SEBI Chief Tuhin Kanta Pandey: शेयर बाजार में भारी गिरावट (Sensex 1353 अंक टूटा) के बीच SEBI चीफ तुहिन कांत पांडे ने निवेशकों को न घबराने की सलाह दी है। जानिए उन्होंने क्या कहा।
मुंबईः शेयर बाजार में भारी गिरावट के कारण निवेशकों में फैले डर के बीच SEBI के चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने राहत भरा बयान दिया है। सोमवार (9 मार्च) को सेंसेक्स 1353 अंक और निफ्टी 422 अंक टूट गया। इस गिरावट का मुख्य कारण ईरान से जुड़ा वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव है। हालांकि, सेबी चीफ ने निवेशकों से अपील की है कि वे पैनिक न करें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वैश्विक स्तर पर भले ही उथल-पुथल मची हो, लेकिन भारतीय अर्थव्यवस्था की बुनियाद बेहद मजबूत है। आज देश में 14 करोड़ से ज्यादा निवेशक हैं, जो हमारे पूंजी बाजार की गहराई और ताकत को दर्शाते हैं। ऐसे में निवेशकों को घबराने के बजाय बाजार में शांत रहकर अपने निवेश को होल्ड करना चाहिए, क्योंकि भारत का भविष्य और वित्तीय बाजार पूरी तरह सुरक्षित है।
सोमवार (9 मार्च) को शेयर बाजार में अचानक आई भारी गिरावट ने निवेशकों की धड़कनें बढ़ा दीं। सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी (Nifty) दोनों धड़ाम से नीचे आ गिरे। ऐसे तनावपूर्ण माहौल में भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने सामने आकर निवेशकों को एक बड़ी और काम की सलाह दी है।
उन्होंने निवेशकों से अपील की है कि ग्लोबल मार्केट में मची उथल-पुथल को देखकर पैनिक (Panic) करने की बिलकुल जरूरत नहीं है। भारत की अर्थव्यवस्था की जड़ें बहुत मजबूत हैं।
क्यों आया शेयर बाजार में भूचाल?
दरअसल, ईरान से जुड़े भू-राजनीतिक (Geopolitical) तनाव के कारण पूरी दुनिया के बाजारों में डर का माहौल बन गया है। इसका सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ा। सोमवार को सेंसेक्स 1353 अंक टूटकर 77566 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी भी 422 अंक गिरकर 24028 पर आ गया।
सेबी प्रमुख की निवेशकों को खास सलाह:
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के एक कार्यक्रम में बोलते हुए तुहिन कांत पांडे ने कई अहम बातें कहीं, जो हर निवेशक को जाननी चाहिए:
* अर्थव्यवस्था दमदार है: उन्होंने साफ कहा कि विदेशी बाजारों में भले ही झटके लग रहे हों, लेकिन भारत की घरेलू अर्थव्यवस्था पर कोई खतरा नहीं है। हमारी बुनियाद पूरी तरह सुरक्षित है।
* 14 करोड़ निवेशकों का भरोसा: सेबी चीफ ने बताया कि आज देश में निवेशकों का आंकड़ा 14 करोड़ के पार पहुंच गया है। यह दिखाता है कि आम आदमी का शेयर बाजार और इक्विटी (Equity) में भरोसा लगातार बढ़ रहा है।
* शांत रहें, जल्दबाजी न करें: निवेशकों को ऐसे उतार-चढ़ाव वाले माहौल में डरकर अपने शेयर बेचने (Panic Selling) से बचना चाहिए और शांत दिमाग से काम लेना चाहिए।
* निफ्टी बना बाजार का आईना: उन्होंने कहा कि निफ्टी अब भारतीय बाजार की ताकत दिखाने वाला सबसे बड़ा और ज्यादा ट्रैक किया जाने वाला इंडिकेटर बन चुका है।
कुल मिलाकर, सेबी चीफ का संदेश एकदम साफ है। शेयर बाजार में यह गिरावट एक 'शॉर्ट टर्म' (Short Term) असर है जो बाहरी कारणों से हुआ है। लॉन्ग टर्म में भारत की ग्रोथ स्टोरी बरकरार है। इसलिए, गिरावट देखकर डरें नहीं, बल्कि समझदारी से अपने निवेश को बनाए रखें। आने वाले समय में नए उद्योगों से कई बेहतरीन कंपनियां उभर कर सामने आ सकती हैं।
(डिस्क्लेमर: यह खबर केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखी गई है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। अपना पैसा लगाने से पहले हमेशा किसी सर्टिफाइड फाइनेंसियल एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।)

