Nifty 50 Technical Levels: गुरुवार 19 फरवरी को शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 550 अंक टूटकर 83313 पर आ गया। जानें बाजार के इस रुख और गिरावट के 4 मुख्य कारण।

Stock Market Crash Reasons: शेयर बाजार में निवेश करने वालों के लिए गुरुवार का दिन थोड़ी निराशा लेकर आया।
Stock Market Crash Reasons: शेयर बाजार में निवेश करने वालों के लिए गुरुवार का दिन थोड़ी निराशा लेकर आया। पिछले तीन दिनों से लगातार बाजार में जो एक शानदार तेजी का माहौल बना हुआ था, उस पर आज अचानक ब्रेक लग गया। 19 फरवरी को भारतीय शेयर बाजार ने अपनी शुरुआती बढ़त को बहुत जल्दी गंवा दिया और देखते ही देखते प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में आ गए।
बाजार के जानकारों को उम्मीद थी कि तेजी का यह सिलसिला थोड़ा और खिंचेगा लेकिन निवेशकों ने ऊपरी स्तरों पर अपना मुनाफा सुरक्षित करना ज्यादा सही समझा। दिन के कारोबार में सेंसेक्स अपने उच्चतम स्तर से लगभग 550 अंक तक टूट गया। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी अपना अहम सपोर्ट तोड़ते हुए 25750 के नीचे फिसल गया। सुबह 11:25 बजे के आसपास बीएसई सेंसेक्स 420.48 अंकों की गिरावट के साथ 83313.77 पर कारोबार कर रहा था। दूसरी तरफ निफ्टी 128.75 अंक गिरकर 25690.60 पर पहुंच गया।
इस पूरी उठापटक के बीच अगर किसी ने बाजार को थोड़ा सहारा दिया तो वह आईटी और फार्मा सेक्टर थे। इन दोनों को छोड़ दें तो बाकी लगभग सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में ही दिखाई दिए। सबसे ज्यादा बिकवाली रियल्टी, कंज्यूमर ड्यूरेबल, कैपिटल गुड्स और एफएमसीजी सेक्टर में देखने को मिली। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों पर भी दबाव साफ नजर आया जहां निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.4 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.1 प्रतिशत नीचे कारोबार कर रहे थे।
इस भारी गिरावट ने कई नए निवेशकों को चिंता में डाल दिया है। आइए विस्तार से समझते हैं कि आखिर बाजार में आज इतनी बड़ी बिकवाली के पीछे कौन से 4 मुख्य कारण जिम्मेदार रहे।
1. ऊपरी स्तरों पर भारी मुनाफावसूली
बाजार में गिरावट का सबसे बड़ा और सीधा कारण मुनाफावसूली है। पिछले तीन कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स और निफ्टी ने करीब 1.4 प्रतिशत की शानदार छलांग लगाई थी। इस तेजी के पीछे दिसंबर तिमाही के मजबूत नतीजे और कंपनियों का बेहतर प्रदर्शन था। जब बाजार लगातार ऊपर जाता है तो कई ट्रेडर और शॉर्ट टर्म निवेशक अपना फायदा बुक करने लगते हैं। आज भी बिल्कुल ऐसा ही हुआ।
जैसे ही इंडेक्स ऊंचे स्तरों पर पहुंचे निवेशकों ने अपने शेयर बेचकर पैसा निकालना शुरू कर दिया। 16 में से 13 प्रमुख सेक्टर आज दबाव में रहे। चॉइस ब्रोकिंग के टेक्निकल एनालिस्ट आकाश शाह का मानना है कि इस वक्त बाजार में स्टॉक के आधार पर ही एक्शन हो रहा है। निवेशक बहुत सोच समझकर और सावधानी के साथ अपना पैसा लगा रहे हैं। भले ही कंपनियों के तिमाही नतीजे सुधर रहे हों लेकिन कुछ समय तक बाजार एक सीमित दायरे में ही कंसोलिडेट करता रह सकता है।
2. कच्चे तेल की कीमतों में अचानक आया उबाल
