India US Trade Deal: अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भारत के लिए एक्स्ट्रा टैरिफ की दर 18% से घटकर 10% हो गई है। जानिए ट्रंप के नए आदेश और ट्रेड डील पर इसका क्या असर होगा।

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नई दिल्ली/वॉशिंगटन: अमेरिका में चल रही टैरिफ की उठापटक के बीच भारत के लिए एक अहम और थोड़ी राहत वाली खबर आई है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन के बीच चल रही कानूनी खींचतान का सीधा असर भारत से निर्यात होने वाले सामानों पर पड़ा है।
व्हाइट हाउस ने साफ कर दिया है कि अब भारत समेत उन सभी देशों पर, जिन्होंने ट्रंप प्रशासन के साथ ट्रेड डील की थी, एक्स्ट्रा टैरिफ (Extra Tariff) के तौर पर 18 प्रतिशत नहीं, बल्कि 10 प्रतिशत ड्यूटी ही लगेगी।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने बदला पूरा खेल
दरअसल, यह पूरा बदलाव अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के एक कड़े फैसले के बाद आया है। कोर्ट ने राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा 'इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट, 1977' के तहत बढ़ाए गए टैरिफ आदेशों को रद्द कर दिया। कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट कहा कि राष्ट्रपति ने बड़े लेवी (Levy) लगाकर अपने अधिकारों का गलत इस्तेमाल किया है और यह गैर-कानूनी है।
इस फैसले के बाद व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने बताया कि भले ही पहले की डील्स में ज्यादा टैक्स रेट तय हुए थे, लेकिन अब भारत जैसे ट्रेडिंग पार्टनर्स को एक्स्ट्रा टैरिफ के रूप में सिर्फ 10 प्रतिशत का सामना करना पड़ेगा। हालांकि, प्रशासन ने यह भी कहा है कि यह व्यवस्था अस्थायी है क्योंकि वे कानूनी रास्तों के जरिए पुराने या उचित रेट्स को लागू करने की कोशिश करेंगे।
ट्रंप का नया दांव: हार मानने को तैयार नहीं
सुप्रीम कोर्ट के फैसले को डोनाल्ड ट्रंप ने "निराशाजनक" बताया, लेकिन वे पीछे हटने वाले नहीं हैं। कोर्ट का फैसला आते ही ट्रंप ने तुरंत पलटवार करते हुए शुक्रवार देर रात एक नए एग्जीक्यूटिव ऑर्डर (Executive Order) पर साइन कर दिए।
इस नए आदेश के तहत:
अब पुराने कानून की जगह 'ट्रेड एक्ट 1974 के सेक्शन 122' का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके तहत मंगलवार, 24 जनवरी से अगले 150 दिनों के लिए अमेरिका में आने वाले इंपोर्ट पर मौजूदा रेट के अलावा 10 प्रतिशत का नया टैरिफ लगेगा। ट्रंप ने नई जांच के भी आदेश दिए हैं ताकि वे भविष्य में दोबारा टैरिफ लगा सकें।
भारत के साथ ट्रेड डील पर क्या असर?
फरवरी की शुरुआत में भारत और अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते का फ्रेमवर्क तैयार हुआ था। इसमें तय हुआ था कि अमेरिका भारतीय सामानों पर टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत करेगा और बदले में भारत भी अमेरिकी निर्यात के लिए रास्ते आसान करेगा। लेकिन अब कोर्ट के दखल के बाद यह दर 10 प्रतिशत हो गई है।
ट्रंप ने इस स्थिति पर कहा, "भारत के साथ ट्रेड डील में कुछ भी नहीं बदला है। वे टैरिफ देंगे और हम नहीं। डील पक्की है, बस हम इसे लागू करने का तरीका बदल रहे हैं।"
गौरतलब है कि अमेरिका ने रूस से तेल खरीद के मुद्दे पर भारतीय सामानों पर जो 25 प्रतिशत का अतिरिक्त टैरिफ लगाया था, उसे 7 फरवरी 2026 से हटाया जा चुका है।
फिलहाल, भारतीय निर्यातकों के लिए यह 10 प्रतिशत की दर पहले की प्रस्तावित 18 प्रतिशत से बेहतर है, लेकिन 150 दिनों बाद क्या होगा, यह देखना दिलचस्प होगा।
