Trump Speech Market Crash: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भाषण के बाद ग्लोबल शेयर बाजार में भारी गिरावट आई है। युद्ध खत्म होने का ठोस संकेत न मिलने से निवेशक डर गए हैं। एशियाई मार्केट से लेकर अमेरिका तक बिकवाली का दौर है, वहीं सोने-चांदी की कीमतों में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।
USA, 2 अप्रैलः अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रहे तनाव को लेकर हाल ही में देश को संबोधित किया। लेकिन उनके इस भाषण ने दुनिया भर के शेयर बाजारों में बेचैनी पैदा कर दी है। निवेशकों को जिस बात की उम्मीद थी, वो उन्हें ट्रंप के भाषण में नहीं मिली। नतीजा यह हुआ कि ऑस्ट्रेलिया से लेकर जापान और अमेरिका तक के बाजारों में भारी बिकवाली (Sell-off) शुरू हो गई। मिडिल ईस्ट में बढ़ती अनिश्चितता के कारण निवेशकों ने कोई भी जोखिम लेने से साफ इनकार कर दिया है।
एशियाई बाजारों का सबसे बुरा हाल
ट्रंप के संबोधन के तुरंत बाद एशियाई शेयर बाजारों में लाल निशान हावी हो गया। हर तरफ सिर्फ बिकवाली देखने को मिली। जापान के प्रमुख इंडेक्स निक्केई-225 (Nikkei-225) में 1.5% की गिरावट दर्ज की गई। दक्षिण कोरिया के कोस्पी (Kospi) में सबसे ज्यादा 2.6% की भारी गिरावट आई, जिससे बाजार की पहले की सारी तेजी खत्म हो गई।
हांगकांग का हैंग सेंग (Hang Seng) भी 1% नीचे आ गया।
इसके अलावा शंघाई, सिंगापुर, ताइपे और सिडनी के शेयर बाजारों में भी निवेशकों ने जमकर अपने शेयर बेचे।
सोना और चांदी भी हुए धड़ाम
शेयर बाजार में जब भी डर का माहौल होता है, तो लोग सोने-चांदी की तरफ भागते हैं। लेकिन इस बार बाजार का मिजाज बिल्कुल अलग दिखा।
सोने की कीमत लुढ़ककर $4,700 प्रति औंस के नीचे आ गई। वहीं चांदी भी $73 प्रति औंस के स्तर से नीचे गिर गई। बाजार के जानकारों का कहना है कि यह गिरावट इसलिए है क्योंकि निवेशक अपनी पुरानी पोजीशन्स को हटाकर नए सिरे से अपने पोर्टफोलियो को सेट कर रहे हैं।
ट्रंप के बड़े दावे बनाम बाजार की हकीकत
दिलचस्प बात यह है कि जब पूरी दुनिया के बाजार गिर रहे थे, तब ट्रंप अपनी अर्थव्यवस्था की तारीफों के पुल बांध रहे थे। उन्होंने अमेरिका को दुनिया की 'सबसे हॉट इकोनॉमी' बताया। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका में महंगाई बिल्कुल नहीं है और वहां रिकॉर्ड $18 ट्रिलियन का निवेश आ रहा है।
लेकिन बाजार ने उनके इन दावों को नकार दिया। अमेरिकी बाजार खुलने से पहले ही वहां के फ्यूचर्स मार्केट में गिरावट शुरू हो गई।
Nasdaq-100 फ्यूचर्स लगभग 1.3% गिर गया। Dow Jones और S&P 500 फ्यूचर्स भी गहरे लाल निशान में ट्रेड करते दिखे। इस बीच, मशहूर टिप्पणीकार एन कूल्टर ने कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का स्क्रीनशॉट शेयर करके ट्रंप के भाषण पर तंज भी कसा।
आखिर क्यों आई बाजार में इतनी बड़ी गिरावट?
सीधी सी बात है बाजार को शांति चाहिए थी और ट्रंप के भाषण में इसका कोई जिक्र नहीं था। निवेशकों को उम्मीद थी कि ट्रंप युद्ध को खत्म करने या शांति समझौते का कोई साफ इशारा देंगे। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।
एसपीआई एसेट मैनेजमेंट (SPI Asset Management) के एक्सपर्ट स्टीफन इनेस के मुताबिक, "ट्रंप के भाषण में अपने लक्ष्य हासिल करने की बात तो थी, लेकिन किसी समाधान का जिक्र नहीं था।" यह 'अधूरा काम' ही बाजार में अस्थिरता पैदा कर रहा है। इसी डर के कारण कच्चे तेल की कीमतें भी लगातार बढ़ रही हैं, क्योंकि सबको लग रहा है कि यह युद्ध अभी इतनी जल्दी खत्म नहीं होने वाला है।
कुल मिलाकर, ट्रंप के भाषण ने निवेशकों के भरोसे को तोड़ा है। जब तक मिडिल ईस्ट में शांति का कोई ठोस रास्ता नहीं निकलता, तब तक ग्लोबल बाजारों में यह उतार-चढ़ाव और डर का माहौल बना रह सकता है।
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