Stock Market Today: ईरान और अमेरिका के बीच 2 हफ्ते के युद्धविराम से दुनिया भर के शेयर बाजारों में बहार आई है। क्रूड ऑयल के दामों में 19% की भारी गिरावट से निवेशकों को मिली बड़ी राहत। जानें क्या है इसका आपके निवेश पर असर।
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नई दिल्ली, 8 अप्रैल: पिछले कुछ हफ्तों से मध्य-पूर्व में चल रहे तनाव और युद्ध के बादलों के बीच निवेशकों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के बीच 2 हफ्ते के संघर्ष-विराम (Ceasefire) पर सहमति बन गई है। इस खबर के आते ही दुनिया भर के शेयर बाजारों में 'हरियाली' छा गई है और घबराए हुए निवेशकों ने राहत की सांस ली है। इस समझौते का असर इतना गहरा है कि कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें 6 सालों के सबसे निचले स्तर पर आ गई हैं।
क्रूड ऑयल में 19% की भारी गिरावट, बाजार में आया जोश
इस युद्धविराम की सबसे बड़ी खबर कच्चे तेल के मोर्चे से आई है। दुनिया के बाजारों में हलचल मचाने वाले वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI क्रूड) में 19% तक की जोरदार गिरावट देखी गई है। वहीं, ग्लोबल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड भी 16% टूट गया है। ईरान और अमेरिका के बीच बनी यह सहमति होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) के रास्ते तेल की आपूर्ति को फिर से सुचारू बनाने में मदद करेगी। ईरान ने भरोसा दिलाया है कि इस दौरान इस जलमार्ग से जहाजों की आवाजाही पूरी तरह सुरक्षित रहेगी।
एशियाई बाजारों में चौतरफा तेजी
इस खबर का असर एशियाई इंडेक्स पर साफ देखा जा सकता है। गिफ्ट निफ्टी 677.50 अंक यानी 2.84% की छलांग लगाकर 23,815 के स्तर के आसपास कारोबार कर रहा है। जापान का निक्केई इंडेक्स 5.09% की जबरदस्त तेजी के साथ खुला है। इसके अलावा, दक्षिण कोरिया का कोस्पी (KOSPI) लगभग 6% उछल गया है, जबकि ताइवानी बाजार में भी 4.30% की बंपर बढ़त है। हैंग सेंग और शांघाई कंपोजिट में भी निवेशकों की खरीदारी देखी गई है।
क्यों मिली बाजार को इतनी बड़ी राहत?
पिछले 6 हफ्तों से शेयर बाजारों में जो डर का माहौल बना हुआ था, वह अब खत्म होता दिख रहा है। युद्ध के कारण महंगाई बढ़ने और आर्थिक विकास थमने की जो आशंकाएं थीं, उन पर अब ब्रेक लग गया है। जानकारों का मानना है कि तेल की कम कीमतें ग्लोबल इकोनॉमी के लिए एक 'बूस्टर डोज' की तरह काम करेंगी। इससे केंद्रीय बैंकों पर ब्याज दरों को लेकर जो दबाव था, वह भी कम होगा और फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की संभावना बढ़ गई है।
क्या निवेशकों को अभी बाजार में कूदना चाहिए?
हालांकि बाजार में तेजी है, लेकिन बाजार के विशेषज्ञ अभी भी सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। सुमितोमो मित्सुई ट्रस्ट एसेट मैनेजमेंट के चीफ स्ट्रेटेजिस्ट हिरोयुकी उएनो का कहना है कि, "फिलहाल यह राहत की बात है कि हालात शांत हुए हैं, लेकिन सब कुछ हमेशा ठीक चलेगा, इसकी कोई गारंटी नहीं है। निवेशकों को बहुत जल्दीबाजी में फैसले नहीं लेने चाहिए।"
दूसरी ओर, एट ग्लोबल मार्केट्स (AT Global Markets) के एनालिस्ट निक ट्विडेल ने चेतावनी दी है कि इस समझौते की शर्तें अभी पूरी तरह साफ नहीं हैं। ट्रंप ने ईरान से मिले 10-सूत्रीय प्रस्ताव को बातचीत का आधार बताया है, लेकिन भविष्य में और भी उतार-चढ़ाव आ सकते हैं। इसलिए, मार्केट में अभी 'वोलेटिलिटी' बनी रह सकती है।
ईरान और अमेरिका का यह कदम न केवल युद्ध के खतरों को कम करता है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था को मंदी के डर से भी बाहर निकालने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। आने वाले 2 हफ्ते बाजार के लिए बहुत महत्वपूर्ण रहेंगे। यदि यह शांति वार्ता सफल रही, तो हम बाजार में लंबी अवधि की स्थिरता देख सकते हैं। हालांकि, अभी भी सतर्क रहकर निवेश करना ही सबसे बेहतर रणनीति होगी।
डिस्क्लेमर: यहां पर दिए गए विचार और इन्वेस्टमेंट सलाह इन्वेस्टमेंट प्रोफेशनल्स के अपने विचार और सलाह हैं। MoneysutraHub.in यूज़र्स को सलाह देता है कि कोई भी इन्वेस्टमेंट का फैसला लेने से पहले किसी सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें।
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