शेयर बाजार में लौटी रौनक: सेंसेक्स 1000 अंक उछला, निफ्टी 23300 के पार, जानें इस तूफानी तेजी के 6 सबसे बड़े कारण

MoneySutraHub Team

 Share Market Today: भारतीय शेयर बाजार में 20 मार्च को शानदार वापसी देखने को मिली है। एक दिन पहले आई 3% की भारी गिरावट (जो जून 2024 के बाद सबसे बड़ी गिरावट थी) के बाद, सेंसेक्स 1000 से अधिक अंक उछलकर 75,234.26 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, निफ्टी ने मजबूत वापसी करते हुए 23,300 का अहम आंकड़ा पार कर लिया है। बाजार में इस बंपर तेजी के पीछे मुख्य रूप से 6 बड़े कारण रहे हैं। इनमें कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आई भारी गिरावट, मध्य पूर्व (Middle East) में युद्ध रुकने के संकेत, निचले स्तरों पर निवेशकों द्वारा की गई जबरदस्त वैल्यू बाइंग, विदेशी बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत, इंडिया VIX में गिरावट और रिलायंस जैसे हैवीवेट शेयरों में खरीदारी शामिल है। इसके अलावा टाटा पावर और मेटल शेयरों ने भी बाजार को तगड़ा सपोर्ट दिया है। यह लेख आपको बाजार के हर पहलू की विस्तृत जानकारी देगा।


Share Market Today

मुंबई, 20 मार्चः भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) अक्सर अपनी अनिश्चितताओं के लिए जाना जाता है, लेकिन निवेशकों का भरोसा जब वापस लौटता है, तो बाजार की चाल देखने लायक होती है। एक दिन पहले निवेशकों के बीच मचे हाहाकार और भारी बिकवाली के बाद, 20 मार्च को दलाल स्ट्रीट पर फिर से हरियाली लौट आई है। भारतीय शेयर बाजार ने एक मजबूत और आश्चर्यजनक रिकवरी दर्ज की है।


कारोबार के दौरान बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 1000 अंकों से ज्यादा उछल गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (NSE Nifty) शानदार वापसी करते हुए 23,000 के मनोवैज्ञानिक और तकनीकी स्तर को पार करते हुए 23,300 के ऊपर निकल गया। सुबह 11:30 बजे के करीब, सेंसेक्स 1,027.02 अंक (यानी 1.38%) की छलांग लगाकर 75,234.26 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 334.65 अंकों (1.45%) की जबरदस्त उछाल के साथ 23,336.80 के स्तर पर पहुंच गया।


यह तेजी सिर्फ कुछ शेयरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि बाजार के हर सेक्टर ने इस रैली में अपना योगदान दिया। निफ्टी के सभी 16 प्रमुख सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में कारोबार करते हुए नजर आए। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी निवेशकों ने जमकर खरीदारी की। आखिर एक ही दिन में बाजार का मूड इतना कैसे बदल गया? आइए विस्तार से समझते हैं इस तूफानी तेजी के पीछे के 6 सबसे बड़े कारण और बाजार का पूरा हाल।


एक दिन पहले क्यों मचा था हाहाकार?


आज की तेजी को समझने के लिए कल की गिरावट को समझना बेहद जरूरी है। एक दिन पहले ही भारतीय बाजार में 3% से ज्यादा की भयंकर गिरावट देखी गई थी। यह जून 2024 के बाद बाजार में आई सबसे बड़ी सिंगल-डे गिरावट थी। इसका मुख्य कारण मध्य पूर्व (Middle East) में बढ़ता तनाव और ईरान-इजरायल के बीच संभावित युद्ध का डर था। इसके चलते कच्चे तेल की कीमतें 119 डॉलर प्रति बैरल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थीं। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने भारी बिकवाली की थी। लेकिन आज परिस्थितियां पूरी तरह से पलट गईं और बाजार ने एक 'V-Shape' रिकवरी दर्ज की।


शेयर बाजार में आज की तेजी के 6 सबसे बड़े कारण


बाजार विशेषज्ञों और डेटा के विश्लेषण के अनुसार, दलाल स्ट्रीट पर आई इस बहार के पीछे मुख्य रूप से 6 फैक्टर काम कर रहे हैं:


1. कच्चे तेल की कीमतों में भारी नरमी 


शेयर बाजार के लिए आज सबसे बड़ी राहत की खबर क्रूड ऑयल के मोर्चे से आई। भारत अपनी तेल जरूरतों का 80% से ज्यादा हिस्सा आयात करता है। ऐसे में तेल की कीमतें बढ़ना भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए जहर के समान है। लेकिन आज ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) का भाव 119 डॉलर प्रति बैरल के उच्चतम स्तर से लुढ़क कर 107 डॉलर के आसपास आ गया।




