Stock Market Volatility: शेयर बाजार में युद्ध और ग्लोबल क्राइसिस के कारण भारी उतार-चढ़ाव जारी है। बजाज फिनसर्व AMC के सौरभ गुप्ता से जानें कि क्या मौजूदा गिरावट मिडकैप और स्मॉलकैप में निवेश का सही मौका है।
मुंबई, 21 मार्चः बाजार में इन दिनों जो उठापटक चल रही है, उसे देखकर किसी भी आम निवेशक का घबराना बहुत स्वाभाविक है। जब भी दुनिया के किसी हिस्से में तनाव या युद्ध जैसे हालात बनते हैं, तो उसका सीधा असर हमारी और आपकी स्क्रीन पर लाल निशान के रूप में दिखाई देता है। ग्लोबल न्यूज़ फ्लो और जिओ-पॉलिटिकल टेंशन के कारण बाजार में शॉर्ट टर्म वोलैटिलिटी बनी हुई है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या इस डर के माहौल में हमें अपना पैसा निकाल लेना चाहिए, या फिर यह सस्ते में अच्छे शेयर खरीदने का एक शानदार मौका है।
बजाज फिनसर्व एएमसी (Bajaj Finserv AMC) के हेड इक्विटी सौरभ गुप्ता ने बाजार की इस मौजूदा चाल और भविष्य के आउटलुक पर बेहद काम की बातें साझा की हैं। उनका साफ मानना है कि शॉर्ट टर्म में भले ही बाजार में डर का माहौल हो, लेकिन लंबी अवधि के लिए तस्वीर काफी स्थिर और मजबूत नजर आ रही है।
बाजार का मौजूदा हाल और सेक्टोरल परफॉर्मेंस
युद्ध के गहराते संकट ने निवेशकों के मन में एक तरह की घबराहट पैदा कर दी है। इंट्रा डे ट्रेडिंग में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। हालांकि इस अफरातफरी के बीच भी कुछ सेक्टर्स ने शानदार मजबूती दिखाई है। हालिया ट्रेडिंग सेशन में सेंसेक्स और निफ्टी ने बढ़त के साथ क्लोजिंग दी। अगर सेक्टर्स की बात करें तो निफ्टी IT ने 2% से ज्यादा की शानदार छलांग लगाई और टॉप परफॉर्मर बनकर उभरा। इसके साथ ही निफ्टी फार्मा में भी 2% से अधिक की तेजी दर्ज की गई। यह दिखाता है कि घबराहट के इस दौर में भी निवेशक सुरक्षित और डिफेंसिव सेक्टर्स की तरफ अपना रुख कर रहे हैं।
क्या लंबे समय तक रहेगा संकट का असर?
सौरभ गुप्ता के नजरिए से देखें तो युद्ध और उससे जुड़ी खबरों का बाजार पर असर साफ दिख रहा है। अगर यह संकट लंबा खिंचता है, तो ग्लोबल सप्लाई चेन बिगड़ेगी और इकोनॉमी पर इसका दबाव आ सकता है। कच्चे तेल की कीमतें अगर 100 डॉलर (Crude at $100+) के पार जाती हैं, तो बाजार में थोड़ी सुस्ती आ सकती है क्योंकि इससे महंगाई बढ़ने का खतरा रहता है।
लेकिन इसके दूसरे पहलू को भी समझना जरूरी है। भारतीय अर्थव्यवस्था के पास कई मजबूत पिलर्स हैं जो इस ग्लोबल झटके को सहने की ताकत रखते हैं। देश में अच्छा मॉनसून, टैक्स में मिली राहत और कंपनियों की मजबूत अर्निंग्स (कमाई) एक बहुत ही पॉजिटिव बेस तैयार कर रहे हैं। इतिहास गवाह है कि बाजार ने पहले भी ऐसे कई युद्ध और संकट देखे हैं और हर बार वहां से एक तेज रिकवरी की है। अगर हालात में थोड़ा भी सुधार होता है, तो बाजार में बहुत तेजी से बाउंस बैक देखने को मिल सकता है। इसलिए मौजूदा गिरावट को एक नुकसान के तौर पर नहीं, बल्कि निवेश के एक बेहतरीन मौके के रूप में देखा जाना चाहिए। धीरे-धीरे अपना इक्विटी एलोकेशन बढ़ाना इस वक्त का सबसे सही कदम हो सकता है।
लार्जकैप बनाम मिड और स्मॉलकैप: कहां बनेगा पैसा?
