Income Tax Notice reasons: 31 जुलाई 2026 तक ITR फाइल करना जरूरी है। रिटर्न भरते समय अपनी इनकम, HRA या डिडक्शन में की गई 5 छोटी गलतियां भी आपको इनकम टैक्स का नोटिस दिला सकती हैं। जानें बचने के तरीके।
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| Income Tax Notice reasons |
अहमदाबाद, 22 मई: इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने का सीजन चल रहा है। असेसमेंट ईयर 2026 के लिए ITR भरने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2026 है। कई लोग टैक्स भरने के लिए आखिरी दिन का इंतजार करते हैं, लेकिन एक्सपर्ट्स की मानें तो यह आदत आपको भारी पड़ सकती है।
अक्सर आखिरी वक्त में जल्दबाजी के चक्कर में लोग रिटर्न फाइल करते समय कई गलतियां कर बैठते हैं। आपको बता दें कि आजकल इनकम टैक्स विभाग (Income Tax Department) रिटर्न की जांच के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी एडवांस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रहा है। ऐसे में आपकी एक छोटी सी चूक भी विभाग की पकड़ में आ जाएगी और आपको इनकम टैक्स का नोटिस (Income Tax Notice) मिल सकता है।
आइए जानते हैं उन 5 बड़ी गलतियों के बारे में, जिनसे आपको हर हाल में बचना चाहिए:
1. अपनी इनकम की सही जानकारी न देना
ITR भरते समय अपनी कुल कमाई का सही-सही हिसाब देना बहुत जरूरी है। इसके लिए आप Form 16 और AIS (एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट) जैसे डॉक्यूमेंट्स की मदद लें। अगर आपको शेयर बाजार से कैपिटल गेन हुआ है या बैंक में जमा पैसे (FD आदि) पर ब्याज मिला है, तो उसे छिपाएं नहीं। आपके द्वारा दी गई जानकारी अगर विभाग के डेटा से मैच नहीं हुई, तो नोटिस आना तय है।
2. फर्जी या गलत डिडक्शन क्लेम करना
टैक्स बचाने के चक्कर में कई लोग ओल्ड टैक्स रिजीम (Old Tax Regime) के तहत ऐसे डिडक्शन क्लेम कर लेते हैं, जिनके वे हकदार ही नहीं होते। याद रखें, आप जो भी छूट मांग रहे हैं, उसका पक्का सबूत (डॉक्यूमेंट्स) आपके पास होना चाहिए। गलत तरीके से टैक्स लायबिलिटी कम करने की कोशिश आपको बड़ी मुसीबत में डाल सकती है।
3. HRA के नाम पर फर्जीवाड़ा
हाउस रेंट अलाउंस (HRA) टैक्स बचाने का एक शानदार तरीका है। लेकिन इसे क्लेम करने के नियम बहुत साफ हैं। इसके लिए आपके पास मकान मालिक का PAN कार्ड, उसका सही पता और रेंट एग्रीमेंट या किराए की रसीद होनी चाहिए। अगर आप टैक्स बचाने के लिए फर्जी रसीद या फेक डॉक्यूमेंट्स लगाते हैं, तो विभाग का AI सिस्टम इसे तुरंत पकड़ लेगा और आपको नोटिस भेज दिया जाएगा।
4. TDS अमाउंट का मिसमैच होना
कई बार ऐसा होता है कि कंपनी (एंप्लॉयर) आपका TDS तो काट लेती है, लेकिन उसे सरकार के पास सही समय पर जमा नहीं करती या रिटर्न में गलती कर देती है। इसका खामियाजा आपको भुगतना पड़ सकता है। इसलिए ITR भरने से पहले अपने Form 16 और 26AS में कटे हुए TDS का मिलान जरूर कर लें। अगर कोई गड़बड़ी दिखे, तो तुरंत अपनी कंपनी के HR या अकाउंट्स डिपार्टमेंट से बात करें।
5. हाई वैल्यू ट्रांजेक्शन को छिपाना
अगर आपने बीते वित्त वर्ष (Financial Year) में कोई बड़ा लेन-देन किया है, तो उसकी जानकारी ITR में जरूर दें। इनकम टैक्स विभाग के नियमों के मुताबिक:
- बैंक खाते में 10 लाख रुपये या उससे ज्यादा नकद जमा करना।
- क्रेडिट कार्ड से 2 लाख रुपये से ज्यादा का बिल भरना।
- म्यूचुअल फंड या शेयर बाजार में 2 लाख रुपये से ज्यादा का निवेश करना।
अगर आपने ये ट्रांजेक्शन किए हैं और रिटर्न में इनका जिक्र नहीं किया है, तो इनकम टैक्स विभाग आपसे जवाब मांग सकता है।
ITR फाइल करना कोई मुश्किल काम नहीं है, बस थोड़ी सावधानी की जरूरत है। 31 जुलाई 2026 की डेडलाइन का इंतजार न करें। अपने सभी डॉक्यूमेंट्स इकट्ठा करें और समय रहते सही जानकारी के साथ अपना टैक्स रिटर्न दाखिल करें। अगर आपको कोई भी कन्फ्यूजन हो, तो किसी CA (चार्टर्ड अकाउंटेंट) या टैक्स एक्सपर्ट की मदद जरूर लें।

