेंट, टेक टीम और यहां तक कि कई 'टॉप परफॉर्मर्स' भी इस छंटनी की चपेट में आ गए हैं।


जिन कर्मचारियों को निकाला गया है, उन्हें कंपनी की तरफ से दो विकल्प दिए गए हैं— या तो वे खुद इस्तीफा दे दें या फिर एक अच्छा सेवरेंस (Severance) पैकेज ले लें। इसके अलावा, कंपनी उन्हें नई नौकरी खोजने के लिए आउटप्लेसमेंट सपोर्ट और इंटरनल जॉब्स का ऑफर भी दे रही है।


आखिर फ्लिपकार्ट ने क्यों की छंटनी?


इस बड़े कदम के पीछे कुछ खास कारण सामने आ रहे हैं:


IPO की तैयारी: कंपनी भारत में अपना IPO लाने की तैयारी कर रही है, जो 2026 के अंत या 2027 की शुरुआत में आ सकता है। निवेशकों को कंपनी फायदे में दिखे, इसके लिए खर्चों को कम किया जा रहा है।


बजट का दबाव: वॉलमार्ट ने फ्लिपकार्ट के 2026 के बजट को रिजेक्ट कर दिया था। इसके बाद से ही कंपनी पर प्रॉफिट दिखाने का भारी दबाव है।


कड़ी टक्कर और डिस्काउंट वॉर: Amazon और मीशो (Meesho) जैसे प्रतिद्वंद्वियों से फ्लिपकार्ट को कड़ी चुनौती मिल रही है। भारी डिस्काउंट के चलते कंपनी का प्रॉफिट मार्जिन काफी गिर गया है।


रीस्ट्रक्चरिंग: कुछ समय पहले फ्लिपकार्ट ने अपनी सब्सिडियरी ANS Commerce को भी बंद कर दिया था और पूरी टीम को निकाल दिया था। कंपनी खुद को ज्यादा चुस्त-दुरुस्त बनाना चाहती है।


कर्मचारियों में डर का माहौल


भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम में छंटनी का यह ट्रेंड अब आम होता जा रहा है। फ्लिपकार्ट ने इससे पहले 2023 और 2025 (अनुमानित) के लिए भी कटौतियों का जिक्र किया है। मीशो, जो इसी ग्रुप का हिस्सा है, वह तेजी से आगे बढ़ रही है, लेकिन फ्लिपकार्ट का मुख्य प्लेटफॉर्म अभी भी संघर्ष कर रहा है।


फ्लिपकार्ट ने अपने आधिकारिक बयान में कहा है कि वे कर्मचारियों के इस ट्रांजिशन को आसान बनाने की पूरी कोशिश करेंगे। हालांकि, इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स का कहना है कि आने वाले महीनों में कंपनी के अंदर कुछ और बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। अब सवाल यह उठता है कि क्या इन कर्मचारियों को निकालने से फ्लिपकार्ट को वह स्थायी ग्रोथ मिल पाएगी, जिसकी उसे तलाश है?


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