बाजार की सुनामी में भी चट्टान की तरह खड़े हैं ये 2 केमिकल शेयर, 6 महीने में दिया 50% तक रिटर्न! जानिए क्या है इनमें खास

MoneySutraHub Team

Specialty Chemical Stocks: गिरते बाजार में भी NOCIL और Aether Industries जैसे स्पेशियलिटी केमिकल स्टॉक्स शानदार रिटर्न दे रहे हैं। जानिए क्या हैं इनकी ग्रोथ के कारण और निवेशकों को इन पर क्यों नजर रखनी चाहिए।


Specialty Chemical Stocks
Stock Market India



नई दिल्ली, 9 अप्रैल| जब पूरी दुनिया के शेयर बाजारों में पश्चिम एशिया संकट के कारण घबराहट का माहौल है और भारतीय बाजार भी इससे बच नहीं पाया है, तब ज्यादातर निवेशक अपने पोर्टफोलियो को लेकर चिंतित हैं। गिरावट का यह दौर लगभग हर सेक्टर पर हावी है, और केमिकल सेक्टर भी इससे अछूता नहीं है। आंकड़ों पर नजर डालें तो निफ्टी केमिकल्स इंडेक्स पिछले एक महीने में 6.26% और इस साल यानी 2026 में अब तक 11.1% से ज्यादा टूट चुका है।


ऐसे में जब बड़े-बड़े दिग्गज शेयर भी लाल निशान में कारोबार कर रहे हों, तब कुछ ऐसे शेयर भी हैं जो बाजार के इस तूफान का डटकर सामना कर रहे हैं। स्पेशियलिटी केमिकल सेक्टर के दो ऐसे ही दमदार स्टॉक्स, NOCIL लिमिटेड और Aether इंडस्ट्रीज, न केवल गिरावट से बचे हुए हैं, बल्कि अपने निवेशकों को शानदार पॉजिटिव रिटर्न भी दे रहे हैं।


आइए, हम इन दोनों कंपनियों के बिजनेस मॉडल, उनकी ग्रोथ के पीछे की वजहों और भविष्य की संभावनाओं को गहराई से समझते हैं, ताकि आप यह फैसला कर सकें कि इन पर नजर रखना क्यों जरूरी है।


बाजार की गिरावट के बीच चमकते सितारे


शेयर बाजार का एक सीधा नियम है- "Buy when there's blood in the streets" यानी जब बाजार में डर का माहौल हो, तभी खरीदने के अच्छे मौके मिलते हैं। हालांकि, यह पहचानना मुश्किल होता है कि कौन सा स्टॉक इस गिरावट में भी मजबूत बना रहेगा। NOCIL और Aether इंडस्ट्रीज के हालिया प्रदर्शन ने एक्सपर्ट्स का ध्यान अपनी ओर खींचा है, क्योंकि इनके फंडामेंटल्स मजबूत दिख रहे हैं, जो इन्हें लंबी अवधि के लिए एक आकर्षक विकल्प बना सकते हैं।


1. NOCIL Limited: रबर केमिकल का बेताज बादशाह


NOCIL लिमिटेड भारत की सबसे बड़ी रबर केमिकल बनाने वाली कंपनी है। भारतीय बाजार में इसका दबदबा ऐसा है कि यह अकेले करीब 40% मार्केट शेयर पर काबिज है। कंपनी अपने प्रोडक्ट्स को Pilfex, Pilnox, Pilgard और Pilcure जैसे स्थापित ब्रांड नामों के तहत बेचती है, जो टायर और अन्य रबर प्रोडक्ट्स बनाने में इस्तेमाल होते हैं।


शेयर का दमदार प्रदर्शन: बाजार की मौजूदा गिरावट के बावजूद, NOCIL के शेयर ने पिछले एक महीने में लगभग 25% की जबरदस्त तेजी दिखाई है। अगर पिछले तीन महीनों का प्रदर्शन देखें, तो यह स्टॉक करीब 9% चढ़ा है। यह प्रदर्शन तब और भी खास हो जाता है जब पूरा सेक्टर दबाव में हो।


