New Labour Law: नौकरी छोड़ने के सिर्फ 2 दिन में मिलेगा पाई-पाई का हिसाब, 45 दिनों के इंतजार से मिलेगी छुट्टी!

MoneySutraHub Team

 New Labour Law India: नौकरी छोड़ने के बाद अब सैलरी के लिए हफ्तों का इंतजार खत्म! नए Labour Law के तहत कंपनियों को सिर्फ 2 वर्किंग डेज में करना होगा Full and Final Settlement. जानिए नया नियम।


Indian labour laws 2026



नइ दिल्ली, 4 अप्रैलः क्या आपने भी कभी नौकरी बदली है? अगर हां, तो आपको अच्छी तरह पता होगा कि पुरानी कंपनी से अपना बकाया पैसा यानी फुल एंड फाइनल (FnF) सेटलमेंट लेने में कितना पसीना छूटता है। अक्सर इसमें 40 से 45 दिन, और कभी-कभी तो 90 दिन तक लग जाते हैं। इस लंबे इंतजार की वजह से कर्मचारियों को पैसों की भारी किल्लत झेलनी पड़ती है। लेकिन अब टेंशन मत लीजिए! सरकार के नए लेबर कानून (Labour Law) के तहत आपकी यह पुरानी परेशानी हमेशा के लिए खत्म होने जा रही है।


अब अगर आप नौकरी छोड़ते हैं, तो सिर्फ 2 दिन के अंदर ही आपका पूरा पैसा आपके बैंक खाते में आ जाएगा।


क्या है सरकार का नया नियम?


देश में 1 अप्रैल 2026 से ‘Code on Wages, 2019' के नए नियम लागू होने जा रहे हैं। इस नए कानून के मुताबिक, अगर कोई कर्मचारी खुद नौकरी से इस्तीफा देता है, उसे कंपनी से निकाला जाता है, या फिर अचानक कंपनी ही बंद हो जाती है, तो हर हाल में कंपनी को सिर्फ 2 वर्किंग डेज (Working Days) के अंदर उसका सारा बकाया पेमेंट करना होगा। पहले इस पूरी प्रक्रिया में 30 से 90 दिन तक का समय लग जाता था, लेकिन अब कंपनियों को यह काम तुरंत करना होगा।


क्या होता है फुल एंड फाइनल (FnF) सेटलमेंट?


आसान भाषा में समझें तो, जब आप कोई कंपनी छोड़ते हैं, तो आपकी आखिरी सैलरी से लेकर तमाम भत्तों (Allowances) और छुट्टियों का जो आखिरी हिसाब होता है, उसे ही फुल एंड फाइनल सेटलमेंट कहते हैं।


2 दिन के अंदर आपको क्या-क्या मिलेगा?


नए नियम के तहत जब आपका सेटलमेंट होगा, तो उसमें नीचे दी गई ये सभी चीजें शामिल होंगी:


अंतिम सैलरी: आपके आखिरी महीने में जितने दिन आपने काम किया है, उसकी पूरी पगार।


लीव एन्कैशमेंट (Leave Encashment): आपके हिस्से की जो भी छुट्टियां बची हैं, उनके बदले मिलने वाला पैसा।


बोनस और इंसेंटिव: आपके काम और परफॉर्मेंस के आधार पर मिलने वाला बकाया इंसेंटिव या बोनस।


ग्रेच्युटी (Gratuity): नए नियमों के तहत कुछ खास मामलों में अब 1 साल काम करने पर भी ग्रेच्युटी का फायदा मिल सकता है। हालांकि, इसे देने के लिए कंपनियों को 30 दिन का समय मिलेगा।


रिइम्बर्समेंट (Reimbursement): अगर आपने कंपनी के काम से कोई यात्रा की है या अपनी जेब से ऑफिस का कोई खर्च किया है, तो वह पैसा भी आपको वापस मिलेगा।


कटौती (Deductions): अगर आपने कंपनी से कोई एडवांस सैलरी या लोन लिया है, या फिर कंपनी का लैपटॉप/सामान वापस नहीं किया है, तो उसका पैसा काटकर बाकी की पूरी रकम आपको दे दी जाएगी।


प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले नौकरीपेशा लोगों के लिए यह नया लेबर कानून किसी बड़ी खुशखबरी से कम नहीं है। अब नौकरी बदलने पर पुरानी सैलरी का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। यह नियम कर्मचारियों को आर्थिक सुरक्षा देगा और उन्हें बिना किसी तनाव के नई शुरुआत करने का मौका मिलेगा।


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