Unclaimed money in India: देश में 1.1 लाख करोड़ रुपये की लावारिस संपत्ति बैंकों, शेयरों और बीमा पॉलिसियों में फंसी है। जानिए यह पैसा किसका है और आप इसे आसानी से कैसे क्लेम कर सकते हैं।
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| Unclaimed money in India |
नई दिल्ली, 25 मई: क्या आपको पता है कि आपके दादा-परदादा या परिवार के किसी सदस्य का पैसा किसी पुराने बैंक खाते, शेयर या बीमा पॉलिसी में फंसा हो सकता है? यह सुनकर आपको शायद हैरानी हो, लेकिन आज हमारे देश में 1.1 लाख करोड़ रुपये की भारी-भरकम रकम ऐसी है, जिसका कोई दावेदार ही नहीं है। सरकार के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, बिना दावे वाली (Unclaimed) यह संपत्ति लगातार बढ़ती जा रही है।
आइए आसान भाषा में समझते हैं कि आखिर यह पैसा किसका है, कहां रखा गया है और आप इसे कैसे वापस पा सकते हैं।
कहां फंसा है 1.1 लाख करोड़ का खजाना?
लोकसभा में दी गई जानकारी के अनुसार, इन लावारिस संपत्तियों का बड़ा हिस्सा बैंक खातों में जमा है। अगर इस बड़ी रकम को बांटकर देखें तो:
83,000 करोड़ रुपये: उन बैंक खातों में पड़े हैं, जिनका सालों से कोई लेन-देन नहीं हुआ।
10,000 करोड़ रुपये: शेयर बाजार के निवेश में फंसे हैं।
14,000 करोड़ रुपये: ऐसी लाइफ इंश्योरेंस (बीमा) पॉलिसियों में हैं, जिनके असली मालिक या नॉमिनी अब तक सामने नहीं आए।
अगर कोई दावा नहीं करता, तो पैसे का क्या होता है?
घबराइए मत, आपका पैसा कहीं डूबता नहीं है। जब किसी बैंक खाते, शेयर या बीमा पर लंबे समय तक कोई अपना हक नहीं जताता, तो वह पैसा सुरक्षित सरकारी संस्थाओं के पास चला जाता है। लावारिस बैंक जमा रकम को रिजर्व बैंक (RBI) अपने 'डिपॉजिटर एजुकेशन एंड अवेयरनेस फंड' में डाल देता है। शेयर बाजार से जुड़े पैसे को SEBI के 'निवेशक संरक्षण और शिक्षा कोष' (IPEF) में ट्रांसफर कर दिया जाता है। यानी पैसा पूरी तरह सेफ है। असली दावेदार सही कागजात दिखाकर इसे कभी भी वापस ले सकता है।
पैसा निकालने में क्यों आती है दिक्कत?
मार्केट और कानूनी एक्सपर्ट्स के मुताबिक, पैसा क्लेम करने में सबसे बड़ी रुकावट पुरानी गलतियां हैं:
डिजिटल युग से पहले की गलतियां: पुराने खाते कागजों पर खुलते थे। कई बार नाम की स्पेलिंग गलत हो गई, तो कहीं पता बदल गया। आज जब लोग डिजिटल KYC के जरिए क्लेम करते हैं, तो डेटा मैच नहीं होता।
नॉमिनी का न होना: पहले लोग बैंक या इंश्योरेंस में नॉमिनी नहीं बनाते थे। खाताधारक के निधन के बाद कानूनी उत्तराधिकारी साबित करना बहुत मुश्किल हो जाता है। परिवार के बाकी सदस्यों से NOC (अनापत्ति प्रमाण पत्र) लेना पड़ता है।
बढ़ती उम्र की समस्या: बुजुर्गों के हस्ताक्षर समय के साथ बदल जाते हैं। फिंगरप्रिंट या बायोमेट्रिक भी साफ नहीं आते, जिससे पहचान साबित करने में पसीने छूट जाते हैं।
कैसे मिलेगा आपका फंसा हुआ पैसा?
सरकार और RBI ने अब पैसा वापस पाने की प्रक्रिया को काफी डिजिटल और आसान कर दिया है। हाल ही में RBI, SEBI और IRDAI ने मिलकर 'योर मनी, योर राइट' (आपका पैसा, आपका अधिकार) नाम से 748 जिलों में एक बड़ा अभियान चलाया था। इस अभियान का शानदार असर दिखा और 5,777 करोड़ रुपये उनके असली मालिकों या परिवार वालों को वापस लौटाए गए। RBI ने एक खास पोर्टल भी बनाया है, जहां आप कई बैंकों में पड़े अपने पुराने और लावारिस खातों की जानकारी सिर्फ एक क्लिक में खोज सकते हैं।
अगर आपको लगता है कि आपके परिवार का कोई पुराना खाता या निवेश हो सकता है, तो आज ही अपने घर के पुराने कागजात टटोलें। थोड़ी सी कागजी कार्यवाही (जैसे हलफनामा या डेथ सर्टिफिकेट) और सही प्रक्रिया फॉलो करके आप अपना फंसा हुआ पैसा वापस पा सकते हैं।
(Disclaimer: यह खबर सिर्फ जानकारी देने के उद्देश्य से लिखी गई है। शेयर बाजार या किसी भी वित्तीय योजना में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। अपना पैसा लगाने या क्लेम करने से पहले किसी प्रमाणित वित्तीय सलाहकार (Financial Advisor) से सलाह जरूर लें।)

