Share Market Rally Reasons: शेयर बाजार में आज जबरदस्त उछाल देखने को मिला। सेंसेक्स 1500 अंक और निफ्टी 470 अंक से ज्यादा चढ़कर बंद हुए। जानें ईरान-अमेरिका तनाव में कमी और कच्चे तेल की गिरती कीमतों ने कैसे बाजार का मूड बदल दिया।
मुंबई, 25 मार्चः भारतीय शेयर बाजार के लिए आज का दिन खुशियों की सौगात लेकर आया। पिछले कुछ दिनों की सुस्ती और उतार-चढ़ाव के बाद, दलाल स्ट्रीट पर आज खरीदारों का दबदबा रहा। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही इंडेक्स में जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली और यह तेजी इतनी व्यापक थी कि बाजार का लगभग हर कोना हरे निशान में चमक रहा था। निवेशकों के चेहरे पर रौनक लौटने की सबसे बड़ी वजह वैश्विक स्तर पर तनाव कम होने की खबरें रहीं।
बाजार का ताज़ा हाल: आंकड़ों की जुबानी
कारोबार के दौरान सेंसेक्स ने अपनी रफ्तार से सबको चौंका दिया। सुबह 11:04 बजे तक सेंसेक्स 1500.48 अंकों यानी 2.03% की भारी बढ़त के साथ 75,568.93 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, निफ्टी 50 भी पीछे नहीं रहा और 473.80 अंकों यानी 2.07% के उछाल के साथ 23,386.20 के आंकड़े को पार कर गया। यह बढ़त दिखाती है कि निवेशकों का भरोसा बाजार में फिर से लौट रहा है।
बाजार की इस हरियाली में सबसे दिलचस्प बात यह रही कि मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी निवेशकों ने जमकर पैसे लगाए। आमतौर पर जब बड़े इंडेक्स चलते हैं, तो छोटे शेयर पीछे छूट जाते हैं, लेकिन आज चौतरफा खरीदारी का माहौल था। निफ्टी 50 के 50 शेयरों में से केवल एक शेयर, टेक महिंद्रा, लाल निशान में कारोबार कर रहा था। बाकी 49 शेयरों ने तेजी का साथ दिया।
इन 4 बड़े कारणों ने बाजार में भरी जान
बाजार में आई इस अचानक तेजी के पीछे कोई एक वजह नहीं है, बल्कि कई सकारात्मक खबरों का मेल है। आइए विस्तार से समझते हैं कि वे कौन से चार बड़े कारण हैं जिन्होंने मार्केट का सेंटिमेंट बदल दिया।
1. अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर की उम्मीद
वैश्विक राजनीति में आए एक सकारात्मक मोड़ ने बाजार को सबसे ज्यादा सहारा दिया। न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को संकेत दिए कि ईरान के साथ जारी संघर्ष को खत्म करने पर काम चल रहा है। खबर तो यहां तक है कि ईरान को एक समझौता प्रस्ताव भी भेजा जा चुका है। हालांकि ईरान ने अभी आधिकारिक तौर पर सीधी बातचीत की पुष्टि नहीं की है, लेकिन बातचीत की सुगबुगाहट ने ही निवेशकों को राहत दी है।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार का मानना है कि अगर ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम होता है, तो होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) जैसे महत्वपूर्ण व्यापारिक रास्तों से तेल की आवाजाही सुरक्षित हो जाएगी। इससे ग्लोबल सप्लाई चेन की चिंताएं खत्म होंगी और बाजार में स्थिरता आएगी।
2. कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट
भारत जैसे देश के लिए, जो अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, कच्चे तेल के दाम गिरना किसी लॉटरी से कम नहीं है। वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड आज 4.34% टूटकर 99.95 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। काफी समय बाद तेल की कीमतें 100 डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे आई हैं।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि तेल की कीमतों में यह गिरावट सीधे तौर पर मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने की उम्मीदों से जुड़ी है। जब तेल सस्ता होता है, तो भारत का व्यापार घाटा कम होता है और महंगाई पर नियंत्रण पाने में मदद मिलती है। इसी उम्मीद ने आज पेंट, एविएशन और टायर जैसे सेक्टर के शेयरों में जान फूंक दी।
3. मजबूत वैश्विक संकेतों का साथ
भारतीय बाजार कभी भी अलग-थलग होकर काम नहीं करता। आज एशियाई बाजारों में भी जोरदार तेजी देखी गई, जिसका सीधा असर हमारे घरेलू मार्केट पर पड़ा। जब डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ बातचीत की मेज पर आने के संकेत दिए, तो दुनिया भर के निवेशकों को लगा कि अब जोखिम कम हो रहा है। अमेरिकी बाजार से मिले अच्छे संकेतों ने भारतीय ट्रेडर्स को विश्वास दिया कि वे नई पोजीशन बना सकते हैं।
4. इंडिया विक्स (India VIX) में गिरावट
बाजार में डर को मापने वाला पैमाना इंडिया विक्स आज 0.31% गिरकर 24.66 के स्तर पर आ गया। जब इंडिया विक्स नीचे आता है, तो इसका मतलब होता है कि बाजार में अस्थिरता या वोलैटिलिटी कम हो रही है। कम वोलैटिलिटी का मतलब है कि निवेशक अब घबरा नहीं रहे हैं और वे लंबी अवधि के लिए निवेश करने को तैयार हैं। डर का सूचकांक गिरना हमेशा बुल्स यानी तेजड़ियों के लिए अच्छा संकेत माना जाता है।
निफ्टी का अगला पड़ाव क्या होगा?
तेजी के इस माहौल में अब हर किसी के मन में यह सवाल है कि क्या यह बढ़त जारी रहेगी? जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स के चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट आनंद जेम्स के अनुसार, निफ्टी अब 23,350 से 23,800 के स्तर की ओर बढ़ने की कोशिश कर सकता है। हालांकि, बाजार सीधे ऊपर नहीं जाएगा, बल्कि 23,000 के आसपास थोड़ा ठहर सकता है या कंसालिडेट हो सकता है।
टेक्निकल चार्ट्स पर नजर डालें तो जब तक निफ्टी 22,640 के ऊपर बना हुआ है, तब तक घबराने की जरूरत नहीं है। 22,800 का स्तर खरीदारी के लिए एक अच्छा सपोर्ट ज़ोन साबित हो सकता है। अगर निफ्टी इस स्तर के नीचे जाता है, तभी तेजी का यह सिलसिला कमजोर पड़ेगा।
आज की तेजी ने यह साबित कर दिया है कि बाजार हमेशा अनिश्चितताओं के बीच अवसर ढूंढता है। वैश्विक शांति की छोटी सी उम्मीद भी बड़े निवेश को आमंत्रित करती है। हालांकि, रिटेल निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे केवल तेजी देखकर किसी भी शेयर में न कूदें। क्वालिटी शेयरों पर ध्यान दें और गिरावट पर धीरे-धीरे खरीदारी की रणनीति अपनाएं। बाजार में रौनक लौटी है, लेकिन सतर्कता हमेशा जरूरी है।
डिस्क्लेमर: यहां पर दिए गए विचार और इन्वेस्टमेंट सलाह इन्वेस्टमेंट प्रोफेशनल्स के अपने विचार और सलाह हैं। MoneysutraHub.in यूज़र्स को सलाह देता है कि कोई भी इन्वेस्टमेंट का फैसला लेने से पहले किसी सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें।





