SIP Calculator: हर महीने 5,000 जमा करके बनाएं लाखों का फंड, 20 साल में मिलेगा इतना मोटा रिटर्न

MoneySutraHub Team

 Mutual Fund Investment: क्या आप जानते हैं कि हर महीने 5,000 की SIP से आप 20 साल में कितना बड़ा फंड बना सकते हैं? जानिए 12% और 15% रिटर्न का पूरा गणित और आज ही बनाइए अपने भविष्य की योजना।

Mutual Fund Investment: घरेलू शेयर बाजार और SIP का क्रेज


मुंबईः शेयर बाजार में आज-कल काफी उथल-पुथल मची हुई है। हाल ही में बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली, जहां सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान पर कारोबार करते नजर आए। लेकिन हैरानी की बात यह है कि इस उतार-चढ़ाव के बावजूद भारतीय निवेशकों का भरोसा डगमगाया नहीं है। लोग म्यूचुअल फंड्स और खासकर ‘सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान’ यानी SIP में जमकर पैसा लगा रहे हैं। अगर आप भी छोटी रकम से शुरुआत करके भविष्य में एक बड़ा फंड बनाना चाहते हैं, तो यह खबर आपके काम की है।


आज हम आपको बताएंगे कि अगर आप हर महीने मात्र 5,000 रुपये की SIP शुरू करते हैं, तो अगले 20 सालों में आपके पास कितना पैसा इकट्ठा हो सकता है।


5,000 की मंथली SIP का पूरा गणित (SIP Calculation)


SIP का सबसे बड़ा जादू 'कंपाउंडिंग' में छिपा होता है। आप जितना लंबा निवेश करेंगे, फायदा उतना ही बड़ा होगा। मान लीजिए आप हर महीने 5,000 रुपये जमा करते हैं, तो 20 साल में आपकी जेब से कुल निवेश 12 लाख रुपये का होगा। अब रिटर्न के हिसाब से देखते हैं कि आपको अंत में कितना पैसा मिलेगा:


अगर 12% का रिटर्न मिले:


आमतौर पर लॉन्ग टर्म में म्यूचुअल फंड्स से 12% का औसत रिटर्न उम्मीद की जाती है। इस हिसाब से 20 साल बाद आपका फंड लगभग 46 लाख रुपये का हो जाएगा। इसमें आपका निवेश 12 लाख रुपये और मुनाफा करीब 34 लाख रुपये होगा।


अगर 15% का रिटर्न मिले:


अगर बाजार अच्छा प्रदर्शन करता है और आपको 15% का सालाना रिटर्न मिलता है, तो आपकी रकम काफी बढ़ जाएगी। इस स्थिति में 20 साल बाद आपके पास करीब 66.35 लाख रुपये का फंड तैयार होगा। यानी 12 लाख के निवेश पर आपको करीब 54.35 लाख रुपये का सीधा मुनाफा हो सकता है।


निवेश से पहले इन बातों को न भूलें


SIP शुरू करने से पहले यह समझना जरूरी है कि म्यूचुअल फंड का रिटर्न पूरी तरह शेयर बाजार की चाल पर निर्भर करता है।


रिटर्न की गारंटी नहीं: बाजार में तेजी होने पर आपको बंपर रिटर्न मिल सकता है, लेकिन गिरावट के समय रिटर्न कम भी हो सकता है।


लॉन्ग टर्म निवेश: जानकारों का मानना है कि लंबे समय (Long Term) तक निवेश बनाए रखने से नुकसान का जोखिम काफी कम हो जाता है।


टैक्स: एसआईपी से होने वाली कमाई पर आपको नियमों के मुताबिक कैपिटल गेन्स टैक्स भी देना पड़ता है।


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Disclaimer: यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी के लिए है। म्यूचुअल फंड में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार (Financial Advisor) से राय जरूर लें।


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