Raajmarg InvIT IPO की 7% प्रीमियम पर शानदार लिस्टिंग! जानें NHAI के इस इनविट से निवेशकों को कितना फायदा हुआ और भविष्य में क्या संभावनाएं हैं। पूरी जानकारी यहां पढ़ें।
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| Raajmarg InvIT Listing |
नई दिल्ली, 24 मार्चः भारतीय शेयर बाजार में आज एक और सफल लिस्टिंग देखने को मिली, जिसने निवेशकों, खासकर खुदरा निवेशकों के चेहरों पर मुस्कान ला दी है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) द्वारा प्रायोजित राजमार्ग इंफ्रा इंवेस्टमेंट ट्रस्ट (Raajmarg InvIT) ने आज नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर एक मजबूत शुरुआत की। 100 रुपये के इश्यू प्राइस के मुकाबले, इसके यूनिट्स 7% के शानदार प्रीमियम के साथ 107 रुपये पर लिस्ट हुए। यह उन हजारों खुदरा निवेशकों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है, जिन्होंने पहली बार NHAI के किसी एसेट मोनेटाइजेशन प्रोग्राम में सीधे तौर पर हिस्सा लिया था।
इस IPO को निवेशकों की तरफ से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली थी, और इसकी शानदार लिस्टिंग ने उस भरोसे को सही साबित कर दिया है। हालांकि, लिस्टिंग के कुछ समय बाद मुनाफावसूली के कारण भाव में थोड़ी नरमी देखी गई, लेकिन यह बाजार की सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है। आइए इस लिस्टिंग, IPO और Raajmarg InvIT के भविष्य से जुड़ी हर छोटी-बड़ी बात को विस्तार से समझते हैं।
लिस्टिंग डे का पूरा एक्शन: मुनाफा और उतार-चढ़ाव
मंगलवार, 24 मार्च, 2026 को जब बाजार खुला तो सभी की निगाहें Raajmarg InvIT की लिस्टिंग पर थीं।
- इश्यू प्राइस: 100 रुपये प्रति यूनिट
- लिस्टिंग प्राइस: 107 रुपये प्रति यूनिट (7% का प्रीमियम)
लिस्टिंग के तुरंत बाद, खरीदारी के जोर पकड़ने से यूनिट की कीमत 107.45 रुपये के दिन के उच्चतम स्तर तक पहुंच गई। इसका मतलब है कि जिन निवेशकों ने लिस्टिंग के तुरंत बाद अपने यूनिट्स बेचे, उन्हें 7.45% का सीधा मुनाफा हुआ।
हालांकि, जैसा कि अक्सर मजबूत लिस्टिंग के बाद देखा जाता है, कुछ शुरुआती निवेशकों ने अपना मुनाफा बुक करना शुरू कर दिया। इस बिकवाली के दबाव के कारण, यूनिट की कीमत थोड़ी फिसलकर 105.30 रुपये के स्तर पर आ गई। इस स्तर पर भी, IPO में निवेश करने वाले निवेशक लगभग 5.30% के मुनाफे पर बैठे हैं, जो एक दिन के लिहाज से काफी अच्छा रिटर्न माना जाता है।
आखिर ये InvIT होता क्या है?
