Share Market Today: शेयर बाजार में 10 मार्च को भारी उछाल दर्ज किया गया। सेंसेक्स में 809 अंकों की तेजी और निफ्टी 24,200 के पार निकला। कच्चे तेल के दाम गिरने और ग्लोबल संकेतों से बाजार में लौटी रौनक। जानें इस बड़ी तेजी के 4 मुख्य कारण।
मुंबईः शेयर बाजार में पैसा लगाने वाले निवेशकों के लिए आज का दिन बड़ी राहत लेकर आया। एक दिन पहले हुई भारी बिकवाली और घबराहट के बाद, 10 मार्च को भारतीय शेयर बाजार (Share Market) ने जबरदस्त वापसी की है।
शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स (Sensex) ने 809 अंकों की तगड़ी छलांग लगाई और यह 78,375.73 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, निफ्टी (Nifty) भी पीछे नहीं रहा और 252 अंक उछलकर 24,280.80 के लेवल पर आ गया। हालांकि, दिन चढ़ने के साथ ऊंचे स्तरों से बाजार में हल्की मुनाफावसूली जरूर देखने को मिली, लेकिन बाजार मजबूती के साथ हरे निशान में ही टिका रहा।
सुबह 10:44 बजे तक सेंसेक्स 623.88 अंक (0.8%) की बढ़त के साथ 78,190.03 पर और निफ्टी 196.21 अंक (0.82%) चढ़कर 24,224.40 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। आईटी और ऑयल एंड गैस सेक्टर को छोड़ दें, तो बाकी सभी सेक्टर्स में जमकर खरीदारी हुई। निफ्टी मिडकैप 100 और स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में भी 1.5 प्रतिशत तक की शानदार तेजी दर्ज की गई।
शेयर बाजार में इस बंपर तेजी के 4 बड़े कारण
बाजार के जानकारों का मानना है कि आज मार्केट का मूड रातों-रात नहीं बदला, बल्कि इसके पीछे 4 बड़े फैक्टर्स ने काम किया है:
1. कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट (Crude Oil Drop)
बाजार को सबसे बड़ा सपोर्ट कच्चे तेल के गिरते दामों से मिला है। जो ब्रेंट क्रूड एक दिन पहले 120 डॉलर प्रति बैरल के डरावने स्तर को छू रहा था, वह अचानक लुढ़ककर 89 डॉलर प्रति बैरल के करीब आ गया।
दरअसल, यह गिरावट अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद आई, जिसमें उन्होंने ईरान युद्ध के जल्द खत्म होने के संकेत दिए। साथ ही रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी ट्रंप से फोन पर बात कर शांति के प्रस्ताव रखे हैं। जियोजित इनवेस्टमेंट्स के वीके विजयकुमार के मुताबिक, क्रूड में यह उतार-चढ़ाव सीधे तौर पर पश्चिम एशिया के तनाव से जुड़ा है। भारत अपनी जरूरत का 40 प्रतिशत तेल होर्मुज जलडमरूमध्य मार्ग से ही मंगाता है, इसलिए वहां शांति भारत के लिए बहुत अच्छी खबर है।
2. ग्लोबल बाजारों से मिले दमदार संकेत (Strong Global Cues)
अमेरिका से लेकर एशिया तक, दुनियाभर के शेयर बाजारों में आज हरियाली छाई रही। ट्रंप के बयान के बाद अमेरिकी बाजार रॉकेट बन गए। नैस्डैक (Nasdaq) 308 अंक, एसएंडपी 500 इंडेक्स 55 अंक और डॉव जोन्स 239 अंक उछलकर बंद हुआ।
इसका सीधा असर एशियाई बाजारों पर पड़ा। साउथ कोरिया का कोस्पी 5 प्रतिशत भागा, जबकि जापान का निक्केई 2.5 प्रतिशत चढ़ा। चीन और हांगकांग के बाजार भी तेजी के साथ कारोबार कर रहे थे, जिसने भारतीय निवेशकों का हौसला बढ़ा दिया।
3. रुपये की शानदार रिकवरी (Rupee Strengthening)
कच्चे तेल के दाम गिरने का सीधा फायदा भारतीय रुपये को मिला। सोमवार को रुपया 92.35 प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर पर गिर गया था। लेकिन 10 मार्च को इसमें शानदार वापसी हुई और यह करीब 40 पैसे मजबूत होकर 91.93 प्रति डॉलर के स्तर पर आ गया। रुपये की इस मजबूती से विदेशी निवेशकों (FIIs) की चिंताएं कम हुईं।
4. ‘फियर इंडेक्स' में भारी गिरावट (India VIX Dropped)
बाजार में डर का माहौल कितना है, यह 'इंडिया VIX' (India VIX) तय करता है। मंगलवार को इस वोलैटिलिटी इंडेक्स में करीब 13 प्रतिशत की भारी गिरावट आई और यह 20.34 के स्तर पर आ गया। इसका सीधा मतलब है कि बाजार में डर कम हुआ है और निवेशक अब दोबारा रिस्क लेने को तैयार हैं।
आगे क्या?
जियोजित इनवेस्टमेंट्स के चीफ मार्केट स्ट्रैटजिस्ट आनंद जेम्स का कहना है कि निफ्टी का 24,000 के ऊपर बंद होना तेजी का मजबूत संकेत है। हालांकि, बाजार के लिए अभी 24,300 से 24,370 का दायरा एक रुकावट बन सकता है। अगर निफ्टी इस लेवल को अच्छी तरह से पार कर लेता है, तो निवेशकों को जल्द ही 25,000 का टारगेट देखने को मिल सकता है।
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