Small Cap Stocks Outlook: स्मॉलकैप में अब 'अंधाधुंध तेजी' की उम्मीद नहीं! फंड मैनेजर्स ने दी सलाह- अगले 3 साल ऑटो और मैन्युफैक्चरिंग के 'क्वालिटी शेयरों' पर करें फोकस। जानें एक्सपर्ट्स की राय।

Small Cap Stocks Outlook: स्मॉलकैप में अब 'अंधाधुंध तेजी' की उम्मीद नहीं!
Investment Strategy: शेयर बाजार में पिछले तीन-चार सालों से स्मॉलकैप शेयरों (Small Cap Stocks) में जो तूफानी तेजी देखने को मिल रही थी, अब उस पर थोड़ा ब्रेक लगता नजर आ रहा है। अगर आप भी स्मॉलकैप में निवेश करके रातों-रात पैसा डबल करने का सपना देख रहे हैं, तो आपको अपनी रणनीति बदलने की जरूरत है। अहमदाबाद में आयोजित मनीकंट्रोल म्यूचुअल फंड समिट (Moneycontrol Mutual Fund Summit) में देश के दिग्गज फंड मैनेजरों ने साफ शब्दों में कहा है कि "बाजार में अब एकतरफा रैली की उम्मीद न करें।"
इस समिट में टाटा AMC, ICICI प्रूडेंशियल और HSBC म्यूचुअल फंड के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया और निवेशकों को आगाह करते हुए बताया कि अब पैसा बनाने के लिए 'भीड़ चाल' नहीं, बल्कि 'समझदारी' और 'धैर्य' की जरूरत होगी।
2020 से 2024 का दौर था ‘असामान्य', अब संभलने का वक्त
समिट के दौरान टाटा AMC के सीनियर फंड मैनेजर चंद्रप्रकाश पडियार ने बाजार की नब्ज टटोलते हुए कहा कि 2020 और 2024 के बीच का समय सामान्य नहीं था। उस वक्त लिक्विडिटी (बाजार में पैसा) बहुत ज्यादा थी और कंपनियों का बेस छोटा था, जिसके चलते कमाई में जबरदस्त उछाल आया।
उन्होंने समझाया, "2021 से 2024 के दौरान हमने स्मॉलकैप यूनिवर्स में कमाई में एक तेज बढ़त देखी। लेकिन 2024 आते-आते वैल्यूएशन (Valuation) बहुत महंगे हो गए। यही वजह थी कि टाटा स्मॉल कैप फंड ने जून 2023 से ही एकमुश्त निवेश (Lumpsum) लेना बंद कर दिया था और हम पिछले दो सालों से बहुत ही रूढ़िवादी (Conservative) नजरिया अपना रहे हैं।"
एक्सपर्ट्स का मानना है कि जो तेजी पीछे छूट गई है, वैसी ही तेजी की उम्मीद अगले कुछ सालों तक करना बेमानी होगा।
तो अब निवेशक क्या करें? (Investment Strategy)
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर बाजार में एकतरफा तेजी नहीं है, तो पैसा कहां बनेगा? इस पर ICICI प्रूडेंशियल AMC के सीनियर फंड मैनेजर इहाब दलवई और HSBC म्यूचुअल फंड की SVP चीनू गुप्ता ने एक ही मंत्र दिया- "क्वालिटी पर फोकस।"
फंड मैनेजरों की राय में, अब निवेशकों को 'बॉटम-अप स्टॉक सेलेक्शन' (Bottom-up Stock Selection) की रणनीति अपनानी होगी। इसका मतलब है कि पूरा इंडेक्स खरीदने के बजाय, उन चुनिंदा कंपनियों को चुनना होगा जिनके फंडामेंटल्स मजबूत हैं।
इहाब दलवई ने कहा, "भले ही हालिया गिरावट के बाद वैल्यूएशन में थोड़ा सुधार हुआ है और 2024 वाला अंधाधुंध जोश कम हुआ है, लेकिन अभी भी स्मॉल कैप शेयर, लार्ज कैप के मुकाबले प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे हैं। इसलिए, हमें उन क्वालिटी शेयरों को ढूंढना होगा जो अच्छे भाव पर मिल रहे हैं।"
इन 3 सेक्टर्स में हैं कमाई के बड़े मौके
एक्सपर्ट्स ने समिट में कुछ खास सेक्टर्स की तरफ इशारा किया है, जहां आने वाले समय में अच्छी ग्रोथ देखने को मिल सकती है। दलवई के मुताबिक, कुछ सेक्टर्स ऐसे हैं जहां स्मॉल कैप कंपनियां ही मार्केट लीडर हैं।
निवेशकों को इन सेक्टर्स पर नजर रखनी चाहिए:
ऑटो सेक्टर (Auto Sector): गाड़ियों की मांग और नए लॉन्च के चलते यहां अच्छी हलचल है।
रियल एस्टेट (Real Estate): घरों और कमर्शियल प्रॉपर्टी की डिमांड में सुधार हो रहा है।
मैन्युफैक्चरिंग (Manufacturing): सरकार के 'मेक इन इंडिया' और PLI स्कीम का फायदा इस सेक्टर को मिल रहा है।
दलवई ने सलाह दी कि स्मॉल कैप्स आपके पोर्टफोलियो का हिस्सा जरूर होने चाहिए, लेकिन यह 'मुख्य हिस्सा' नहीं होने चाहिए। एसेट एलोकेशन का ध्यान रखना बहुत जरूरी है।
सिर्फ ग्रोथ नहीं, 'स्केलेबिलिटी' देखें
HSBC म्यूचुअल फंड की चीनू गुप्ता ने एक बहुत महत्वपूर्ण बात कही। उन्होंने कहा कि शेयर चुनते समय सिर्फ यह न देखें कि कंपनी ने पिछले एक साल में कितना कमाया है। सबसे जरूरी यह देखना है कि क्या वह कंपनी अगले 3 से 5 साल तक लगातार ग्रोथ कर सकती है?
