Share Market Crash: निवेशकों के 7 लाख करोड़ रुपये स्वाहा! Sensex-Nifty धड़ाम, अब 16 फरवरी को क्या होगा बाजार का हाल?

MoneySutraHub Team

 Nifty Outlook: 13 फरवरी को शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई। Sensex 1000 अंक टूटा और निवेशकों के 7 लाख करोड़ डूब गए। जानिए 16 फरवरी को बाजार की चाल कैसी रहेगी और क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स।

 

Nifty Outlook: शेयर बाजार (Share Market) के निवेशकों के लिए बीता कारोबारी सत्र किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा। दलाल स्ट्रीट पर मची अफरा-तफरी ने निवेशकों की लाखों करोड़ की दौलत एक ही झटके में साफ कर दी। 13 फरवरी को भारतीय शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन भारी बिकवाली का दबाव देखने को मिला। बाजार खुलने के साथ ही कमजोरी के संकेत मिल रहे थे, जो दिन ढलने तक एक बड़ी गिरावट में बदल गए।


खासकर आईटी सेक्टर (IT Sector) में मची हाहाकार ने बाजार का मूड पूरी तरह बिगाड़ दिया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर बढ़ती चिंताओं ने आईटी शेयरों की कमर तोड़ दी है। आलम यह रहा कि सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही महत्वपूर्ण स्तरों को तोड़कर नीचे बंद हुए। अब निवेशकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या 16 फरवरी को बाजार संभलेगा या गिरावट का यह सिलसिला और गहराएगा? आइए, विस्तार से समझते हैं बाजार का पूरा हाल और एक्सपर्ट्स की राय।


बाजार में कोहराम: लाल निशान में बंद हुए दिग्गज इंडेक्स


हफ्ते के आखिरी कारोबारी सत्रों में बाजार में जो गिरावट आई है, उसने तेजी की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। 13 फरवरी को बाजार बंद होने पर आंकड़े बेहद डराने वाले थे:


BSE Sensex: बंबई स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 1,048.16 अंकों का गोता लगाकर 1.25% की गिरावट के साथ 82,626.76 के स्तर पर बंद हुआ। 1000 अंकों से ज्यादा की यह गिरावट बाजार में पैनिक का साफ संकेत है।


Nifty 50: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी अछूता नहीं रहा। निफ्टी 336.10 अंक यानी 1.30% टूटकर 25,471.10 पर क्लोज हुआ।

पूरे हफ्ते का लेखा-जोखा देखें तो स्थिति और भी चिंताजनक लगती है। इस एक हफ्ते के भीतर BSE सेंसेक्स में कुल 1.1% की गिरावट आई है, जबकि निफ्टी इंडेक्स 0.9% कमजोर हुआ है। यह लगातार दूसरा सत्र था जब बाजार लाल निशान में गहराई तक जाकर बंद हुआ।


IT सेक्टर में 'ब्लड बाथ': AI की चिंता ने बढ़ाई मुश्किलें


इस गिरावट का सबसे बड़ा विलेन अगर कोई रहा, तो वह है आईटी सेक्टर। बाजार के जानकारों का कहना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते प्रभाव और भविष्य में इसके असर को लेकर डर का माहौल है। इन्वेस्टर्स को लग रहा है कि AI के कारण पारंपरिक आईटी कंपनियों के बिजनेस मॉडल पर बुरा असर पड़ सकता है।


इसी डर के चलते आईटी स्टॉक्स (IT Stocks) में अंधाधुंध बिकवाली देखने को मिली। यह लगातार तीसरा सेशन था जब आईटी शेयरों की पिटाई हुई। आंकड़ों पर नजर डालें तो निफ्टी आईटी इंडेक्स (Nifty IT Index) इस हफ्ते 9% तक टूट चुका है। यह गिरावट कितनी बड़ी है, इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि अप्रैल 2025 के बाद यह आईटी इंडेक्स की सबसे बड़ी साप्ताहिक (Weekly) गिरावट है।


जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार ने इस पर अपनी राय रखते हुए कहा कि आईटी सेक्टर 'इंडिया इंक' (भारतीय कॉरपोरेट जगत) का एक बहुत बड़ा प्रॉफिट पूल यानी मुनाफे का गढ़ है। जब इन शेयरों में भारी बिकवाली आती है, तो उसका सीधा असर पूरे बाजार के सेंटिमेंट पर पड़ता है। उन्होंने चेतावनी दी है कि AI से जुड़े जो झटके हाल ही में लगे हैं, उनका पूरा असर अभी इस सेक्टर पर दिखना बाकी है। इसका मतलब है कि आने वाले दिनों में भी आईटी शेयरों में दबाव बना रह सकता है।


छोटे और मंझोले शेयरों की शामत: मिडकैप-स्मॉलकैप भी धड़ाम


अक्सर देखा जाता है कि जब बड़े शेयर गिरते हैं, तो छोटे शेयर और भी तेजी से गिरते हैं। 13 फरवरी को भी कुछ ऐसा ही हुआ। गिरावट सिर्फ लार्ज कैप तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसका दायरा छोटे और मंझोले शेयरों तक फैला हुआ था।


निफ्टी मिडकैप इंडेक्स: इसमें लगभग 2% की भारी गिरावट दर्ज की गई।


निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स: स्मॉलकैप शेयरों में भी 2% के आसपास की कमजोरी देखने को मिली।


रिटेल इन्वेस्टर्स (खुदरा निवेशक) आमतौर पर मिडकैप और स्मॉलकैप में ज्यादा पैसा लगाते हैं, इसलिए इस गिरावट की सबसे ज्यादा मार उन पर ही पड़ी है।


