ED raids Mumbai Chennai: NSE के अनलिस्टेड शेयर बेचने के नाम पर हुए करोड़ों के फर्जीवाड़े में ED ने मुंबई और चेन्नई में 8 जगहों पर छापे मारे हैं। जानें इस बड़े स्कैम की पूरी डिटेल।
मुंबईः क्या आप भी मुनाफे के चक्कर में NSE (नेशनल स्टॉक एक्सचेंज) के अनलिस्टेड शेयर खरीद रहे हैं? अगर हां, तो सावधान हो जाएं! प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अनलिस्टेड शेयरों के नाम पर हो रही करोड़ों की ठगी का पर्दाफाश किया है। इस मामले में 27 फरवरी को मुंबई और चेन्नई में 8 अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की गई। आरोप है कि कुछ जालसाज निवेशकों को झांसा दे रहे थे कि उनके पास NSE के शेयर हैं, और वे इन्हें प्रीमियम पर बेच सकते हैं। लेकिन असल में उनके पास कोई शेयर था ही नहीं। इस धोखाधड़ी में एटम कैपिटल और बबली इन्वेस्टमेंट जैसी कंपनियों के साथ सतीश कुमार और संजय दमानी जैसे कई लोगों के नाम सामने आए हैं। ED ने मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) के तहत कार्रवाई करते हुए कई बैंक खाते और डिमैट अकाउंट फ्रीज कर दिए हैं। यह ठगी ऐसे समय में हुई है जब NSE के संभावित IPO को लेकर बाजार में भारी क्रेज है।
अगर आप शेयर बाजार में निवेश करते हैं और हाल ही में किसी ने आपको NSE (नेशनल स्टॉक एक्सचेंज) के अनलिस्टेड शेयर सस्ते या प्रीमियम पर दिलाने का वादा किया है, तो सतर्क हो जाइए। बाजार के इस नए क्रेज का फायदा उठाकर ठगों ने निवेशकों के साथ करोड़ों का फर्जीवाड़ा कर दिया है।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इसी मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 27 फरवरी को मुंबई और चेन्नई में कुल 8 जगहों पर छापेमारी की है। यह जांच प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत की जा रही है।
कैसे बुना गया ठगी का यह जाल?
ED की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। आरोपियों ने निवेशकों को यह झांसा दिया कि उनके पास NSE इंडिया लिमिटेड के अनलिस्टेड शेयर मौजूद हैं। उन्होंने निवेशकों से कहा कि वे प्राइवेट एग्रीमेंट के जरिए ये शेयर उन्हें प्रीमियम पर ट्रांसफर कर देंगे।
चूंकि NSE के शेयर अभी किसी स्टॉक एक्सचेंज (जैसे BSE या NSE) पर लिस्टेड नहीं हैं, इसलिए इनका लेन-देन सामान्य तरीके से नहीं होता। ठगों ने इसी बात का फायदा उठाया। असलियत में इन जालसाजों के पास कोई शेयर था ही नहीं। उन्होंने बिना शेयर के ही निवेशकों से एडवांस पेमेंट के नाम पर मोटी रकम वसूल ली।
किन कंपनियों और लोगों पर गिरी गाज?
ED ने अपनी इस छापेमारी में कई फर्जी कंपनियों और उनके डायरेक्टरों को रडार पर लिया है। जांच में जिन संस्थाओं के नाम सामने आए हैं, वे हैं:
- एटम कैपिटल प्राइवेट लिमिटेड (Atom Capital Pvt Ltd)
- ऑप्टिमस फाइनेंशियल सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड
- बबली इन्वेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड
सुप्रीमस एंजेल
इस पूरे रैकेट को चलाने में मुख्य रूप से इन लोगों के नाम सामने आए हैं:
सतीश कुमार, संजय दमानी, नीरज निसार, कृष वोहरा, मनीष सोनी और निशा कुमारी।
कहाँ गया निवेशकों का पैसा?
ED के मुताबिक, ठगों ने निवेशकों से जो पैसा लूटा, उसे कई अलग-अलग बैंक खातों में घुमाया गया ताकि जांच एजेंसियों को चकमा दिया जा सके। बाद में इस "काले धन" को चल-अचल संपत्तियों (प्रॉपर्टीज) में निवेश कर दिया गया।
छापेमारी के दौरान ED को कई अहम दस्तावेज और डिजिटल सबूत मिले हैं। जांच एजेंसी ने PMLA की धारा 17(1A) के तहत सतीश कुमार, संजय दमानी और इन कंपनियों से जुड़े कई बैंक और डिमैट खातों को तुरंत फ्रीज कर दिया है।
अचानक क्यों बढ़ी NSE के शेयरों की मांग?
यह पूरा फर्जीवाड़ा ऐसे समय में सामने आया है जब बाजार में NSE के IPO का बेसब्री से इंतजार हो रहा है। हाल ही में NSE के एमडी और सीईओ आशीष चौहान ने बताया था कि उनके IPO को SEBI से ‘नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट' (NOC) मिल गया है।
दस्तावेज तैयार करने में 3 से 4 महीने लग सकते हैं और साल के अंत तक कंपनी बाजार में लिस्ट हो सकती है। IPO की इसी खबर के कारण ग्रे-मार्केट (अनलिस्टेड मार्केट) में NSE के शेयरों की मांग आसमान छू रही है, जिसका फायदा ये बिचौलिए उठा रहे हैं।
निवेशकों के लिए एक्सपर्ट्स की सलाह
शेयर बाजार के जानकारों का कहना है कि अनलिस्टेड शेयर खरीदते समय बेहद सावधानी बरतनी चाहिए। पैसा देने से पहले हमेशा डिमैट रिकॉर्ड के जरिए यह चेक करें कि बेचने वाले के पास असल में वो शेयर हैं या नहीं। लेन-देन हमेशा सुरक्षित और भरोसेमंद डिपॉजिटरी सिस्टम के जरिए ही करें।
ED ने साफ कर दिया है कि इस मामले की जांच अभी जारी है। देश के कई राज्यों से ठगी की शिकायतें आ रही हैं और आने वाले दिनों में कुछ और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