ग्रोथ के पीछे क्या हैं कारण? NOCIL की इस शानदार तेजी के पीछे कुछ ठोस वजहें हैं:


लगातार बढ़ती वॉल्यूम: कंपनी की वॉल्यूम ग्रोथ पिछले पांच तिमाहियों से स्थिर बनी हुई है। वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही से वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही के बीच कंपनी ने वॉल्यूम में 6% से ज्यादा की बढ़त दर्ज की है। यह दिखाता है कि कंपनी के प्रोडक्ट्स की मांग लगातार बढ़ रही है।


मजबूत घरेलू मांग: भारत में ऑटोमोबाइल और अन्य इंडस्ट्रीज से रबर की मांग मजबूत बनी हुई है, जिसका सीधा फायदा NOCIL को मिल रहा है। GST 2.0 के बाद घरेलू बाजार में कंपनी की पकड़ और मजबूत हुई है।


‘चाइना+1' रणनीति का फायदा: पूरी दुनिया की कंपनियां अब चीन पर अपनी निर्भरता कम कर रही हैं और भारत को एक वैकल्पिक सप्लायर के तौर पर देख रही हैं। रबर केमिकल के मामले में NOCIL इस मौके को भुनाने के लिए सबसे अच्छी स्थिति में है। वैश्विक स्तर पर रबर की खपत 2016 के 27.5 मिलियन मीट्रिक टन से बढ़कर 2024 में 31.9 मिलियन मीट्रिक टन हो गई है, जिससे रबर केमिकल्स की मांग भी बढ़ी है।


क्षमता विस्तार (Capex): कंपनी ने गुजरात के दहेज में अपने प्लांट के विस्तार के लिए 250 करोड़ रुपये का निवेश प्लान शुरू किया है। यह प्लांट पेट्रोकेमिकल हब और बंदरगाह के पास है, जिससे कंपनी को कच्चा माल आसानी से मिलता है और लागत भी कम होती है। इस विस्तार से कंपनी की उत्पादन क्षमता बढ़ेगी।


किन बातों पर रखनी होगी नजर? हालांकि, हर अच्छी कहानी में कुछ चुनौतियां भी होती हैं। वॉल्यूम बढ़ने के बाद भी कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और प्राइसिंग प्रेशर के कारण कंपनी के रेवेन्यू और मुनाफे में थोड़ी गिरावट आई है। साथ ही, कंपनी का ROCE (Return on Capital Employed) 6.7% है, जो इंडस्ट्री के औसत 15.46% से कम है। स्टॉक 43.2x के PE पर ट्रेड कर रहा है, जो इसे थोड़ा महंगा बनाता है। लेकिन, कंपनी का डिविडेंड यील्ड 1.23% है, जो इंडस्ट्री के औसत (0.36%) से काफी बेहतर है।


2. Aether Industries: इनोवेशन और दमदार विस्तार


Aether इंडस्ट्रीज एक ऐसी स्पेशियलिटी केमिकल कंपनी है जो एडवांस इंटरमीडिएट्स बनाती है। इसकी खासियत यह है कि यह उन केमिकल्स पर फोकस करती है, जिन्हें बनाने वाली भारत में बहुत कम कंपनियां हैं। इससे इसे कंपीटिशन का कम सामना करना पड़ता है और मार्जिन बेहतर रहता है।


शेयर का रॉकेट जैसा रिटर्न: Aether इंडस्ट्रीज के शेयर ने निवेशकों को मालामाल किया है। पिछले एक महीने में यह शेयर करीब 14.53% चढ़ा है, जबकि पिछले 6 महीनों में इसने 49.64% का चौंकाने वाला रिटर्न दिया है। इसका मौजूदा शेयर प्राइस 1,130 रुपये है, जो इसके 52-सप्ताह के हाई (₹1,250) के बेहद करीब है।


