Donald Trump on Operation Epic Fury: US-Iran War में अमेरिका ने ईरान की 80% मिसाइल और ड्रोन ताकत तबाह कर दी है। ट्रंप ने इसे 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' की सफलता बताया और होर्मुज पर कब्जे का संकेत

Donald Trump on Operation Epic Fury
USA: अमेरिका और ईरान के बीच चल रही भीषण जंग अब अपने आखिरी दौर में पहुंचती नजर आ रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस युद्ध को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा बयान दिया है। ट्रंप का दावा है कि अमेरिकी सेना ने ईरान की सैन्य ताकत की कमर तोड़ दी है। इसके साथ ही उन्होंने दुनिया के सबसे अहम तेल मार्ग, ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (Strait of Hormuz) पर अमेरिकी नियंत्रण का साफ इशारा देकर ग्लोबल टेंशन बढ़ा दी है।
‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' रहा सुपरहिट
फ्लोरिडा में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस और रिपब्लिकन पार्टी के इवेंट में बोलते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने इस सैन्य कार्रवाई को "ऑपरेशन एपिक फ्यूरी" नाम दिया। उन्होंने इसे अमेरिका का सबसे सफल अभियान बताते हुए कहा कि महज पहले दो दिनों में ही ईरान की रक्षा प्रणाली को घुटनों पर ला दिया गया।
इस ऑपरेशन से जुड़ी कुछ बड़ी बातें:
80% ताकत खत्म: ट्रंप के मुताबिक, अमेरिका और इजराइल के जॉइंट ऑपरेशन ने ईरान के 80 प्रतिशत मिसाइल लॉन्चिंग सिस्टम और ड्रोन फैक्टरियों को मलबे में बदल दिया है।
नौसेना बेअसर: ईरान की समुद्री ताकत (Navy) को भारी नुकसान पहुंचाया गया है, जिससे वह अब बेहद कमजोर स्थिति में है।
परमाणु हथियार पर रोक: ट्रंप ने याद दिलाया कि 2015 में उन्होंने ईरान को परमाणु हथियार न मिलने देने का जो वादा किया था, उसे अब वे पूरा कर रहे हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर कब्जे की तैयारी?
इस युद्ध का सबसे बड़ा असर दुनिया के तेल बाजार पर पड़ सकता है। ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका अपने सहयोगियों और दुनिया भर में ऊर्जा की सप्लाई को सेफ रखने के लिए 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' की निगरानी या उस पर कंट्रोल करने पर विचार कर रहा है।
आपको बता दें कि यह जलडमरूमध्य ईरान और ओमान के बीच स्थित है। दुनिया भर में बिकने वाले कच्चे तेल (Crude Oil) और नेचुरल गैस का एक बहुत बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। अगर अमेरिका इस पर कब्जा करता है, तो ईरान पूरी तरह से अलग-थलग पड़ जाएगा।
कैसे शुरू हुई थी ये भीषण जंग?
पश्चिम एशिया (Middle East) में इस ताजा युद्ध की चिंगारी फरवरी के अंत में भड़की थी। 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल ने एक जॉइंट स्ट्राइक की, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई और कई बड़े सैन्य कमांडर मारे गए।
अपने नेता की मौत से बौखलाए ईरान ने कई अरब देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों और इजराइल पर ताबड़तोड़ मिसाइल और ड्रोन हमले किए। इसके बाद ही अमेरिका ने 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' लॉन्च कर दिया।
नए ईरानी नेतृत्व पर ट्रंप की नजर
अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने मोजतबा खामेनेई को अपना नया सुप्रीम लीडर चुना है। इस पर टिप्पणी करते हुए ट्रंप ने कहा कि चेहरे बदलने से ईरान की फितरत नहीं बदलेगी। उन्होंने मोजतबा को क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बताया है और साफ कर दिया है कि अमेरिका का दबाव आगे भी जारी रहेगा।
कुल मिलाकर, ट्रंप के इन बयानों से साफ है कि अमेरिका अब इस युद्ध को किसी भी हाल में अपने पक्ष में खत्म करने के मूड में है। अगर होर्मुज पर अमेरिका का नियंत्रण होता है, तो यह वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था में एक बहुत बड़ा बदलाव लाएगा।