डर का मीटर 'India VIX' आसमान पर


शेयर बाजार में डर को मापने वाला पैमाना यानी India VIX (वोलेटिलिटी इंडेक्स) खतरे की घंटी बजा रहा है। 13 फरवरी के सत्र में इंडिया VIX 13% से ज्यादा उछल गया और वापस 13 के अहम निशान के ऊपर चला गया।


तकनीकी रूप से देखें तो VIX का बढ़ना यह बताता है कि आने वाले दिनों में बाजार में भारी उतार-चढ़ाव रह सकता है। LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे ने बताया कि इंडिया VIX अब अपने 200-दिन के मूविंग एवरेज (200DMA) से ऊपर चला गया है। यह साफ दर्शाता है कि मार्केट पार्टिसिपेंट्स (बाजार के खिलाड़ियों) के बीच डर बढ़ रहा है और वे नर्वस हैं।


एक ही दिन में 7 लाख करोड़ रुपये स्वाहा


इस गिरावट का सबसे दर्दनाक पहलू निवेशकों को हुआ नुकसान है। BSE पर लिस्टेड सभी कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन (Market Cap) 13 फरवरी को भारी नुकसान में रहा।


पिछले सेशन में मार्केट कैप 472 लाख करोड़ रुपये था। गिरावट के बाद यह घटकर 465 लाख करोड़ रुपये रह गया। इसका सीधा मतलब है कि निवेशकों की संपत्ति में से एक ही दिन में लगभग 7 लाख करोड़ रुपये साफ हो गए। यह एक बहुत बड़ा आंकड़ा है जो बाजार की कमजोरी की गंभीरता को बयान करता है।


16 फरवरी के लिए क्या है आउटलुक? (Market Outlook)


अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब 16 फरवरी (या अगले कारोबारी सत्र) को बाजार खुलेगा, तो उसकी चाल कैसी रहेगी? क्या यह गिरावट रुकेगी या बाजार और नीचे जाएगा? आइए जानते हैं दिग्गज एक्सपर्ट्स क्या सलाह दे रहे हैं।


1. LKP सिक्योरिटीज का नजरिया: "सावधानी जरूरी है"


LKP सिक्योरिटीज के रूपक डे का कहना है कि मार्केट का टेक्निकल सेटअप अब काफी सतर्क (Cautious) हो गया है। उन्होंने कुछ अहम तकनीकी बिंदुओं पर प्रकाश डाला:


निफ्टी गैप-डाउन खुला: यूएस मार्केट से मिले नेगेटिव संकेतों के बाद आईटी स्टॉक्स की कमजोरी ने निफ्टी को गैप-डाउन (नीचे) ओपनिंग दी।


अहम सपोर्ट टूटा: इंडेक्स ने पिछले कुछ सत्रों में पहली बार अपने 20-दिन के मूविंग एवरेज (20DMA) के नीचे क्लोजिंग दी है, जो कमजोरी का संकेत है।


फिबोनाची रिट्रेसमेंट: निफ्टी ने अपनी पिछली बढ़त (24,571 से 26,341 तक की रैली) के 38.2% फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल को तोड़ दिया है।


अगला टारगेट: निफ्टी 25,500 के अहम सपोर्ट के नीचे बंद हुआ है। शॉर्ट टर्म में यह 25,000 की तरफ गिर सकता है। ऊपर की तरफ अब 25,800 पर एक तत्काल रेजिस्टेंस (रुकावट) बन गया है।


2. जियोजित इन्वेस्टमेंट्स की राय: "बाजार बेयरिश मोड में"


जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट आनंद जेम्स का मानना है कि शुरुआत में बाजार में 'बेयरिश बायस' (मंदी का झुकाव) रहने की उम्मीद है।


टेस्टिंग रेंज: निफ्टी हफ्ते की शुरुआत में दिखी 25,700–26,220 की रेंज के निचले सिरे को टेस्ट कर सकता है।


सपोर्ट लेवल्स: उनके मुताबिक, तत्काल सपोर्ट 25,500 पर है। अगर यह टूटता है और कमजोरी जारी रहती है, तो अगला बड़ा सपोर्ट 24,571 पर देखने को मिल सकता है।


तेजी कब आएगी? 


आनंद जेम्स का कहना है कि अगर निफ्टी 25,750 के ऊपर जाता है तो मंदी का दबाव थोड़ा कम होगा। लेकिन बाजार में असली तेजी का माहौल तभी बनेगा जब इंडेक्स 25,830–25,900 के ज़ोन को वापस हासिल कर लेगा।


3. इन्वेस्टर्स के लिए सलाह


एक्सपर्ट्स की बातों का सार यही है कि बाजार में फिलहाल उथल-पुथल मची हुई है। वीके विजयकुमार के अनुसार, भले ही बीच-बीच में अच्छे मौके मिलें, लेकिन निवेशकों में घबराहट बनी रहेगी। आईटी शेयरों का दबाव अभी खत्म नहीं हुआ है।


16 फरवरी को बाजार पर नजर रखने वालों के लिए 25,000 और 25,500 का लेवल बेहद अहम होगा। अगर ग्लोबल संकेत (US Market) सुधरते हैं, तो थोड़ी राहत मिल सकती है, वरना चार्ट्स पर कमजोरी के संकेत साफ दिखाई दे रहे हैं। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे गिरते बाजार में जल्दबाजी न करें और 'वेट एंड वॉच' (Wait and Watch) की रणनीति अपनाएं। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से बात जरूर करें।


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डिस्क्लेमर: यह खबर केवल सूचना के उद्देश्य से लिखी गई है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। किसी भी तरह का ट्रेड या निवेश करने से पहले अपने सर्टिफाइड फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह अवश्य लें।


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