Zimbabwe vs Australia T20 World Cup: T20 वर्ल्ड कप में बड़ा उलटफेर! जिम्बाब्वे ने मजबूत ऑस्ट्रेलिया को 23 रनों से हराकर सबको चौंका दिया। ब्रायन बेनेट और मुजारबानी के शानदार प्रदर्शन के आगे ऑस्ट्रेलियाई शेर ढेर हो गए। पढ़िए मैच की पूरी रिपोर्ट और रोमांचक पल।
जिम्बाब्वे ने एक बड़ा 'मेजर अपसेट' (Major Upset) करते हुए ऑस्ट्रेलिया जैसी दिग्गज टीम को 23 रनों से हरा दिया है। इस मैच में ऑस्ट्रेलिया की बल्लेबाजी ताश के पत्तों की तरह बिखर गई और जिम्बाब्वे के जोश के आगे कंगारू टीम ने घुटने टेक दिए। आइए जानते हैं इस रोमांचक मुकाबले की पूरी कहानी।
बड़ी टीमों के पसीने छुड़ा रही हैं छोटी टीमें
इस बार के T20 वर्ल्ड कप में एक अजीब ट्रेंड देखने को मिल रहा है। बड़ी से बड़ी टीमें, जिन्हें खिताब का दावेदार माना जा रहा था, वे छोटी टीमों के खिलाफ जीत के लिए तरस रही हैं। पाकिस्तान, भारत और इंग्लैंड जैसी सुपरपावर टीमों को भी कमजोर मानी जाने वाली टीमों के खिलाफ जीत हासिल करने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाना पड़ा। कई मैचों में तो ये टीमें हारते-हारते बचीं।
इसी कड़ी में जिम्बाब्वे और ऑस्ट्रेलिया का मैच खेला गया। फैंस को लगा था कि ऑस्ट्रेलिया आसानी से यह मैच जीत लेगा, लेकिन मैदान पर जो हुआ, वह किसी चमत्कार से कम नहीं था। कोलंबो के प्रेमदासा स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में जिम्बाब्वे ने अपनी ताकत दिखाई और साबित कर दिया कि T20 में किसी भी टीम को हल्के में नहीं लिया जा सकता।
जिम्बाब्वे की शानदार बल्लेबाजी: बेनेट और रजा का धमाल
मैच की शुरुआत में जिम्बाब्वे ने पहले बल्लेबाजी की। ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों के सामने जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन मिश्रण दिखाया। टीम ने निर्धारित ओवरों में 2 विकेट के नुकसान पर 169 रन का सम्मानजनक स्कोर खड़ा किया। यह स्कोर कोलंबो की पिच पर एक चुनौतीपूर्ण लक्ष्य था।
ब्रायन बेनेट की बेहतरीन पारी:
जिम्बाब्वे की ओर से सबसे शानदार बल्लेबाजी ब्रायन बेनेट (Brian Bennett) ने की। उन्होंने एक छोर संभाले रखा और ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों की जमकर खबर ली। बेनेट ने 56 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 64 रन बनाए। उनकी इस पारी ने टीम को एक मजबूत आधार दिया।
मारुमनी और बर्ल का योगदान:
बेनेट के अलावा मारुमनी ने भी तेज तर्रार पारी खेली। उन्होंने मात्र 21 गेंदों में 35 रन बनाकर टीम की रन गति को बढ़ाए रखा। वहीं, रयान बर्ल (Ryan Burl) ने भी 30 गेंदों में 35 रनों का महत्वपूर्ण योगदान दिया।
सिकंदर रजा का फिनिशिंग टच:
अंत के ओवरों में जिम्बाब्वे के अनुभवी खिलाड़ी सिकंदर रजा ने अपने बल्ले का जादू दिखाया। रजा ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 12 गेंदों में नाबाद 25 रन कूट दिए। उनकी इस पारी की बदौलत जिम्बाब्वे 170 रनों का टार्गेट सेट करने में सफल रही।
