Taiwan overtakes India: ताइवान ने AI और TSMC की बदौलत शेयर बाजार में भारत को पछाड़कर दुनिया में 5वां स्थान हासिल किया। जानें भारतीय बाजार के पिछड़ने और गिरने के असली कारण।
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| Taiwan overtakes India |
नई दिल्ली, 26 मई: ग्लोबल शेयर बाजार में एक बड़ा उलटफेर हुआ है, जहां 2.3 करोड़ की आबादी वाले ताइवान ने भारत को पछाड़कर दुनिया का 5वां सबसे बड़ा शेयर मार्केट बनने का गौरव हासिल किया है। ताइवान का मार्केट कैप अब $4.95 ट्रिलियन हो गया है, जबकि भारत $4.92 ट्रिलियन के साथ 6ठे स्थान पर खिसक गया है। इस बड़े बदलाव के पीछे मुख्य कारण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती डिमांड और ताइवान की चिप मेकर कंपनी TSMC के शेयरों में 49% की शानदार तेजी है। दूसरी तरफ, भारतीय शेयर बाजार के पिछड़ने का कारण कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, विदेशी निवेशकों (FII) द्वारा लगातार पैसों की निकासी और बड़ी AI कंपनियों का अभाव है। सितंबर 2024 से सेंसेक्स और निफ्टी में 5% तक की गिरावट आ चुकी है, जिसने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
एशियाई शेयर बाजार में पहली बार एक बहुत बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। दुनियाभर के शेयर बाजारों के मार्केट कैपिटलाइजेशन (Market Cap) की रैंकिंग में ताइवान ने भारत को पीछे छोड़ दिया है। अब ताइवान दुनिया का 5वां सबसे बड़ा शेयर बाजार बन गया है, जबकि भारत एक पायदान नीचे खिसक कर 6ठे नंबर पर आ गया है।
आखिर 2.3 करोड़ की छोटी सी आबादी वाले ताइवान ने ये कमाल कैसे किया? इसका सीधा जवाब है - आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का बढ़ता क्रेज।
दुनिया के सबसे बड़े शेयर बाजार (मार्केट कैप के अनुसार)
आइए देखते हैं कि इस समय ग्लोबल मार्केट में कौन सा देश किस नंबर पर है:
अमेरिका: $77.96 ट्रिलियन के साथ दुनिया का सबसे बड़ा शेयर बाजार।
चीन: $15.57 ट्रिलियन के साथ दूसरे नंबर पर।
जापान: $8.67 ट्रिलियन के साथ तीसरे स्थान पर।
हांगकांग: $7.26 ट्रिलियन के साथ चौथे नंबर पर।
ताइवान: $4.95 ट्रिलियन के साथ अब पांचवें पायदान पर।
भारत: $4.92 ट्रिलियन के साथ छठे स्थान पर आ गया है।
ताइवान की जीत का असली हीरो: TSMC
ताइवान के शेयर बाजार की इस रॉकेट जैसी रफ्तार का पूरा क्रेडिट उसकी चिप बनाने वाली कंपनी 'ताइवान सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कंपनी' (TSMC) को जाता है। आपको जानकर हैरानी होगी कि ताइवान के मुख्य शेयर बाजार इंडेक्स में अकेले इस कंपनी का हिस्सा 42% से ज्यादा है। इस साल पूरी दुनिया में AI की भारी डिमांड रही, जिसका सीधा फायदा सेमीकंडक्टर सेक्टर में मोनोपॉली रखने वाली TSMC को हुआ। इसके शेयरों में 49% का बंपर उछाल आया, जिसने ताइवान की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया।
भारतीय शेयर बाजार क्यों पिछड़ गया?
अगर हम 2026 के ग्लोबल ट्रेंड्स पर नजर डालें, तो दुनिया में इस वक्त दो बड़ी चीजें हो रही हैं - पहला AI का बूम और दूसरा ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल (Crude Oil) की आसमान छूती कीमतें।
भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल दूसरे देशों से खरीदता है। ऐसे में ईरान और इजरायल के बीच चल रहे तनाव ने कच्चे तेल के दाम बढ़ा दिए हैं, जिससे भारत जैसे आयात करने वाले देशों की चिंता और महंगाई दोनों बढ़ गई है। वहीं ताइवान और दक्षिण कोरिया जैसे देश टेक्नोलॉजी हब होने के कारण AI की इस तेजी का पूरा फायदा उठा रहे हैं।
सेंसेक्स और निफ्टी में 5% की गिरावट
सितंबर 2024 से भारतीय शेयर बाजार के मुख्य इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी में लगभग 5% की गिरावट देखी गई है। बाजार के लगातार कमजोर प्रदर्शन के मुख्य कारण ये हैं:
विदेशी निवेशकों की वापसी (FII Selling): विदेशी संस्थागत निवेशक लगातार भारतीय बाजार से अपना पैसा बाहर निकाल रहे हैं।
कमजोर नतीजे और ग्लोबल टेंशन: दुनिया भर में चल रहे ट्रेड वॉर और भारतीय कंपनियों के कमजोर तिमाही नतीजों ने निवेशकों का मूड बिगाड़ दिया है।
AI कंपनियों की कमी: भारतीय शेयर बाजार के बड़े शेयरों (Heavyweights) में ऐसी ग्लोबल टेक कंपनियां शामिल नहीं हैं, जो AI के सेक्टर में राज कर रही हों। इसी वजह से भारत दुनिया भर में चल रही AI की तेजी का फायदा नहीं उठा सका।
कुल मिलाकर, ताइवान ने सही समय पर टेक्नोलॉजी और AI का फायदा उठाकर दुनिया में अपना दबदबा बनाया है। भारतीय शेयर बाजार को फिर से अपनी पुरानी लय में लौटने के लिए विदेशी निवेशकों के भरोसे और मजबूत घरेलू नतीजों की जरूरत होगी।
(डिस्क्लेमर: यह जानकारी सिर्फ न्यूज़ और एजुकेशन के उद्देश्य से दी गई है। शेयर बाजार में निवेश बाजार के जोखिमों के अधीन है। MoneysutraHub.in यूज़र्स को सलाह देता है कि कोई भी इन्वेस्टमेंट का फैसला लेने से पहले किसी सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें।)

