India engineering exports: जनवरी में भारत का इंजीनियरिंग निर्यात 10% बढ़कर 10.40 अरब डॉलर हो गया है। अमेरिका में गिरावट के बावजूद अन्य देशों में शानदार ग्रोथ देखने को मिली है।
मुंबई: भारत के एक्सपोर्ट सेक्टर से एक बेहद शानदार खबर सामने आई है। ग्लोबल मार्केट में चल रही उथल-पुथल के बावजूद, भारतीय इंजीनियरिंग गुड्स (मालसामान) की दुनिया भर में भारी डिमांड है। ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी महीने में भारत का इंजीनियरिंग निर्यात सालाना आधार पर 10% बढ़कर 10.40 अरब डॉलर पर पहुंच गया है।
India engineering exports
खास बात यह है कि देश से होने वाले कुल निर्यात में अकेले इंजीनियरिंग सेक्टर की हिस्सेदारी जनवरी में 28.50% रही है।
अमेरिका में घटी डिमांड, फिर भी ग्रोथ बरकरार
चौंकाने वाली बात यह है कि भारत के सबसे बड़े बाज़ार अमेरिका में इंजीनियरिंग माल के निर्यात में कमी आई है। जनवरी में अमेरिका को होने वाला निर्यात 6.80% घटकर 1.51 अरब डॉलर रह गया, जो पिछले साल इसी समय 1.62 अरब डॉलर था। लेकिन, अमेरिका में हुई इस कमी की भरपाई दुनिया के अन्य देशों ने कर दी, जिससे ओवरऑल ग्रोथ शानदार रही। अमेरिका में गिरावट के बावजूद यह आज भी भारतीय इंजीनियरिंग गुड्स के लिए नंबर वन मार्केट बना हुआ है।
एक्सपोर्ट से जुड़े मुख्य और अहम आंकड़े:
कुल निर्यात: इस चालू वित्त वर्ष (अप्रैल से जनवरी) में इंजीनियरिंग माल का कुल निर्यात 4.52% बढ़कर 101.13 अरब डॉलर हो गया है।
100 अरब डॉलर का आंकड़ा पार: जनवरी के अंत तक ही इस सेक्टर ने 100 अरब डॉलर का जादुई आंकड़ा पार कर लिया है।
टॉप मार्केट्स का हाल: भारत के टॉप 25 बाजारों में से 19 देशों में निर्यात में पॉजिटिव ग्रोथ देखी गई है। वहीं 6 देशों में यह नेगेटिव रहा है।
किन देशों में आई गिरावट: अमेरिका के अलावा मैक्सिको, फ्रांस, तुर्की और बांग्लादेश जैसे देशों में निर्यात घटा है।
सरकार की योजनाओं का मिला फायदा
इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (EEPC) के सूत्रों के अनुसार, दुनिया भर में बदल रहे जियो-पॉलिटिकल समीकरणों के बीच भारत का यह प्रदर्शन बहुत बड़ी राहत है। सरकार द्वारा निर्यात बढ़ाने के लिए दी जा रही मदद, खासकर 'मार्केट एक्सेस स्कीम' (Market Access Scheme) की वजह से यह तेज़ी संभव हो पाई है।
आगे क्या है उम्मीद?
अप्रैल से जनवरी के बीच कुल निर्यात में इंजीनियरिंग माल का हिस्सा 27% रहा है। एक्सपर्ट्स और सूत्रों को उम्मीद है कि चालू वित्त वर्ष के अंत तक भारत का कुल इंजीनियरिंग निर्यात 120 अरब डॉलर के विशाल लक्ष्य को भी आसानी से पार कर जाएगा।