ऑस्ट्रेलिया की खराब शुरुआत: ओपनर्स हुए फेल
170 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत बेहद खराब रही। जिसे दुनिया की सबसे मजबूत बैटिंग लाइन-अप माना जाता है, वह जिम्बाब्वे की गेंदबाजी के आगे बेबस नजर आई।
फ्लॉप हुआ टॉप ऑर्डर:
ऑस्ट्रेलिया की ओपनिंग जोड़ी, जोश इंग्लिस और ट्रेविस हेड, टीम को अच्छी शुरुआत दिलाने में नाकाम रहे। जोश इंग्लिस सिर्फ 4 गेंदों में 8 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। वहीं, खतरनाक बल्लेबाज ट्रेविस हेड भी ज्यादा देर टिक नहीं सके और 15 गेंदों में 17 रन बनाकर सस्ते में आउट हो गए।
जीरो पर आउट हुए स्टार खिलाड़ी:
ऑस्ट्रेलिया की मुसीबतें तब और बढ़ गईं जब उनके स्टार ऑलराउंडर कैमरून ग्रीन और विस्फोटक बल्लेबाज टिम डेविड बिना खाता खोले ही (0 रन पर) आउट हो गए। पावरप्ले के दौरान ही जिम्बाब्वे ने ऑस्ट्रेलिया के टॉप ऑर्डर के 4 मुख्य बल्लेबाजों को पवेलियन भेजकर मैच पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली थी। इस झटके से ऑस्ट्रेलिया अंत तक उबर नहीं पाया।
मैक्सवेल और रेनशॉ की कोशिश, लेकिन नहीं मिली जीत
शुरुआती झटकों के बाद ऑस्ट्रेलिया को एक बड़ी साझेदारी की जरूरत थी। 'बिग शो' के नाम से मशहूर ग्लेन मैक्सवेल और मैट रेनशॉ ने पारी को संभालने की कोशिश की। दोनों के बीच कुछ अच्छी साझेदारी हुई, जिससे लगा कि ऑस्ट्रेलिया मैच में वापसी कर सकती है।
मैक्सवेल का संघर्ष:
ग्लेन मैक्सवेल ने अपने अंदाज में बल्लेबाजी करने की कोशिश की, लेकिन वे अपनी पारी को लंबी नहीं खींच सके। उन्होंने 22 गेंदों में 31 रन बनाए। जैसे ही मैक्सवेल आउट हुए, ऑस्ट्रेलिया की उम्मीदें फिर से डगमगाने लगीं।
मार्कस स्टोइनिस भी हुए फेल:
मैक्सवेल के बाद क्रीज पर आए मार्कस स्टोइनिस से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन वे भी सिर्फ 4 गेंदों में 6 रन बनाकर चलते बने। स्टोइनिस का विकेट गिरते ही ऑस्ट्रेलिया पूरी तरह से बैकफुट पर आ गया।
मैट रेनशॉ की अकेली लड़ाई:
इस पूरी पारी में अगर किसी ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज ने जिम्बाब्वे के गेंदबाजों का डटकर सामना किया, तो वे थे मैट रेनशॉ। रेनशॉ ने एक छोर संभाले रखा और टीम को जीत दिलाने की पूरी कोशिश की। उन्होंने 44 गेंदों में सबसे ज्यादा 65 रन बनाए। उनकी यह पारी बेहतरीन थी, लेकिन दूसरे छोर से उन्हें किसी का साथ नहीं मिला। अंत में मुजारबानी की गेंद पर रयान बर्ल ने उनका कैच लपका और ऑस्ट्रेलिया की आखिरी उम्मीद भी टूट गई।
बेन ड्वारशुइस का विकेट और 'चीते' जैसा कैच