तेल की कीमतों में यह भारी गिरावट इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के एक बयान के बाद आई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इजराइल, अमेरिका के साथ मिलकर स्ट्रेट को फिर से खोलने की दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने यह आश्वासन भी दिया कि ईरान के तेल और गैस ठिकानों पर अब कोई हमला नहीं होगा। इस खबर ने दुनिया भर के बाजारों की धड़कनें सामान्य कर दीं।


2. निचले स्तरों पर जबरदस्त वैल्यू बायिंग  


शेयर बाजार का एक पुराना नियम है- 'Buy the Dip' यानी गिरावट में खरीदारी करें। एक दिन पहले जब बाजार 3% से ज्यादा टूटा, तो कई बेहतरीन और फंडामेंटली मजबूत कंपनियों के शेयर काफी सस्ते दाम पर उपलब्ध हो गए थे। इसी मौके का फायदा उठाते हुए घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) और रिटेल निवेशकों ने आज निचले स्तरों पर जमकर पैसा लगाया (Value Buying)।




तकनीकी चार्ट पर भी निफ्टी के लिए 23,000 का स्तर एक बेहद मजबूत सपोर्ट (Strong Support) माना जा रहा था। जैसे ही निफ्टी इस स्तर के करीब पहुंचा, वहां से तेज खरीदारी शुरू हो गई जिसने बाजार की दिशा ही बदल दी।


3. ग्लोबल बाजारों से मिले मजबूत और पॉजिटिव संकेत  


भारतीय बाजार शून्य में काम नहीं करते; उन पर वैश्विक बाजारों का सीधा असर पड़ता है। आज एशियाई बाजारों से बेहद मजबूत संकेत मिले। दक्षिण कोरिया का मुख्य इंडेक्स 'कोस्पी' और चीन का 'शंघाई कंपोजिट इंडेक्स' दोनों ही शानदार बढ़त के साथ हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। 




इसके अलावा, कल गुरुवार को अमेरिकी बाजार (Wall Street) हालांकि गिरकर बंद हुए थे, लेकिन दिन के निचले स्तरों से उन्होंने शानदार रिकवरी की थी। इस ग्लोबल रिकवरी ने भारतीय निवेशकों का आत्मविश्वास बढ़ाया।


4. मध्य पूर्व में युद्ध जल्द खत्म होने के संकेत 


भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions) शेयर बाजार के सबसे बड़े दुश्मन होते हैं। वेस्ट एशिया में चल रहे तनाव के कारण ग्लोबल सप्लाई चेन बाधित होने का डर था। लेकिन अब युद्ध के मोर्चे पर शांति के संकेत मिल रहे हैं। यह स्पष्ट हो गया है कि तेल ठिकानों को निशाना नहीं बनाया जाएगा। 




साथ ही, अमेरिकी चुनाव के मद्देनजर डोनाल्ड ट्रंप ने भी साफ किया है कि मध्य पूर्व की जमीन पर अमेरिकी सैनिक नहीं भेजे जाएंगे। इससे निवेशकों को यह भरोसा हो गया है कि यह संघर्ष अब ज्यादा लंबा नहीं खिंचेगा।


5. इंडिया VIX (Volatility Index) में गिरावट से लौटी शांति


इंडिया VIX, जिसे शेयर बाजार का 'फियर गेज' (Fear Gauge) या डर का सूचकांक भी कहा जाता है, आज शुक्रवार को करीब 3% गिरकर 22.14 के स्तर पर आ गया। VIX के गिरने का सीधा मतलब यह है कि निवेशकों के मन में अब बाजार के उतार-चढ़ाव को लेकर डर कम हो गया है। 




जब भी VIX नीचे आता है, तो बाजार में एक स्थिरता का माहौल बनता है, जो बड़ी तेजी का आधार तैयार करता है।


6. रिलायंस और अन्य हैवीवेट शेयरों में बंपर खरीदारी


भारतीय शेयर बाजार के सूचकांकों (Sensex और Nifty) को सबसे ज्यादा प्रभावित करने वाले हैवीवेट शेयरों ने आज फ्रंट से लीड किया। भारत की सबसे मूल्यवान कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) के शेयर, जो पिछले सत्र में बुरी तरह पिटे थे, आज 3% से ज्यादा की उछाल के साथ कारोबार कर रहे थे। 




रिलायंस के अलावा बैंकिंग और आईटी सेक्टर के दिग्गजों ने भी बाजार को सहारा दिया।


बाजार के अन्य अहम अपडेट्स (सेक्टर और स्टॉक्स)


आज की तेजी सिर्फ इंडेक्स तक सीमित नहीं थी, बल्कि अलग-अलग सेक्टर्स में कई बड़ी खबरें भी आईं जिन्होंने बाजार का जोश हाई रखा:




मिडकैप और स्मॉलकैप का जलवा: निफ्टी स्मॉलकैप 100 (Nifty Smallcap 100) में करीब 0.8% की तेजी देखी गई, जबकि निफ्टी मिडकैप 100 (Nifty Midcap 100) इंडेक्स 1.5% की शानदार बढ़त के साथ कारोबार कर रहा था।


