Tata MF Report: क्या AI पलटेगा IT सेक्टर की बाजी? हार्डवेयर के बाद अब सर्विस की बारी, निवेशकों के लिए बड़े संकेत

MoneySutraHub Team

 AI impact on IT sector: Tata MF की नई रिपोर्ट के मुताबिक, AI का अगला बड़ा दौर हार्डवेयर नहीं बल्कि IT सर्विसेज का होगा। जानिए भारतीय आईटी कंपनियों को कैसे मिलेगा फायदा और क्या निवेशकों के लिए यह सही मौका है?

AI impact on IT sector: Tata MF की नई रिपोर्ट

AI impact on IT sector: भारतीय शेयर बाजार में आईटी कंपनियों के शेयरों में पिछले कुछ समय से काफी हलचल और उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। इसकी सबसे बड़ी वजह है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), जो पूरी दुनिया में काम करने के तरीके को बदल रहा है। इस बीच, टाटा म्युचुअल फंड (Tata Mutual Fund) ने अपनी फरवरी 2026 की रिपोर्ट “थ्रू द लेंस: एआई इम्पैक्ट ऑन आईटी सर्विसेज” में एक बहुत दिलचस्प बात कही है।


रिपोर्ट का मानना है कि अब तक AI की दुनिया में असली मलाई हार्डवेयर कंपनियों ने खाई है, जैसे कि चिप और GPU बनाने वाली कंपनियां। लेकिन अब खेल बदलने वाला है। अब बारी 'सर्विसेज' की है, और यहीं पर भारतीय आईटी सेक्टर के लिए बड़ा मौका बन रहा है।


हार्डवेयर से अब सर्विसेज की ओर बढ़ा फोकस


टाटा एमएफ की रिपोर्ट बताती है कि AI से कमाई का पहला दौर हार्डवेयर का था, जिसमें भारत की हिस्सेदारी बहुत कम थी। लेकिन अब दुनिया भर में एआई पर होने वाला खर्च हार्डवेयर से हटकर सेवाओं (Services) की तरफ मुड़ रहा है। भारत के पास आईटी सर्विस का एक मजबूत ढांचा पहले से मौजूद है, इसलिए इस नई लहर का सबसे ज्यादा फायदा भारत उठा सकता है।


फिलहाल भारतीय कंपनियां सीखने और एआई को अपने काम में शामिल करने (Integration) के दौर में हैं। कंपनियां नए-नए प्रयोग कर रही हैं कि कैसे एआई का इस्तेमाल करके काम को आसान बनाया जाए। हालांकि, इससे अभी बहुत बड़ी कमाई शुरू नहीं हुई है, लेकिन ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) और भारतीय आईटी कंपनियों के लिए यह भविष्य की नींव रख रहा है।


पुराने सिस्टम को बदलने में मिलेगी मदद


रिपोर्ट में एक बहुत ही पते की बात कही गई है बड़ी कंपनियां अपने आईटी बजट का 60 से 80 फीसदी पैसा सिर्फ पुराने सिस्टम (Legacy Systems) को जिंदा रखने और उनकी मरम्मत में खर्च कर देती हैं। एआई इस खर्च को कम कर सकता है।


एआई टूल्स की मदद से पुराने सिस्टम को मॉडर्न बनाना आसान और सस्ता हो जाएगा। इससे कंपनियों का जो पैसा रखरखाव में खर्च होता था, अब वह इनोवेशन में लगेगा। आईटी कंपनियों के लिए यह एक बहुत बड़ा मौका है कि वे अपने ग्राहकों को डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन में मदद करें।


बनी-बनाई चीज खरीदने के बजाय ‘खुद बनाने’ पर जोर


पहले कंपनियां बने-बनाए सॉफ्टवेयर (SaaS) खरीदना पसंद करती थीं, लेकिन अब ट्रेंड बदल रहा है। एआई की वजह से कोडिंग और डेवलपमेंट आसान हो गया है, इसलिए कंपनियां अब अपनी जरूरत के हिसाब से खुद के एप्लीकेशन डेवलप करना (Build) ज्यादा पसंद करेंगी। साथ ही, 'एजेंटिक इंटरफेस' का चलन बढ़ रहा है, जो मुश्किल सिस्टम को भी इस्तेमाल करने में आसान बना देता है।


चुनौतियां अभी खत्म नहीं हुई हैं


सब कुछ इतना आसान भी नहीं है। रिपोर्ट आगाह करती है कि टेक्नोलॉजी तो बहुत तेजी से भाग रही है, लेकिन कंपनियां उस रफ्तार से उसे अपना नहीं पा रही हैं। इसे 'डिप्लॉयमेंट गैप' कहा जाता है।


ब्राउनफील्ड vs ग्रीनफील्ड: नया कोड लिखना (ग्रीनफील्ड) आसान है, लेकिन पुराने और जटिल सिस्टम (ब्राउनफील्ड) को एआई से ठीक करना टेढ़ी खीर है। पुराने सिस्टम में कई ऐसी पेचीदगियां होती हैं जो कहीं लिखी नहीं होतीं। जो आईटी कंपनियां इस चुनौती को सुलझा लेंगी, वही बाजी मारेंगी।


स्किल की कमी: कर्मचारियों को नई एआई स्किल्स सिखाना और प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करना कंपनियों के लिए बड़ी चुनौती होगी।


निवेशकों के लिए क्या है सलाह?


अगर आप आईटी शेयरों में निवेश करते हैं, तो आपको थोड़ा धैर्य रखना होगा। टाटा म्युचुअल फंड का कहना है कि बाजार ने पुराने बिजनेस मॉडल के खत्म होने के डर को तो भाव में शामिल कर लिया है, लेकिन नए मॉडल से होने वाले फायदे को अभी पूरी तरह नहीं समझा है।


धीमी रिकवरी: एआई से होने वाला बदलाव रातों-रात नहीं दिखेगा। इसमें समय लगेगा।


वैल्यूएशन: अच्छी बात यह है कि निफ्टी आईटी का वैल्यूएशन अभी बहुत महंगा नहीं है और कमाई के अनुमान (Earnings Estimates) स्थिर हो रहे हैं। यह गिरावट के जोखिम को कम करता है।


आईटी सेक्टर में तुरंत किसी बड़े धमाके की उम्मीद करने के बजाय धीरे-धीरे सुधार (Gradual Recovery) की उम्मीद करनी चाहिए। अगले 6 से 12 महीनों के लिए बैंकिंग और मैन्युफैक्चरिंग जैसे सेक्टर ज्यादा मजबूत लग रहे हैं, लेकिन लंबी अवधि में आईटी सेक्टर वापसी के लिए तैयार हो रहा है।


यह भी पढेंः - Share Market Crash: शेयर बाजार में हाहाकार! 1200 अंक टूटा सेंसेक्स, युद्ध के डर और महंगाई की आहट से निवेशकों में मची अफरा-तफरी



#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Learn More
Ok, Go it!
To Top