बहुत से नए निवेशक ‘InvIT' शब्द सुनकर थोड़ा उलझन में पड़ जाते हैं। चलिए इसे बेहद आसान भाषा में समझते हैं।
InvIT का पूरा नाम है - इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (Infrastructure Investment Trust)।
यह काफी हद तक एक म्यूचुअल फंड की तरह काम करता है। जैसे म्यूचुअल फंड अलग-अलग निवेशकों से पैसा इकट्ठा करके उसे कई कंपनियों के शेयरों में लगाता है, वैसे ही एक InvIT निवेशकों से पैसा जुटाकर उसे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में लगाता है। ये प्रोजेक्ट्स हाईवे, टोल रोड, पावर ट्रांसमिशन लाइनें, एयरपोर्ट या पोर्ट हो सकते हैं।
इन प्रोजेक्ट्स से जो भी कमाई होती है (जैसे टोल टैक्स से होने वाली आय), उसे यूनिट होल्डर्स यानी निवेशकों के बीच डिविडेंड (लाभांश) के रूप में बांट दिया जाता है। SEBI के नियमों के अनुसार, InvITs को अपनी कमाई का एक बड़ा हिस्सा (आमतौर पर 90%) निवेशकों को बांटना अनिवार्य होता है। यही कारण है कि इन्हें एक स्थिर और नियमित आय का स्रोत माना जाता है, जो एफडी (Fixed Deposit) जैसे पारंपरिक निवेश विकल्पों से बेहतर रिटर्न दे सकता है।
Raajmarg InvIT IPO: एक ऐतिहासिक पेशकश
राजमार्ग इनविट का IPO कई मायनों में खास था। यह 11 मार्च से 13 मार्च के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था।
IPO का आकार: शुरुआत में जनवरी में जब इसका ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस (DRHP) फाइल किया गया था, तब इसका साइज 5,700 करोड़ रुपये था। लेकिन निवेशकों के मजबूत रुझान को देखते हुए इसे बढ़ाकर 6,000 करोड़ रुपये कर दिया गया।
सब्सक्रिप्शन के आंकड़े: इस IPO को निवेशकों का phenomenal रिस्पांस मिला।
कुल सब्सक्रिप्शन: यह इश्यू कुल मिलाकर 13.74 गुना सब्सक्राइब हुआ।
QIB का हिस्सा: क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (बड़े फंड्स और संस्थागत निवेशक) का कोटा 19.14 गुना भरा।
खुदरा निवेशकों का हिस्सा: सबसे खास बात यह रही कि खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित हिस्सा 7.26 गुना भरा। यह दिखाता है कि आम निवेशक भी अब देश के इंफ्रास्ट्रक्चर ग्रोथ में भागीदार बनने के लिए उत्सुक हैं।
एंकर निवेशक: इश्यू खुलने से पहले ही, इस InvIT ने LIC, ICICI प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस, कोटक महिंद्रा लाइफ इंश्योरेंस और बजाज एलियांज लाइफ इंश्योरेंस जैसे बड़े और भरोसेमंद एंकर निवेशकों से 1,728 करोड़ रुपये जुटा लिए थे। एंकर निवेशकों का पैसा लगाना किसी भी IPO में रिटेल निवेशकों का भरोसा बढ़ाता है।
क्या है Raajmarg InvIT का बिजनेस मॉडल?
राजमार्ग इनविट को एक इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट के रूप में 22 दिसंबर, 2025 को SEBI के साथ रजिस्टर किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य भारत में चल रहे हाईवे और टोल रोड प्रोजेक्ट्स को खरीदना, उन्हें ऑपरेट करना और मेंटेन करना है।
प्रायोजक (Sponsor): इसकी सबसे बड़ी ताकत इसका प्रायोजक है, जो NHAI (नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया) है। सरकारी संस्था का बैकिंग होना इसे एक बेहद सुरक्षित निवेश बनाता है।
पोर्टफोलियो: वर्तमान में, इस InvIT के पोर्टफोलियो में 5 बेहद महत्वपूर्ण और कमाई करने वाले टोल रोड शामिल हैं। ये NHAI के TOT (टोल-ऑपरेट-ट्रांसफर) मॉडल के तहत आते हैं।
- गोरहर से बरवा अड्डा (झारखंड)
- चिलकलुरिपेट - विजयवाड़ा (आंध्र प्रदेश)
- चेन्नई बाईपास (तमिलनाडु)
- चेन्नई - टाडा (तमिलनाडु)
- नेलमंगला - टुमकुर (कर्नाटक)
नेटवर्क: ये सभी 5 हाईवे प्रोजेक्ट्स देश के सबसे व्यस्ततम सड़क नेटवर्क, स्वर्णिम चतुर्भुज (Golden Quadrilateral) का हिस्सा हैं। इनकी कुल लंबाई लगभग 260.198 किलोमीटर है।
आय का स्रोत: इन सड़कों पर चलने वाले वाहनों से टोल टैक्स वसूलने का विशेष अधिकार इस ट्रस्ट के पास है। यही टोल कलेक्शन इसकी आय का मुख्य स्रोत है, जिसे यह अपने निवेशकों के साथ साझा करेगा।
IPO से जुटाए गए 6,000 करोड़ रुपये का क्या होगा?