उन्होंने कहा, "निवेशकों को कंपनियों की अर्निंग्स क्वालिटी (Earnings Quality), मैनेजमेंट का अनुशासन और बिजनेस को बड़ा करने (Scalability) की क्षमता को परखना चाहिए। हमारा मकसद उन छोटी कंपनियों को पहचानना है जो भविष्य में बड़ी बनकर मिड-कैप या लार्ज-कैप बनने का दम रखती हों।"
धैर्य ही देगा असली रिटर्न: 2-3 साल का नजरिया रखें
बाजार में हाल ही में जो गिरावट (Correction) आई है, उसे एक्सपर्ट्स एक अच्छे मौके के तौर पर देख रहे हैं, लेकिन शर्त यह है कि आपके पास धैर्य हो।
प्राइस और टाइम करेक्शन: सितंबर 2024 के पीक के बाद बाजार में भाव और समय दोनों का करेक्शन देखने को मिला है।
सब्र का फल: चीनू गुप्ता का मानना है कि स्मॉल-कैप में निवेश करने वालों को कम से कम 2 से 3 साल का सब्र रखना चाहिए।
टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से अब छोटी कंपनियां भी अपने डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को बढ़ा रही हैं, जिससे बड़ी और छोटी कंपनियों के बीच का फासला कम हो रहा है।
कहां निवेश करें? आंकड़ों की जुबानी
चंद्रप्रकाश पडियार ने निवेश के लिए एक सटीक फॉर्मूला भी साझा किया। उन्होंने बताया कि 5,000 करोड़ से 15,000 करोड़ रुपये के मार्केट कैप वाली कंपनियों में अच्छे मौके छिपे हैं।
किन कंपनियों पर दांव लगाएं?
- जिनका प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेश्यो 10 से 15 गुना के आसपास हो।
- जिनका कैश फ्लो जेनरेशन मजबूत हो।
- जिनकी कमाई की ग्रोथ 20% से ज्यादा रहने का अनुमान हो।
- जो कंपनियां रिसर्च और डेवलपमेंट (R&D) पर खर्च करती हों और पेटेंट हासिल कर रही हों।
विशेष रूप से प्रिसिजन इंजीनियरिंग, ऑटो इंजीनियरिंग और कैपिटल गुड्स से जुड़ी कंपनियों में वे काफी बुलिश (Bullish) नजर आए।
अनुशासन ही सफलता की कुंजी
अहमदाबाद समिट का सार यही था कि स्मॉलकैप का अगला दौर 'लिक्विडिटी' (पैसे के बहाव) से नहीं, बल्कि 'परफॉर्मेंस' से चलेगा। इंडेक्स लेवल पर शायद आपको बहुत बड़ी तेजी न दिखे, लेकिन अगर आप सही शेयर चुनने में कामयाब रहे, तो रिटर्न अब भी बनेगा।
इसलिए, किसी टिप या अफवाह पर ध्यान देने के बजाय, कंपनी के बिजनेस मॉडल को समझें। जैसा कि फंड मैनेजरों ने कहा- "सोच-समझकर स्टॉक चुनना और सब्र रखना ही अब आपके नतीजे तय करेगा।"
सोर्स- (Moneycontrol Mutual Fund Summit
Disclaimer: म्यूचुअल फंड्स निवेश बाज़ार जोखिमों के अधीन है। ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। MoneysutraHub.in अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।
