इन 30 शेयरों से म्यूचुअल फंड्स ने काटा किनारा, लगातार 4 तिमाही से हो रही है बिकवाली; क्या आपके पास भी हैं ये स्टॉक्स?

Keyur Raval

Mutual Fund Selling Alert: भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच म्यूचुअल फंड्स ने 30 चुनिंदा शेयरों में अपनी हिस्सेदारी घटाई है। मनीकंट्रोल की रिसर्च के अनुसार, KNR Constructions और Nazara Technologies जैसे बड़े नामों में पिछले 4 क्वार्टर से बिकवाली जारी है। जहां 2026 में सेंसेक्स 9.1% और निफ्टी 8% तक गिर चुके हैं, वहीं विदेशी निवेशकों (FIIs) की बिकवाली के सामने म्यूचुअल फंड्स बाजार के लिए 'ढाल' बने हुए हैं। जानिए किन शेयरों से फंड मैनेजर्स ने मुनाफावसूली की है और इस गिरावट में आपके लिए निवेश के क्या अवसर हैं। पूरी लिस्ट और एक्सपर्ट राय के लिए पढ़ें यह विस्तृत रिपोर्ट।


 
Mutual Fund Selling Alert
Mutual Fund Selling Alert


नई दिल्ली, 29 अप्रैलः भारतीय शेयर बाजार के लिए साल 2026 अब तक काफी चुनौतीपूर्ण साबित हुआ है। एक तरफ जहां वैश्विक कारणों से विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) लगातार अपना पैसा निकाल रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ घरेलू म्यूचुअल फंड्स (MFs) भारतीय बाजार को सहारा देने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। लेकिन, इस 'सपोर्ट' के बीच एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। मनीकंट्रोल की ताजा रिसर्च बताती है कि म्यूचुअल फंड्स ने करीब 30 ऐसे शेयरों की पहचान की है जिनसे वे पिछले चार क्वार्टर (एक साल) से लगातार अपनी हिस्सेदारी कम कर रहे हैं।


अगर आप भी शेयर बाजार में निवेश करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण है। अक्सर हम उन शेयरों को पकड़े रहते हैं जिनसे बड़े फंड मैनेजर्स धीरे-धीरे बाहर निकल रहे होते हैं। आइए विस्तार से समझते हैं कि आखिर म्यूचुअल फंड्स किन कंपनियों से किनारा कर रहे हैं और बाजार की मौजूदा स्थिति क्या है।


बाजार का हाल: सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी गिरावट


साल 2026 की शुरुआत से ही बाजार में दबाव देखा जा रहा है। आंकड़ों पर नजर डालें तो इस साल अब तक बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स (Sensex) में करीब 9.1% की गिरावट आई है। वहीं, निफ्टी (Nifty) में भी लगभग 8% की कमजोरी दर्ज की गई है। हालांकि, दिलचस्प बात यह है कि जहां बड़े शेयरों (Blue-chip stocks) में भारी गिरावट है, वहीं मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स काफी हद तक संभले हुए हैं। इन इंडेक्स में केवल 0.5% से 1% तक की ही मामूली गिरावट देखी गई है।


इन शेयरों में म्यूचुअल फंड्स ने की सबसे ज्यादा बिकवाली


फंड मैनेजर्स की बिकवाली की लिस्ट में कुछ नाम ऐसे हैं जिन्होंने निवेशकों को हैरान कर दिया है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह बिकवाली केवल खराब प्रदर्शन की वजह से नहीं, बल्कि पोर्टफोलियो रीबैलेंसिंग और 'मुनाफावसूली' (Profit Booking) के उद्देश्य से भी हो सकती है।


1. KNR Constructions:


इस कंस्ट्रक्शन कंपनी में म्यूचुअल फंड्स ने सबसे बड़ी कटौती की है। महज एक साल के भीतर इनकी होल्डिंग 27.39% से घटकर 18.85% पर आ गई है। यह एक बड़ा संकेत है कि फंड हाउस अब इस सेक्टर या इस खास शेयर पर अपना दांव कम कर रहे हैं।


2. Nazara Technologies:


गेमिंग और टेक सेक्टर की दिग्गज कंपनी नजारा टेक्नोलॉजीज से भी म्यूचुअल फंड्स का मोहभंग होता दिख रहा है। पिछले चार क्वार्टर में फंड्स ने अपनी हिस्सेदारी 9.6% से घटाकर मात्र 1.64% कर दी है। इतनी बड़ी कटौती निवेशकों के लिए चिंता का विषय हो सकती है।