मैच का एक और रोमांचक पल तब आया जब बेन ड्वारशुइस बल्लेबाजी कर रहे थे। उन्होंने 7 गेंदों में 6 रन बनाए थे। तभी जिम्बाब्वे के फील्डर ने एक अद्भुत कैच पकड़ा। रिपोर्ट के अनुसार, फील्डर ने 'चीते' जैसी फुर्ती दिखाते हुए यह कैच लपका और ऑस्ट्रेलिया को 7वां झटका दिया। जिम्बाब्वे की फील्डिंग इस मैच में बहुत ही उच्च दर्जे की थी, जिसने ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखा।
मुजारबानी का कहर: 4 विकेट लेकर ऑस्ट्रेलिया को तोड़ा
इस जीत के असली हीरो रहे जिम्बाब्वे के तेज गेंदबाज मुजारबानी। उन्होंने अपनी सटीक लाइन और लेंथ से ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को पूरे मैच में परेशान किया।
जादुई स्पेल:
मुजारबानी ने अपने कोटे के ओवरों में कंजूसी से रन दिए और सबसे ज्यादा विकेट चटकाए। उन्होंने कुल 4 ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखाया और अपने स्पेल में मात्र 17 रन खर्च किए।
मैच का टर्निंग पॉइंट मुजारबानी का वो ओवर था जिसमें उन्होंने सेट बल्लेबाज मैट रेनशॉ को आउट किया और फिर एडम जम्पा (2 रन) को भी चलता किया। 141 रन के स्कोर तक ऑस्ट्रेलिया के 9 विकेट गिर चुके थे।
आखिरी ओवर का रोमांच और जिम्बाब्वे की ऐतिहासिक जीत
मैच के अंतिम क्षणों में रोमांच अपने चरम पर था। आखिरी ओवर में ऑस्ट्रेलिया को जीत के लिए 6 गेंदों में 29 रनों की जरूरत थी, जो कि लगभग नामुमकिन था। 9 विकेट गिरने के बाद क्रीज पर मैथ्यू कुहनेमैन और नाथन एलिस थे।
जिम्बाब्वे के गेंदबाजों ने कोई गलती नहीं की। मैथ्यू कुहनेमैन 0 रन पर रन आउट हो गए और इसी के साथ ऑस्ट्रेलिया की पूरी टीम 146 रनों पर ढेर हो गई। नाथन एलिस 7 रन बनाकर नाबाद रहे, लेकिन वे अपनी टीम को हार से नहीं बचा सके।
स्कोरकार्ड एक नजर में:
- जिम्बाब्वे: 169/2 (20 ओवर)
- ब्रायन बेनेट: 64* (56)
- मारुमनी: 35 (21)
- रयान बर्ल: 35 (30)
- सिकंदर रजा: 25* (12)
- ऑस्ट्रेलिया: 146/10 (All Out)
- मैट रेनशॉ: 65 (44)
- ग्लेन मैक्सवेल: 31 (22)
- ट्रेविस हेड: 17 (15)
- मुजारबानी (गेंदबाजी): 4 विकेट, 17 रन
जिम्बाब्वे के लिए मनोबल बढ़ाने वाली जीत
23 रनों की यह जीत जिम्बाब्वे क्रिकेट के लिए बहुत मायने रखती है। ऑस्ट्रेलिया जैसी विश्व विजेता टीम को 146 रनों पर ऑलआउट करना कोई छोटी बात नहीं है। यह मैच साबित करता है कि अगर टीम एकजुट होकर खेले, तो वह किसी भी पहाड़ को हिला सकती है।
ऑस्ट्रेलिया के लिए यह हार एक चेतावनी की तरह है। उनके टॉप ऑर्डर का फेल होना और मध्यक्रम का दबाव में बिखर जाना टीम मैनेजमेंट के लिए चिंता का विषय होगा। वहीं, जिम्बाब्वे के फैंस के लिए यह जश्न का मौका है। मुजारबानी की गेंदबाजी और बेनेट की बल्लेबाजी आने वाले समय में जिम्बाब्वे को और भी कई मैच जिता सकती है।
T20 वर्ल्ड कप का यह 'मेजर अपसेट' लंबे समय तक याद रखा जाएगा। क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह मैच एक उदाहरण है कि खेल में कभी भी, कुछ भी हो सकता है।