जब हम निवेश की बात करते हैं, तो सबसे बड़ी उलझन यह होती है कि पैसा लार्जकैप में लगाएं या मिड और स्मॉलकैप में। सौरभ गुप्ता ने इस पर बहुत ही स्पष्ट स्ट्रैटेजी बताई है। उनका कहना है कि युद्ध के हालात बनने से पहले भी मिड और स्मॉलकैप कैटेगरी में लार्जकैप के मुकाबले ज्यादा ग्रोथ पोटेंशियल देखा जा रहा था।
लार्जकैप कंपनियों के वैल्युएशन इस वक्त ठीक-ठाक हैं, लेकिन वहां ग्रोथ की एक सीमा है। निफ्टी लार्जकैप में जहां 13 से 14% की ग्रोथ की उम्मीद है, वहीं मिड और स्मॉलकैप में यह ग्रोथ 20% से भी ज्यादा हो सकती है। लेकिन यहां एक पेंच है। मिड और स्मॉलकैप स्पेस में हर स्टॉक अच्छा नहीं होता। इसलिए आपका स्टॉक सेलेक्शन बहुत सटीक होना चाहिए। युद्ध के कारण आई इस गिरावट (करेक्शन) ने कई बेहतरीन कंपनियों के वैल्युएशन को बहुत आकर्षक बना दिया है। जो शेयर पहले बहुत महंगे लग रहे थे, वे अब सही दाम पर मिल रहे हैं। अगर आपका नजरिया 3 साल या उससे ज्यादा का है, तो अच्छी क्वालिटी की कंपनियों में पैसा लगाने का यह सबसे मुफीद समय है।
किन सेक्टर्स पर रखें नजर?
बाजार की इस चाल को भुनाने के लिए सही सेक्टर का चुनाव आधी जीत के बराबर है। एक्सपर्ट की सलाह है कि इस वक्त निवेशकों को इंडस्ट्रियल, कैपिटल गुड्स और कंज्यूमर ड्यूरेबल जैसे सेक्टर्स पर अपना फोकस रखना चाहिए। भारत की बढ़ती घरेलू खपत और इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकार के खर्च को देखते हुए इन सेक्टर्स में आगे चलकर शानदार रिटर्न देने की पूरी क्षमता है।
स्मॉल कैप निवेश का सही और सुरक्षित तरीका
स्मॉल कैप को लेकर निवेशकों में अक्सर दो तरह की भावनाएं होती हैं भारी मुनाफे का लालच और डूबने का डर। यह सच है कि स्मॉल कैप स्टॉक्स में उतार-चढ़ाव (वोलैटिलिटी) बहुत ज्यादा होता है। जब बाजार गिरता है तो ये सबसे तेज गिरते हैं। लेकिन सौरभ गुप्ता याद दिलाते हैं कि लंबी अवधि में अच्छी स्मॉल कैप कंपनियां हमेशा वापसी करती हैं और मल्टीबैगर रिटर्न देती हैं।
मौजूदा गिरावट में स्मॉल कैप में निवेश का एक बड़ा अवसर छिपा है। हालांकि एक साथ पूरा पैसा लगाने से बचना चाहिए। इसके बजाय सिस्टेमैटिक ट्रांसफर प्लान (STP) के जरिए अपने निवेश को 3 अलग-अलग हिस्सों में बांटकर धीरे-धीरे बाजार में डालें। इससे आपका रिस्क कम होगा और आपको गिरावट का पूरा फायदा मिलेगा। स्मॉल कैप में अच्छे स्टॉक्स चुनने का यह एक दुर्लभ अवसर है, जो लंबी अवधि में आपके लिए बड़ी वेल्थ क्रिएट कर सकता है।
बाजार का नियम बहुत सीधा है। जब सब डर रहे हों, तब अच्छी कंपनियों की तलाश करें। थोड़ी रिसर्च करें और क्वालिटी पर भरोसा रखें। शॉर्ट टर्म का शोर आपको परेशान कर सकता है, लेकिन लॉन्ग टर्म का विजन ही असली मुनाफा दिलाता है।
डिस्क्लेमर: यहां पर दिए गए विचार और इन्वेस्टमेंट सलाह इन्वेस्टमेंट प्रोफेशनल्स के अपने विचार और सलाह हैं। MoneysutraHub.in यूज़र्स को सलाह देता है कि कोई भी इन्वेस्टमेंट का फैसला लेने से पहले किसी सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें।