3. Concord Enviro Systems:


पर्यावरण समाधान क्षेत्र की इस कंपनी में भी भारी बिकवाली हुई है। यहां म्यूचुअल फंड्स की हिस्सेदारी 15% से गिरकर सीधे 6.95% पर आ गई है।


मुनाफावसूली की चपेट में आए ये दिग्गज शेयर


केवल छोटी कंपनियां ही नहीं, बल्कि कई मिडकैप और सेक्टर लीडर्स में भी हिस्सेदारी कम की गई है:


GE Vernova T&D India: बिजली ट्रांसमिशन क्षेत्र की इस कंपनी में होल्डिंग 24.7% से गिरकर 18% रह गई है।


Praj Industries: एथेनॉल और बायोकॉन्बस्टिबल क्षेत्र की इस मशहूर कंपनी में हिस्सेदारी 18% से घटकर 12.25% हो गई है।


Bosch Home Comfort India: इस शेयर में तो मानों बिकवाली की बाढ़ आ गई हो। म्यूचुअल फंड्स की होल्डिंग 6.44% से घटकर 1% से भी कम (0.96%) रह गई है।


इसके अलावा NRB Bearings, JNK India, Gateway Distriparks और Route Mobile जैसे शेयरों में भी करीब 5% तक की हिस्सेदारी कम की गई है। साथ ही United Foodbrands, Taj GVK Hotels, Sterling and Wilson Renewable Energy, Unicommerce eSolutions और Mahindra Holidays में भी 3.5% से 4% तक की कटौती देखी गई है।


FIIs की बिकवाली बनाम घरेलू निवेशकों का भरोसा


बाजार में मची इस उथल-पुथल के बीच एक सकारात्मक पहलू भी है। भारतीय म्यूचुअल फंड्स विदेशी निवेशकों के मुकाबले मजबूती से खड़े हैं। साल 2026 में जहां विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 1.56 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के शेयर बेचे हैं, वहीं घरेलू म्यूचुअल फंड्स ने 1.57 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश करके बाजार को पूरी तरह ढहने से बचा लिया है।


यह सब संभव हो पाया है रिटेल निवेशकों के भरोसे की वजह से। SIP (Systematic Investment Plan) के जरिए आने वाला पैसा रिकॉर्ड स्तर पर बना हुआ है, जिससे फंड मैनेजर्स के पास बाजार में निवेश करने के लिए पर्याप्त कैश मौजूद है।


क्या है विशेषज्ञों की सलाह?


मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि सेंसेक्स और निफ्टी में आई 8-9% की गिरावट एक 'हेल्दी करेक्शन' हो सकती है। म्यूचुअल फंड्स के पास फिलहाल बड़ी मात्रा में कैश उपलब्ध है, और वे सही वैल्युएशन का इंतजार कर रहे हैं।


अगर आपके पोर्टफोलियो में भी ऊपर बताए गए 30 शेयरों में से कोई है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। लेकिन यह समय अपने पोर्टफोलियो की समीक्षा (Review) करने का जरूर है। यह देखें कि क्या उन कंपनियों के फंडामेंटल्स अभी भी मजबूत हैं या फंड मैनेजर्स की तरह आपको भी वहां से निकलकर बेहतर अवसरों की तलाश करनी चाहिए।


म्यूचुअल फंड्स का किसी शेयर से निकलना हमेशा उस कंपनी के खराब होने का संकेत नहीं होता, लेकिन यह सतर्क रहने का इशारा जरूर है। बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा, लेकिन लंबी अवधि के निवेशकों के लिए हर गिरावट खरीदारी का एक नया मौका लेकर आती है। अपनी रिसर्च करें या किसी वित्तीय सलाहकार से बात करके ही अपने निवेश पर फैसला लें।


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डिस्क्लेमर: यहां पर दिए गए विचार और इन्वेस्टमेंट सलाह इन्वेस्टमेंट प्रोफेशनल्स के अपने विचार और सलाह हैं। MoneysutraHub.in यूज़र्स को सलाह देता है कि कोई भी इन्वेस्टमेंट का फैसला लेने से पहले किसी सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें।

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