ग्लोबल मार्केट से आने वाली खबरें सीधे तौर पर हमारे घरेलू बाजार को प्रभावित करती हैं और आज क्रूड ऑयल ने भी बाजार का मूड बिगाड़ने में बड़ी भूमिका निभाई। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव की आशंकाओं ने दुनियाभर के निवेशकों को डरा दिया है। सबको इस बात की चिंता सता रही है कि अगर तनाव बढ़ता है तो तेल की सप्लाई रुक सकती है।
इसी डर के कारण पिछले कारोबारी सत्र में कच्चे तेल के दामों में 4 प्रतिशत से ज्यादा का उछाल देखा गया। ब्रेंट क्रूड का भाव फिलहाल 70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है जबकि अमेरिकी क्रूड भी 65 डॉलर प्रति बैरल के करीब ट्रेड कर रहा है। भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल बाहर से खरीदता है। ऐसे में कच्चे तेल का महंगा होना हमारे देश में महंगाई बढ़ा सकता है और सरकार का चालू खाते का घाटा भी बढ़ सकता है। यही बात शेयर बाजार के निवेशकों को परेशान कर रही है।
3. इंडिया VIX में तेज उछाल ने बढ़ाया डर
शेयर बाजार में जब भी अनिश्चितता या डर बढ़ता है तो इंडिया VIX इंडेक्स ऊपर की तरफ भागने लगता है। इसे बाजार का फियर गेज भी कहा जाता है। गुरुवार को इसमें करीब 5 प्रतिशत की जोरदार तेजी देखी गई और यह बढ़कर 12.83 के स्तर पर पहुंच गया।
इंडिया VIX में इस तरह की बढ़त साफ संकेत देती है कि आने वाले कुछ दिनों में बाजार में और भी ज्यादा उतार चढ़ाव देखने को मिल सकता है। जब यह इंडेक्स चढ़ता है तो ट्रेडर मानकर चलते हैं कि बाजार का जोखिम बढ़ गया है। इसी जोखिम से बचने के लिए आज कई निवेशकों ने अपनी पोजीशन हल्की की जिससे बाजार पर दबाव और गहरा हो गया।
4. टेक्निकल लेवल और रेजिस्टेंस की चुनौती
चार्ट और टेक्निकल आंकड़ों पर नजर रखने वाले एक्सपर्ट्स पहले से ही इस रुकावट का अंदेशा जता रहे थे। निफ्टी के लिए 26000 का स्तर एक बहुत बड़ी मनोवैज्ञानिक और तकनीकी दीवार बना हुआ है। बाजार को आगे की एक नई रैली शुरू करने के लिए निफ्टी को 25900 से लेकर 26000 के स्तर को मजबूती से पार करना बेहद जरूरी है।
चॉइस इक्विटी ब्रोकिंग के रिसर्च एनालिस्ट हितेश टेलर की सलाह है कि इस वक्त ग्लोबल अनिश्चितताओं को देखते हुए ट्रेडर्स को अनुशासन बनाए रखना चाहिए। अगर आप बाजार में पैसा लगाना चाहते हैं तो सिर्फ मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों को ही चुनें। नई खरीदारी तभी करनी चाहिए जब निफ्टी 26000 के ऊपर एक टिकाऊ ब्रेकआउट दे।
वहीं सैमको सिक्योरिटीज के अनुसार निफ्टी के लिए 25700 से 25660 के बीच एक अच्छा सपोर्ट मौजूद है। अगर बाजार यहां से संभलता है तो ऊपर की तरफ 26000 और फिर 26050 का मजबूत रेजिस्टेंस इसे पार करना होगा। जब तक बाजार इन अहम लेवल्स को पार नहीं करता तब तक इस तरह की छोटी मोटी गिरावट आम बात है।
कुल मिलाकर आज का दिन निवेशकों के लिए बाजार को समझने और अपनी रणनीति को फिर से परखने का दिन रहा। ऐसी गिरावट के माहौल में घबराने के बजाय अच्छे स्टॉक्स पर नजर रखना एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है।
( डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी केवल मार्केट अपडेट्स और रिपोर्ट्स पर आधारित है। यह किसी भी प्रकार की वित्तीय सलाह या निवेश की राय नहीं है। क्रिप्टो मार्केट और शेयर बाजार जोखिमों के अधीन हैं। निवेश करने से पहले कृपया अपने वित्तीय सलाहकार से संपर्क जरूर करें।)