ग्रोथ के पावरफुल इंजन: Aether की इस phenomenal ग्रोथ के पीछे कई फैक्टर्स काम कर रहे हैं:


डायवर्सिफाइड रेवेन्यू: कंपनी ने बहुत स्मार्ट तरीके से अपने बिजनेस को अलग-अलग सेक्टर्स में फैलाया है। पहले जहां कंपनी की आधी कमाई फार्मा सेक्टर से आती थी, अब वह घटकर 31% रह गई है। वहीं, ऑयल और गैस सेगमेंट से रेवेन्यू 4.3% से बढ़कर 21.8% हो गया છે। मटेरियल साइंस और एग्रोकेमिकल्स में भी कंपनी ने अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है।


भविष्य के सेक्टर्स में एंट्री: Aether ने सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक केमिकल्स के क्षेत्र में भी कदम रखा है। यह एक बहुत बड़ा कदम है, क्योंकि भारत सरकार इस सेक्टर को बड़े पैमाने पर बढ़ावा दे रही है और यह भविष्य का ग्रोथ इंजन साबित हो सकता है।


आक्रामक विस्तार: कंपनी बहुत तेजी से अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ा रही है। सूरत में इसका Site 3++ शुरू हो चुका है और पनौली में Site 5 का निर्माण तेजी से चल रहा है।


मजबूत तिमाही नतीजे: कंपनी की तीसरी तिमाही के नतीजे शानदार रहे। बिक्री 44% बढ़कर 317 करोड़ रुपये हो गई, जबकि मुनाफा 46% बढ़कर 64 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।


क्या हैं इसमें जोखिम? Aether के साथ सबसे बड़ी चिंता इसका बहुत महंगा वैल्यूएशन है। यह स्टॉक 65x के PE और 4x के PEG पर ट्रेड कर रहा है, जो इंडस्ट्री औसत से बहुत ज्यादा है। इसका मतलब है कि बाजार पहले से ही इसकी भविष्य की ग्रोथ को कीमत में शामिल कर चुका है। इसके अलावा, कंपनी डिविडेंड नहीं देती है और इसका ROCE भी लगभग 10% है, जो इंडस्ट्री औसत से कम है।


इन स्टॉक्स पर नजर क्यों रखें?


NOCIL लिमिटेड और Aether इंडस्ट्रीज, दोनों ही कंपनियां मुश्किल बाजार में भी अपनी मजबूती साबित कर रही हैं। यह उनके बिजनेस मॉडल, मैनेजमेंट की दूरदर्शिता और ग्रोथ की अपार संभावनाओं को दिखाता है।


क्यों हैं खास: मजबूत वॉल्यूम ग्रोथ, नए बाजारों में एंट्री, क्षमता विस्तार और 'चाइना+1' जैसे ग्लोबल ट्रेंड्स इन्हें लंबी रेस का घोड़ा बनाते हैं।


क्या है चिंता: दोनों ही स्टॉक्स का वैल्यूएशन महंगा है। इसका मतलब है कि अगर भविष्य में ग्रोथ उम्मीद के मुताबिक नहीं रही, तो शेयर की कीमत में गिरावट आ सकती है।


इसलिए, निवेशकों को इन स्टॉक्स को अपनी वॉचलिस्ट में जरूर शामिल करना चाहिए। किसी भी तरह का निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लें और खुद की रिसर्च करें। ये कंपनियां दिखाती हैं कि अगर बिजनेस में दम हो, तो बाजार के उतार-चढ़ाव का असर कम हो जाता है।


डिस्क्लेमर: यहां पर दिए गए विचार और इन्वेस्टमेंट सलाह इन्वेस्टमेंट प्रोफेशनल्स के अपने विचार और सलाह हैं। MoneysutraHub.in यूज़र्स को सलाह देता है कि कोई भी इन्वेस्टमेंट का फैसला लेने से पहले किसी सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें।


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