US-Iran War: अमेरिका ने ईरान के IRGC हेडक्वार्टर को पूरी तरह तबाह कर दिया है। डोनाल्ड ट्रंप ने 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के 4 से 5 हफ्ते तक चलने की बात कही है। पढ़ें पूरी खबर।

US-Iran War: अमेरिका ने ईरान के IRGC हेडक्वार्टर को पूरी तरह तबाह कर दिया है।
अमेरिकाः मिडिल ईस्ट में तनाव अब एक भयंकर युद्ध का रूप ले चुका है। अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान के खिलाफ एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। रविवार 1 मार्च की रात अमेरिकी मिलिट्री ने एक जोरदार हमला करते हुए ईरान के ताकतवर संगठन 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स' (IRGC) के हेडक्वार्टर को पूरी तरह से मटियामेट कर दिया है। इस बड़े हमले का सीधा मकसद ईरान की मौजूदा सरकार को सत्ता से हटाना है।
अमेरिका ने क्यों किया ये हमला?
US सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस हमले के बाद एक सख्त बयान जारी किया है। अमेरिका का कहना है कि दुनिया की सबसे ताकतवर सेना उनके पास है और अब ईरान के IRGC का कोई हेडक्वार्टर नहीं बचा है। CENTCOM ने साफ किया कि पिछले 47 सालों में IRGC की वजह से 1000 से ज्यादा अमेरिकी नागरिकों की जान गई है। यह हमला उसी का जवाब है।
ट्रंप ने बताया- कितने दिन चलेगा युद्ध
इस गरमाते माहौल के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ब्रिटिश अखबार 'डेली मेल' को इंटरव्यू दिया है। उन्होंने बताया कि यह जंग 4 से 5 हफ्ते (करीब एक महीना) तक खिंच सकती है।
‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' की खास बातें:
कठोर ऑपरेशन: ट्रंप ने इसे एक बड़े और मजबूत दुश्मन के खिलाफ एक मुश्किल लेकिन 'टाइम-बाउंड' (समय-सीमा वाला) ऑपरेशन बताया है।
पूरी ताकत से प्रहार: अमेरिकी-इजरायली सेनाएं 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के तहत पूरी ताकत से हमले कर रही हैं।
बातचीत का रास्ता: लगातार हो रहे हमलों के बावजूद, ट्रंप ने इशारा किया है कि ईरान के बचे हुए नेताओं के साथ बातचीत के दरवाजे अभी खुले हैं, हालांकि यह कब होगा, इसकी कोई पक्की जानकारी नहीं दी।
बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए हो रही जंग
ईरान पर इतने बड़े हमले को सही ठहराते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यह सिर्फ आज की सुरक्षा के लिए नहीं है। उन्होंने कहा, "हम यह बड़ा कदम अपने बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए उठा रहे हैं। हम नहीं चाहते कि अमेरिकियों को कभी भी ऐसे खूनी और कट्टर आतंकियों का सामना करना पड़े, जिनके पास परमाणु (Nuclear) हथियार हों।"
सुप्रीम लीडर की मौत और ईरान का पलटवार
आपको बता दें कि अमेरिका और इजरायल का यह जॉइंट ऑपरेशन शनिवार को शुरू हुआ था। इन हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर की मौत हो चुकी है। बौखलाए ईरान ने भी चुप न बैठते हुए पूरे मिडिल ईस्ट में ड्रोन और मिसाइलों की बारिश कर दी है। ईरान की तरफ से सऊदी अरब, UAE, कतर, बहरीन, ओमान और इजरायल में धमाके किए जाने की खबरें सामने आ रही हैं।
भयंकर बमबारी और तबाही के बाद भी ईरान दुनिया के सामने झुकने को तैयार नहीं दिख रहा है। हालांकि, ट्रंप का दावा है कि अंदरूनी तौर पर ईरान की बची हुई लीडरशिप अमेरिका से बातचीत करना चाहती है। इस बीच, अमेरिका ने ईरान पर किए गए इस ताजा और खतरनाक हमले का एक नया वीडियो भी जारी कर दिया है, जो इस युद्ध की भयावहता को साफ दिखा रहा है।
