Millionaire Migration: क्या भारत के रईसों का मन अपने देश से भर गया है? एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल 3,500 भारतीय करोड़पतियों ने देश छोड़ दिया है। जानिए आखिर ब्रिटेन, चीन और भारत के अमीर अपना वतन छोड़कर दुबई और अमेरिका क्यों भाग रहे हैं।

Millionaire Migration: भारत के रईसों का 'मोहभंग'?
अहमदाबाद: क्या आपने कभी सोचा है कि जिनके पास देश में दौलत की कोई कमी नहीं है, वे अचानक अपना वतन छोड़कर विदेश में बसने का फैसला क्यों कर रहे हैं? हाल ही में आई एक रिपोर्ट ने सबको चौंका दिया है। यह सिर्फ घर बदलने की बात नहीं है, बल्कि यह पैसा, पावर और भविष्य को सुरक्षित करने की एक बड़ी कवायद है। रिपोर्ट बताती है कि दुनिया के बड़े-बड़े देशों से अमीरों का पलायन (Migration) तेजी से बढ़ा है और दुर्भाग्य से, भारत भी इस लिस्ट में टॉप 3 देशों में शामिल है।
दुनियाभर में भगदड़, 1.42 लाख अमीर हुए शिफ्ट
ताजा आंकड़े बताते हैं कि पिछले साल पूरी दुनिया में करीब 1.42 लाख ऐसे लोगों ने अपना देश छोड़ा, जिन्हें हम हाई-नेटवर्थ इंडिविजुअल्स (HNWIs) या आसान भाषा में 'सुपर रिच' कहते हैं। इन लोगों ने अपना जमा-जमाया कारोबार और घर छोड़कर दूसरे देशों की नागरिकता या रेजिडेंसी लेना बेहतर समझा।
कौन से देश छोड़ रहे हैं अमीर?
इस लिस्ट में सबसे बुरा हाल ब्रिटेन (UK) का है। वहां की गिरती अर्थव्यवस्था और बढ़ते टैक्स के बोझ ने अमीरों की कमर तोड़ दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल ब्रिटेन से सबसे ज्यादा 16,500 रईसों ने विदाई ली। इससे पहले 2024 के आंकड़ों में भी 10,800 लोगों के देश छोड़ने की बात सामने आई थी।
दूसरे नंबर पर हमारा पड़ोसी चीन है, जहां से 7,800 अमीर निकल गए। वहीं, भारत इस लिस्ट में तीसरे नंबर पर है। पिछले साल भारत से करीब 3,500 करोड़पतियों ने अपना बोरिया-बिस्तर समेटा और विदेशों में जा बसे। इसके अलावा रूस, ब्राजील और साउथ कोरिया से भी अमीर लोग तेजी से निकल रहे हैं।
आखिर क्यों भाग रहे हैं ये धनकुबेर?
अब सवाल यह है कि आखिर अपने देश में क्या कमी रह गई? रिपोर्ट में इसकी कुछ साफ वजहें बताई गई हैं:
टैक्स का बोझ: अमीर वहां जाना चाहते हैं जहां उन्हें अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा टैक्स में न देना पड़े।
सख्त नियम: हाई टैक्स के साथ-साथ कड़े सरकारी नियम और बिजनेस करने में आती दिक्कतों से लोग परेशान हैं।
लाइफस्टाइल और सुरक्षा: बेहतर जीवनशैली, बच्चों की पढ़ाई और राजनीतिक स्थिरता भी बड़े कारण हैं।
दुबई बना सबकी पहली पसंद
भारत और दुनिया से जाने वाले इन अमीरों का नया ठिकाना कौन सा है? इसका जवाब है- यूनाइटेड अरब अमीरात (UAE)। दुबई और अबू धाबी जैसे शहर रईसों के चुंबक बन गए हैं। सबसे बड़ा कारण है वहां की 'जीरो इनकम टैक्स' पॉलिसी। पिछले साल अकेले यूएई में 9,800 नए करोड़पति जाकर बस गए।
इसके बाद दूसरे नंबर पर अमेरिका है, जहां 7,500 अमीरों ने अपना नया घर बनाया। इसके अलावा सिंगापुर, स्विट्जरलैंड, इटली और सऊदी अरब भी अमीरों को खूब लुभा रहे हैं।
भारत के लिए क्या है संकेत?
विशेषज्ञों का कहना है कि 3,500 अमीरों का जाना चिंता का विषय तो है, लेकिन सब कुछ निगेटिव नहीं है। यह पलायन बताता है कि लोग अपना पैसा सुरक्षित रखना चाहते हैं। हालांकि, राहत की बात यह है कि भारत में नए अमीर भी तेजी से बन रहे हैं और यहां का स्टार्टअप इकोसिस्टम अभी भी दुनिया के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। लेकिन यह ट्रेंड सरकार के लिए एक इशारा जरूर है कि टैक्स और निवेश के माहौल को और बेहतर बनाने की जरूरत है।
