Elfin Agro IPO की BSE SME पर सुस्त एंट्री! 47 रुपये का शेयर 47.30 पर लिस्ट होने के बाद ऊपर चढ़ा। पैसा लगाने से पहले जानें कंपनी की वित्तीय सेहत और बिजनेस।

Elfin Agro IPO की BSE SME पर सुस्त एंट्री!
नई दिल्लीः शेयर बाजार में आज आटा और खाने का तेल बनाने वाली कंपनी एलफिन एग्रो (Elfin Agro) के शेयरों की लिस्टिंग हुई है। BSE SME प्लेटफॉर्म पर इस शेयर ने बहुत ही हल्की बढ़त के साथ कदम रखा है। हालांकि, सुस्त शुरुआत के बाद भी शेयर में तेजी देखने को मिली और निवेशकों को थोड़ा मुनाफा जरूर हुआ। अगर आप भी लिस्टिंग के बाद इस शेयर में पैसा लगाने की सोच रहे हैं, तो निवेश से पहले कंपनी का बिजनेस मॉडल और उसकी वित्तीय सेहत जरूर चेक कर लें।
लिस्टिंग के बाद कैसा रहा शेयर का हाल?
एलफिन एग्रो के आईपीओ (IPO) में शेयर का भाव 47 रुपये तय किया गया था। आज BSE SME पर इस शेयर की एंट्री 47.30 रुपये पर हुई। इसका मतलब है कि आईपीओ में पैसा लगाने वालों को लिस्टिंग पर सिर्फ 0.64% का मुनाफा (Listing Gain) हुआ। लेकिन बाजार में कदम रखते ही शेयर ने रफ्तार पकड़ी और यह 48.05 रुपये तक पहुंच गया। इस भाव पर आईपीओ निवेशकों का मुनाफा बढ़कर 2.23% हो गया।
कैसा रहा था निवेशकों का रिस्पॉन्स?
इस कंपनी का 25 करोड़ रुपये का आईपीओ 5 से 9 मार्च तक खुला था। बाजार में इसे मिला-जुला रिस्पॉन्स मिला।
कुल सब्सक्रिप्शन: यह आईपीओ ओवरऑल 1.35 गुना भरा था।
निवेशकों की दिलचस्पी: नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) ने इसे 2.12 गुना सब्सक्राइब किया। वहीं, रिटेल (खुदरा) निवेशकों के लिए आधा हिस्सा रिजर्व था, लेकिन वह केवल 0.59 गुना ही भर पाया।
कहां खर्च होंगे आईपीओ के पैसे?
कंपनी ने 5 रुपये की फेस वैल्यू वाले 53.25 लाख बिल्कुल नए शेयर जारी किए हैं। आईपीओ से जो पैसा जुटाया गया है, उसमें से 19.33 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कंपनी अपने रोजमर्रा के कामकाज (वर्किंग कैपिटल) के लिए करेगी। बाकी बचे हुए पैसे आम कॉरपोरेट जरूरतों पर खर्च किए जाएंगे।
क्या करती है एलफिन एग्रो?
एलफिन एग्रो का मुख्य काम आटा और तेल बनाना व बेचना है।
प्रोडक्ट्स: कंपनी चक्की आटा, रिफाइंड आटा, तंदूरी आटा, सूजी, मैदा, पीली सरसों का तेल, चना, सोयाबीन ऑयल और पशुओं का चारा बेचती है।
ब्रांड्स: बाजार में इसके प्रोडक्ट 'शिव नंदी' और ‘एलफिन्स श्री श्याम भोग' के नाम से बिकते हैं।
पहुंच: कंपनी राजस्थान, यूपी और गुजरात समेत देश के 8 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में अपना माल बेचती है। राजस्थान के भीलवाड़ा में इसकी 2 मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स भी हैं।
कैसी है कंपनी की वित्तीय सेहत (Financial Health)?
किसी भी शेयर में नई एंट्री लेने से पहले कंपनी की कमाई देखना बहुत जरूरी है। एलफिन एग्रो की बैलेंस शीट लगातार मजबूत हो रही है:
वित्त वर्ष 2023: कंपनी को 1.81 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ था।
वित्त वर्ष 2024: मुनाफा बढ़कर 3.68 करोड़ रुपये हो गया।
वित्त वर्ष 2025: इस साल मुनाफा 5.08 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी की कुल कमाई 20% से ज्यादा की रफ्तार (CAGR) से बढ़ते हुए 146.44 करोड़ रुपये हो गई।
चालू वित्त वर्ष 2026: अप्रैल से दिसंबर 2025 के बीच कंपनी 117.72 करोड़ रुपये की कमाई कर चुकी है और इसका शुद्ध मुनाफा 3.98 करोड़ रुपये रहा है।
दिसंबर 2025 के अंत तक कंपनी पर कुल 12.69 करोड़ रुपये का कर्ज था, जबकि इसके पास 10.71 करोड़ रुपये रिजर्व (सरप्लस) में मौजूद थे।
भले ही आईपीओ के समय रिटेल निवेशकों ने ज्यादा उत्साह न दिखाया हो, लेकिन कंपनी का बिजनेस और लगातार बढ़ता मुनाफा इसे एक मजबूत विकल्प बनाते हैं। हालांकि, SME स्टॉक्स में रिस्क ज्यादा होता है, इसलिए नई एंट्री लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से जरूर बात करें।
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