निवेशकों के मन में यह सवाल जरूर आता है कि उनके द्वारा लगाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी कैसे करेगी। राजमार्ग इनविट ने इसका स्पष्ट खुलासा किया है:
लगभग 5,850 करोड़ रुपये का इस्तेमाल उन स्पेशल पर्पज व्हीकल (SPVs) में निवेश के लिए किया जाएगा जो इन हाईवे प्रोजेक्ट्स को मैनेज करती हैं। यह निवेश कर्ज चुकाने और इक्विटी के रूप में होगा।
बाकी बची हुई रकम का इस्तेमाल सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों और ट्रस्ट के संचालन में किया जाएगा।
निवेशकों के लिए आगे का रास्ता: क्या करें, क्या न करें?
जिन निवेशकों को IPO में यूनिट्स मिले हैं, वे आज मुनाफे में हैं। अब सवाल यह है कि आगे क्या रणनीति अपनाई जाए?
लंबी अवधि के निवेशक: अगर आपने स्थिर और नियमित आय ( डिविडेंड) के लिए इसमें निवेश किया है, तो आपको बने रहना चाहिए। NHAI जैसी मजबूत संस्था के समर्थन और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हाईवे एसेट्स के कारण, यह लंबी अवधि में अच्छा प्रदर्शन कर सकता है। InvITs को মূলত डिविडेंड के लिए ही जाना जाता है, न कि भारी कैपिटल गेन के लिए।
शॉर्ट-टर्म गेन के लिए निवेशक: जिन निवेशकों ने सिर्फ लिस्टिंग गेन के लिए पैसा लगाया था, वे अपना मुनाफा बुक करने पर विचार कर सकते हैं। 7% का रिटर्न कुछ ही दिनों में एक आकर्षक लाभ है। आप चाहें तो आंशिक मुनाफावसूली करके अपनी मूल लागत निकाल सकते हैं और बाकी यूनिट्स को लंबी अवधि के लिए छोड़ सकते हैं।
नए निवेशक: जो लोग IPO में निवेश करने से चूक गए थे, वे अब बाजार से इसे खरीद सकते हैं। लेकिन किसी भी गिरावट पर खरीदारी करना एक बेहतर रणनीति हो सकती है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से राय अवश्य लें।
Raajmarg InvIT की सफल लिस्टिंग भारतीय पूंजी बाजार और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के लिए एक मील का पत्थर है। यह न केवल NHAI के एसेट मोनेटाइजेशन के लक्ष्य को पूरा करता है, बल्कि यह पहली बार देश के आम नागरिकों को सीधे तौर पर राष्ट्रीय राजमार्गों की विकास गाथा में भागीदार बनाता है। निवेशकों की जोरदार प्रतिक्रिया ने यह साबित कर दिया है कि अगर सही प्रोजेक्ट और भरोसेमंद प्रमोटर हों, तो भारतीय निवेशक देश के विकास में पैसा लगाने से पीछे नहीं हटते। आने वाले समय में यह InvIT अपने पोर्टफोलियो में और भी हाईवे प्रोजेक्ट्स को शामिल कर सकता है, जिससे इसकी ग्रोथ की संभावनाएं और भी बढ़ेंगी।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी तरह का निवेश करने से पहले, कृपया अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें। यह लेख किसी भी तरह से निवेश की सलाह नहीं देता है।