टाटा पावर (Tata Power) बना रॉकेट: ऊर्जा क्षेत्र की दिग्गज कंपनी टाटा पावर के शेयरों में आज 4% तक की भारी तेजी आई। इसका मुख्य कारण कंपनी का गुजरात सरकार के साथ लंबी अवधि की पावर सप्लाई के लिए हुआ एक बड़ा करार (Agreement) है। यह खबर निवेशकों को काफी पसंद आई।


मेटल सेक्टर की चमक लौटी: निफ्टी मेटल इंडेक्स (Nifty Metal Index) आज 3% उछल गया। ग्लोबल मार्केट में रिकवरी और चीन से डिमांड बढ़ने की उम्मीद में Tata Steel, JSW Steel और LloydsME जैसे शेयरों ने रॉकेट की तरह उड़ान भरी।


दिग्गजों की क्या है राय?


बाजार की इस चाल पर एक्सपर्ट्स भी पैनी नजर बनाए हुए हैं।


जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट, वी के विजयकुमार का कहना है, "आज मार्केट के ऊपर जाने की पूरी संभावना थी क्योंकि तनाव कम होने की उम्मीद वापस लौट आई है। इसी राहत के कारण ब्रेंट क्रूड 118 डॉलर के अपने पीक से गिरकर 106 डॉलर के आसपास आ गया है, जो भारत के लिए एक बड़ा 'पॉजिटिव ट्रिगर' है।"


टेक्निकल एनालिसिस 


जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के ही चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट आनंद जेम्स ने तकनीकी चार्ट्स का विश्लेषण करते हुए बताया कि हालिया तेज गिरावट के बाद निफ्टी में एक मजबूत रिकवरी (Pullback) दिख रही है।


टारगेट (Target): यह तेजी निफ्टी को 23,435 के स्तर तक ले जा सकती है।


सपोर्ट और रिस्क (Support & Risk): अगर निफ्टी किसी भी कारण से 23,190 के स्तर को होल्ड नहीं कर पाता है या 22,930 से नीचे फिसल जाता है, तो बाजार में फिर से भारी कमजोरी आ सकती है। ऐसी स्थिति में निफ्टी 22,560 और फिर 22,000 के निचले स्तरों तक भी जा सकता है। इसलिए निवेशकों को स्टॉपलॉस का कड़ाई से पालन करना चाहिए।


भविष्य की संभावनाएं और प्रभाव


अगर कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह 100 डॉलर से 105 डॉलर के बीच स्थिर रहती हैं, तो भारत में महंगाई (Inflation) नियंत्रण में रहेगी। इसका सीधा असर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की आगामी मौद्रिक नीतियों (Monetary Policy) पर पड़ेगा। अगर महंगाई काबू में रहती है, तो आने वाले समय में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद की जा सकती है, जो शेयर बाजार के लिए एक 'बूस्टर डोज़' का काम करेगा। इसके अलावा, जो विदेशी निवेशक (FIIs) बाजार से पैसा निकाल रहे थे, वे भी भारत के मजबूत मैक्रो-इकोनॉमिक डेटा को देखकर दोबारा खरीदारी शुरू कर सकते हैं।


कुल मिलाकर 20 मार्च का दिन भारतीय शेयर बाजार के निवेशकों के लिए एक बड़ी राहत लेकर आया। जहां एक ओर अंतरराष्ट्रीय मंच पर युद्ध के बादल छंटते हुए नजर आ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूत बुनियाद निवेशकों को निचले स्तरों पर खरीदारी का मौका दे रही है। सेंसेक्स का 1000 अंक उछलना और निफ्टी का 23,300 पार करना इस बात का सबूत है कि बाजार में लंबी अवधि का रुझान अभी भी 'पॉजिटिव' (Bullish) है।


हालांकि, शेयर बाजार में हमेशा जोखिम बना रहता है। तकनीकी जानकारों की सलाह है कि भले ही बाजार में आज रौनक है, लेकिन निवेशकों को ग्लोबल न्यूज फ्लो पर लगातार नजर रखनी चाहिए और किसी भी नई पोजीशन को बनाते समय सही टेक्निकल सपोर्ट और रेजिस्टेंस (Support and Resistance) का ध्यान रखना चाहिए। अच्छे और मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों में निवेश बनाए रखें और कमजोर शेयरों से दूरी बनाकर चलें।


यह भी पढेंः- Share Market Crash: BSE 1000 के 65% शेयरों ने 3 साल में दिया ‘जीरो’ रिटर्न, 5 साल की बढ़त भी स्वाहा


डिस्क्लेमर: यहां पर दिए गए विचार और इन्वेस्टमेंट सलाह इन्वेस्टमेंट प्रोफेशनल्स के अपने विचार और सलाह हैं। MoneysutraHub.in यूज़र्स को सलाह देता है कि कोई भी इन्वेस्टमेंट का फैसला लेने से पहले किसी सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें।


#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Learn More
Ok, Go it!
To Top