Israel-US Iran War: इजरायल के PM नेतन्याहू ने ईरान पर सैन्य कार्रवाई को दुनिया की शांति का रास्ता बताया है। उन्होंने ट्रंप की तारीफ करते हुए कहा कि यह अंतहीन युद्ध नहीं है।

Israel-US Iran War: इजरायल के PM नेतन्याहू ने ईरान पर सैन्य कार्रवाई को दुनिया की शांति का रास्ता बताया है।
नई दिल्ली: इजरायल और ईरान के बीच तनाव अपने चरम पर है। 28 फरवरी को अमेरिकी-इजरायली हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद हालात और भी ज्यादा बिगड़ गए हैं। मंगलवार, 3 मार्च को इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दुनिया को स्पष्ट संदेश दिया कि ईरान के खिलाफ चल रहा सैन्य अभियान कोई 'कभी न खत्म होने वाला युद्ध' नहीं है, बल्कि यह मिडिल ईस्ट और पूरी दुनिया में स्थायी शांति लाने का एक ठोस कदम है। नेतन्याहू ने इस अभियान में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सहयोग की जमकर तारीफ की। 'ऑपरेशन रोरिंग लॉयन' के चौथे दिन नेतन्याहू ने बेत शेमेश इलाके का दौरा किया, जहां ईरानी मिसाइल हमले में 9 लोगों की जान चली गई थी। उन्होंने साफ किया कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम सिर्फ इजरायल या अमेरिका के लिए नहीं, बल्कि पूरे यूरोप और दुनिया के लिए एक बड़ा खतरा है जिसे खत्म करना जरूरी है।
मिडिल ईस्ट में हालात दिन-ब-दिन गंभीर होते जा रहे हैं। 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी। इसके बाद से ईरान बौखलाया हुआ है और खाड़ी में अमेरिकी ठिकानों पर लगातार पलटवार कर रहा है। इसी बीच मंगलवार, 3 मार्च को इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक बड़ा बयान देकर दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।
नेतन्याहू ने साफ शब्दों में कहा है कि ईरान के खिलाफ छेड़ा गया यह मिलिट्री कैंपेन कोई कभी न खत्म होने वाला युद्ध नहीं है। बल्कि यह आने वाले समय में शांति और स्थिरता कायम करने का एक पक्का रास्ता है।
‘हमले तेज और निर्णायक होंगे'
इजरायली पीएम ने भरोसा जताया है कि यह युद्ध सालों तक नहीं खिंचेगा। उनका कहना है कि ईरान पर अमेरिकी-इजरायली हमले अब पहले से ज्यादा तेज और निर्णायक होंगे। नेतन्याहू के मुताबिक, इस कार्रवाई में कुछ समय जरूर लग सकता है, लेकिन यह कई सालो चलने वाला युद्ध नहीं है। जब पत्रकारों ने उनसे पूछा की क्या उन्हें इस अशांत इलाके में शांति का कोई रास्ता नजर आता है, तो उन्होंने बड़े विश्वास के साथ जवाब दिया- "हां, मुझे दिखता है।"
डोनाल्ड ट्रंप की जमकर की तारीफ
इस पूरे अभियान में अमेरिका के साथ को नेतन्याहू ने बेहद अहम बताया। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तारीफों के पुल बांधते हुए कहा कि ट्रंप के साथ मिलकर उठाए गए कदमों से क्षेत्रीय स्थिरता और शांति समझौतों के बड़े रास्ते खुलेंगे। नेतन्याहू ने याद दिलाया कि ट्रंप के साथ मिलकर उन्होंने पहले भी कई बड़ी कूटनीतिक (Diplomatic) सफलताएं हासिल की हैं।
‘ऑपरेशन रोरिंग लॉयन' और बेत शेमेश पर हमला
ईरान ने रविवार को इजरायल के बेत शेमेश इलाके में भयंकर बैलिस्टिक मिसाइल हमला किया था। यह इलाका यरूशलम से करीब 35 किलोमीटर दूर है। इस हमले में एक रिहायशी इलाके में मिसाइल गिरने से 9 लोगों की मौत हो गई और 20 से ज्यादा लोग बुरी तरह घायल हो गए।
नेतन्याहू ने इस हमले के बाद प्रभावित इलाके का दौरा किया। उन्होंने बताया कि यह 'ऑपरेशन रोरिंग लॉयन' का चौथा दिन है। उन्होंने कहा, "हमारी सेना और सरकार ने अपने दोस्त अमेरिका और राष्ट्रपति ट्रंप के साथ मिलकर यह बड़ा अभियान शुरू किया है। इसका मकसद इजरायल के वजूद पर मंडरा रहे खतरे को हमेशा के लिए मिटाना है।"
पूरी दुनिया के लिए खतरा है ईरान: नेतन्याहू
इजरायली पीएम ने दुनिया को आगाह करते हुए कहा कि ईरान की धमकियां सिर्फ अमेरिका और इजरायल तक सीमित नहीं हैं।
यूरोप पर भी नजर: ईरान ने साइप्रस में मौजूद ब्रिटेन के एक सैन्य ठिकाने पर भी हमला किया है।
खतरनाक इरादे: नेतन्याहू ने कहा, "ईरान के लोग 'इजरायल मुर्दाबाद, अमेरिका मुर्दाबाद' के नारे लगाते हैं, यही उनका असली लक्ष्य है। वे यूरोप को भी अपना निशाना बनाएंगे।"
परमाणु हथियार का डर: अगर ईरान जैसी आतंकवादी सोच वाली सरकार के हाथ परमाणु हथियार और इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलें लग गईं, तो पूरी दुनिया खतरे में आ जाएगी।
नेतन्याहू ने अपने बयान से यह साफ कर दिया है कि इजरायल सिर्फ अपनी ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की सुरक्षा के लिए यह लड़ाई लड़ रहा है। अब देखना यह है कि अमेरिका और इजरायल का यह 'शांति मिशन' मिडिल ईस्ट की तस्वीर को किस तरह बदलता है।
