Iran War Update: मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के पास अब सैन्य ताकत लगभग खत्म हो चुकी है। जानिए युद्ध को लेकर क्या है ताजा अपडेट।

Donald Trump on Iran War Update
USA: मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक बड़ा बयान सामने आया है। बुधवार, 11 मार्च को एक फोन इंटरव्यू के दौरान ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के साथ चल रहा मौजूदा युद्ध बहुत जल्द खत्म हो जाएगा। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यह युद्ध तब खत्म होगा जब वह चाहेंगे।
ईरान के पास अब टार्गेट करने के लिए कुछ नहीं बचा
ट्रंप ने अपने बयान में कहा, "ईरान में अब टार्गेट करने लायक लगभग कुछ भी नहीं बचा है। उनकी सैन्य क्षमता बहुत कम हो गई है।’ ट्रंप का मानना है कि ईरान की नवल फोर्स, एयरफोर्स और कम्युनिकेशन सिस्टम पूरी तरह से कमजोर पड़ चुके हैं। इसके अलावा, ईरान की मिसाइल शक्ति भी काफी घट गई है और उनके ड्रोन लगातार नष्ट किए जा रहे हैं। ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ईरान ने कोई भी गलत कदम उठाया, तो यह उनके देश के खात्मे की शुरुआत होगी।
इजरायल का रुख: सैन्य अभियान जारी रहेगा
एक तरफ जहां ट्रंप युद्ध खत्म होने की बात कह रहे हैं, वहीं इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल कात्ज ने अपने इरादे साफ कर दिए हैं। कात्ज ने कहा कि ईरान पर हमले तब तक जारी रहेंगे जब तक कि उनके सभी रणनीतिक उद्देश्य पूरे नहीं हो जाते। इजरायली प्रशासन का लक्ष्य सिर्फ हमले करना नहीं, बल्कि ईरानी जनता को खामेनेई सरकार के खिलाफ खड़े होने के लिए प्रेरित करना है।
होर्मुज स्ट्रेट में तनाव का मुद्दा
तनाव के इस दौर में ईरान ने भी धमकी दी है कि उन्होंने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक, 'होर्मुज स्ट्रेट' में लैंडमाइंस बिछा दी हैं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर लिखा कि ईरान को इन माइंस को तुरंत हटाना होगा। उन्होंने कड़ी चेतावनी दी कि यदि इन माइंस को नहीं हटाया गया, तो ईरान को ऐसी सैन्य कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा जैसा उसने पहले कभी नहीं देखा होगा।
वर्तमान स्थिति यह दर्शाती है कि मिडिल ईस्ट में तनाव अभी भी चरम पर है। अमेरिकी राष्ट्रपति का दावा है कि ईरान सैन्य रूप से लगभग घुटनों पर है, जबकि इजरायल अपनी सैन्य कार्रवाई को तब तक रोकने के मूड में नहीं है जब तक कि वांछित परिणाम हासिल न हो जाएं। दुनिया की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह संघर्ष वास्तव में जल्द थमेगा या यह और अधिक विनाशकारी मोड़ लेगा।
