Indian Stock Market: भारतीय शेयर बाजार में हाहाकार! विदेशी निवेशकों (FPI)ने 2 दिन में ₹19837 करोड़ निकाले। जानिए बाजार में भारी गिरावट की 3 बड़ी वजहें और निवेश का सही मौका।
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नई दिल्ली, 5 अप्रैलः भारतीय शेयर बाजार के लिए नए वित्त वर्ष यानी अप्रैल की शुरुआत किसी बुरे सपने से कम नहीं रही है। जिन निवेशकों को बाजार से अच्छे मुनाफे की उम्मीद थी, उन्हें बड़ा झटका लगा है। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs)ने भारतीय बाजार से अपना पैसा तेजी से निकालना शुरू कर दिया है।
आलम यह है कि अप्रैल के शुरुआती सिर्फ 2 कारोबारी दिनों में ही विदेशी निवेशकों ने बाजार से करीब ₹19837 करोड़ (लगभग 2.1 अरब डॉलर) निकाल लिए हैं। इतनी बड़ी निकासी ने शेयर बाजार में खलबली मचा दी है और आम निवेशकों का भरोसा डगमगाने लगा है।
अचानक नहीं आई यह गिरावट
विदेशी निवेशकों का यह कदम कोई रातों-रात लिया गया फैसला नहीं है। इससे पहले मार्च का महीना भी भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में सबसे खराब साबित हुआ था। तब FPIs ने रिकॉर्ड ₹1.17 लाख करोड़ की निकासी की थी। आंकड़े बताते हैं कि साल 2026 की शुरुआत से लेकर अब तक बाजार से कुल ₹1.5 लाख करोड़ निकाले जा चुके हैं। हालांकि फरवरी में कुछ सुधार दिखा था, लेकिन बिगड़ते ग्लोबल हालात ने पूरी बाजी पलट दी।
विदेशी निवेशकों के बाजार से भागने की 3 बड़ी वजहें:
1. मिडिल ईस्ट का तनाव: पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध और जियो-पॉलिटिकल टेंशन ने दुनियाभर के निवेशकों को डरा दिया है। जब भी युद्ध जैसे हालात बनते हैं, निवेशक शेयर बाजार जैसे जोखिम भरे विकल्पों से पैसा निकालकर सुरक्षित जगहों पर निवेश करना पसंद करते हैं।
2. कच्चे तेल में आग: इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें $100 के पार पहुंच गई हैं। भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल बाहर से खरीदता है। ऐसे में महंगा तेल भारतीय अर्थव्यवस्था और कंपनियों के मुनाफे दोनों के लिए बड़ा खतरा है।
3. रुपये की कमजोरी: डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया लगातार टूट रहा है। युद्ध शुरू होने के बाद से रुपये में करीब 4% की गिरावट आ चुकी है। जब रुपया गिरता है, तो विदेशी निवेशकों को भारत में अपना निवेश घाटे का सौदा लगने लगता है।
अमेरिका का बॉन्ड मार्केट भी कर रहा है आकर्षित
मॉर्निंगस्टार इन्वेस्टमेंट रिसर्च इंडिया के एक्सपर्ट हिमांशु श्रीवास्तव का कहना है कि अमेरिका में बॉन्ड यील्ड (रिटर्न) काफी बढ़ गया है। जब विदेशी निवेशकों को अमेरिका जैसे सुरक्षित बाजार में बिना किसी रिस्क के अच्छा रिटर्न मिल रहा है, तो वे भारतीय शेयर बाजार से पैसा निकालकर वहां लगा रहे हैं।
क्या यह निवेश का सही समय है?
इस भारी बिकवाली के बीच जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार ने एक राहत की बात कही है। उनका मानना है कि लगातार हो रही गिरावट के कारण अब भारतीय बाजार का वैल्यूएशन काफी सही स्तर पर आ गया है। कई अच्छे सेक्टर्स के शेयर अब सस्ते और आकर्षक दाम पर मिल रहे हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया है कि बाजार में विदेशी पैसा तभी वापस लौटेगा, जब युद्ध रुकेगा और कच्चे तेल की कीमतें नीचे आएंगी।
(डिस्क्लेमर: यह जानकारी सिर्फ न्यूज़ और एजुकेशन के उद्देश्य से दी गई है। शेयर बाजार में निवेश बाजार के जोखिमों के अधीन है। MoneysutraHub.in यूज़र्स को सलाह देता है कि कोई भी इन्वेस्टमेंट का फैसला लेने से पहले किसी सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें।)

