India Forex Reserves: भारत के विदेशी मुद्रा भंडार ने रचा इतिहास! RBI के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश का खजाना बढ़कर 725.727 बिलियन डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। सोने के भंडार में भी हुई बंपर बढ़ोतरी। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
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| India Forex Reserves |
मुंबई: भारतीय अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर एक बहुत बड़ी और अच्छी खबर सामने आई है। देश का विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) अब तक के अपने सबसे ऊंचे स्तर यानी 'ऑल टाइम हाई' पर पहुंच गया है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने जो ताजा आंकड़े जारी किए हैं, वो बताते हैं कि दुनिया भर में भारत की आर्थिक स्थिति कितनी मजबूत हो रही है।
खजाने में हुई भारी बढ़ोतरी
RBI के आंकड़ों के अनुसार, 13 फरवरी को खत्म हुए सप्ताह में भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में जबरदस्त उछाल आया है। इस दौरान खजाना 8.66 बिलियन डॉलर बढ़कर 725.727 बिलियन डॉलर हो गया है। यह अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। इससे पहले, 6 फरवरी को खत्म हुए सप्ताह में यह थोड़ा गिरकर 717.064 बिलियन डॉलर पर आ गया था। लेकिन अब इसने जनवरी में बनाए गए 723.774 बिलियन डॉलर के पुराने रिकॉर्ड को भी तोड़ दिया है।
सोने के भंडार में भी चमक
सिर्फ डॉलर ही नहीं, बल्कि भारत के पास मौजूद सोने के भंडार (Gold Reserves) की वैल्यू भी बढ़ी है। आंकड़ों के मुताबिक, इस हफ्ते सोने के भंडार का मूल्य 4.99 बिलियन डॉलर बढ़कर 128.466 बिलियन डॉलर हो गया है। इससे पहले वाले हफ्ते में सोने की वैल्यू में थोड़ी गिरावट देखी गई थी, लेकिन अब इसमें फिर से तेजी आई है।
क्यों बढ़ रहा है भारत का पैसा?
इस रिकॉर्ड बढ़ोतरी के पीछे कई बड़े कारण हैं:
मजबूत निवेश: विदेशी निवेशकों का भरोसा भारतीय बाजार पर बढ़ा है।
ट्रेड एग्रीमेंट: भारत-EU मुक्त व्यापार समझौता और भारत-अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते की खबरों ने बाजार में पॉजिटिव माहौल बनाया है।
विदेशी करेंसी एसेट्स: 13 फरवरी वाले सप्ताह में विदेशी मुद्रा संपत्ति (FCA) भी 3.55 बिलियन डॉलर बढ़कर 573.603 बिलियन डॉलर हो गई है। इसमें डॉलर के अलावा यूरो, पाउंड और येन जैसी मुद्राओं का हिसाब-किताब भी शामिल होता है।
आम आदमी के लिए इसका क्या मतलब है?
विदेशी मुद्रा भंडार का इतना ज्यादा होना देश की सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी है। अभी भारत के पास इतना पैसा जमा है कि हम अपनी जरूरत का लगभग 96% सामान बाहर से आयात कर सकते हैं और देश के ऊपर जो भी विदेशी कर्ज है, उसे एक साल तक आराम से चुका सकते हैं। इससे रुपया मजबूत होता है और महंगाई को कंट्रोल करने में मदद मिलती है।
कुल मिलाकर, यह खबर बताती है कि ग्लोबल मार्केट में उतार-चढ़ाव के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है और निवेशकों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है।

