Soybean Production: खरीफ 2025 के दूसरे अनुमान में देश का सोयाबीन उत्पादन बढ़कर 110.25 लाख टन हुआ। महाराष्ट्र ने 52.22 लाख टन पैदावार के साथ मध्य प्रदेश से 'सोया स्टेट' का दर्जा छीन लिया है।

Soybean Production: महाराष्ट्र बना नया ‘सोया स्टेट'
महाराष्ट्रः भारत के कृषि सेक्टर से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। सोयाबीन उत्पादन के मामले में एक बार फिर बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सोपा) ने खरीफ 2025 के लिए अपनी दूसरी रिपोर्ट जारी कर दी है। इस नए अनुमान के मुताबिक, महाराष्ट्र ने मध्य प्रदेश (MP) को पछाड़ते हुए 'सोया स्टेट' का अपना पुराना ताज वापस छीन लिया है।
पहले अनुमान में ऐसा लग रहा था कि मध्य प्रदेश फिर से बाजी मार लेगा, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही निकली। नए आंकड़ों ने पूरी तस्वीर बदल दी है।
कुल उत्पादन के अनुमान में हुई बढ़ोतरी
सोयाबीन उद्योग ने अपने उत्पादन के आंकड़ों में सुधार किया है। सोपा ने देश भर में एक बड़ा फील्ड सर्वे किया, जिसके बाद यह तय हुआ कि इस बार फसल पिछले अनुमान से बेहतर है।
- पहले अनुमान में कुल सोयाबीन उत्पादन 105.36 लाख टन आंका गया था।
- अब नए (दूसरे) अनुमान में इसे बढ़ाकर 110.258 लाख टन कर दिया गया है।
- हालांकि, यह आंकड़ा अभी भी साल 2024 के कुल उत्पादन (128.81 लाख टन) से कम ही है।
कैसे तैयार हुई यह रिपोर्ट?
सोपा (SOPA) की टीमों ने मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान जैसे बड़े सोयाबीन उत्पादक राज्यों का सघन दौरा किया। यह सर्वे लगातार 6 दिनों तक चला, जिसमें टीमों ने 3467 किलोमीटर की दूरी तय की। इस दौरान उन्होंने किसानों, व्यापारी वर्ग, एफपीओ (FPO), सरकारी और प्राइवेट मंडियों के लोगों से सीधी बातचीत की, ताकि बिल्कुल सटीक आंकड़े सामने आ सकें।
आंकड़ों की जुबानी: कौन राज्य किस पर भारी?
सोपा के दूसरे अनुमान के मुताबिक राज्यों की स्थिति कुछ इस प्रकार है:
महाराष्ट्र की छलांग: महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा 52.22 लाख टन सोयाबीन उत्पादन होने का अनुमान है। पहले अनुमान में यह आंकड़ा सिर्फ 47.09 लाख टन था।
मध्य प्रदेश को झटका: कभी सोयाबीन का गढ़ रहे मध्य प्रदेश में इस बार उत्पादन 43.24 लाख टन रहने का अनुमान है, जो पहले 48.64 लाख टन आंका गया था।
राजस्थान का हाल: राजस्थान में 6.39 लाख टन सोयाबीन पैदावार का अनुमान लगाया गया है।
2024 में क्या थे हालात?
अगर हम पिछले साल यानी खरीफ 2024 की बात करें, तो तब मध्य प्रदेश का पलड़ा भारी था। 2024 में मध्य प्रदेश ने 52 लाख टन सोयाबीन का उत्पादन किया था, जबकि उस वक्त महाराष्ट्र 45 लाख टन के साथ दूसरे नंबर पर था।
सोपा का यह नया अनुमान सोयाबीन किसानों और तेल उद्योग के लिए काफी अहम है। महाराष्ट्र के किसानों के लिए यह जश्न का मौका है, वहीं मध्य प्रदेश को अपना 'सोया स्टेट' का रुतबा वापस पाने के लिए अगली फसल में नई रणनीति के साथ मैदान में उतरना होगा।
