Share Market Crash: 27 फरवरी को शेयर बाजार में भारी गिरावट। सेंसेक्स 600 अंक टूटा और निफ्टी 25,300 के नीचे पहुंचा। जानिए बाजार में इस भारी बिकवाली और क्रैश के 5 बड़े कारण।

Share Market Crash: शेयर बाजार में आज निवेशकों को लगा तगड़ा झटका
नई दिल्ली: भारतीय शेयर बाजार के लिए 27 फरवरी का दिन काफी निराशाजनक रहा। बाजार खुलते ही भयंकर बिकवाली का दौर शुरू हो गया। कारोबार के दौरान सेंसेक्स (Sensex) करीब 600 अंकों से ज्यादा गोता लगा गया, वहीं निफ्टी (Nifty) भी लुढ़क कर 25,300 के अहम स्तर से नीचे आ गया।
आज बाजार का मूड इतना खराब था कि सिर्फ IT सेक्टर को छोड़ दें, तो बाकी सभी 15 प्रमुख सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में थे। स्मॉलकैप और मिडकैप इंडेक्स भी 1% तक टूट गए।
शेयर बाजार के धड़ाम होने के 5 बड़े कारण
आज की इस भारी गिरावट के पीछे मुख्य रूप से 5 कारण जिम्मेदार रहे, जिन्होंने बाजार का सेंटीमेंट बिगाड़ दिया:
1. ग्लोबल मार्केट से मिले खराब संकेत
आज भारतीय बाजार को विदेशी बाजारों से कोई सहारा नहीं मिला। एशियाई बाजारों में जापान का निक्केई, साउथ कोरिया का कोस्पी और शंघाई इंडेक्स सब लाल निशान में थे। इसके अलावा अमेरिकी और यूरोपीय बाजार भी गिरावट के साथ बंद हुए। हालांकि टेक दिग्गज एनविडिया (Nvidia) ने 78 अरब डॉलर का शानदार रेवेन्यू अनुमान दिया, फिर भी उसके शेयर 5.5% गिर गए। इसका निगेटिव असर पूरी दुनिया के शेयर बाजारों पर पड़ा।
2. विदेशी निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली
विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से लगातार अपना पैसा निकाल रहे हैं। गुरुवार को FIIs ने 3,466 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इससे एक दिन पहले भी उन्होंने तगड़ी बिकवाली की थी। जब विदेशी पैसा बाजार से बाहर जाता है, तो घरेलू निवेशकों में भी घबराहट फैल जाती है।
3. इंडिया VIX में उछाल (बाजार में डर)
बाजार में निवेशकों के डर को मापने वाला 'इंडिया VIX' इंडेक्स लगभग 3% बढ़कर 13.44 पर पहुंच गया। इसका सीधा मतलब है कि बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है और निवेशक डरे हुए हैं। SBI सिक्योरिटीज के एक्सपर्ट सुदीप शाह का कहना है कि अभी बाजार में 'बेयर्स' (मंदी लाने वालों) का दबाव साफ दिख रहा है।
4. अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव
अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर चल रही बातचीत बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई है। इससे मिडिल ईस्ट (खाड़ी देशों) में फिर से युद्ध और तनाव बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है। इस भू-राजनीतिक चिंता के कारण निवेशक अपना पैसा सुरक्षित निकाल रहे हैं।
5. कमजोर होता रुपया
शेयर बाजार की इस गिरावट के बीच भारतीय रुपया भी अमेरिकी डॉलर के सामने कमजोर हुआ है। शुक्रवार को रुपया 4 पैसे गिरकर 90.95 के स्तर पर आ गया। विदेशी निवेशकों के पैसा निकालने से रुपये पर दबाव बढ़ रहा है।
चार्ट्स क्या कहते हैं? (एक्सपर्ट की राय)
जियोजित इनवेस्टमेंट्स के चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट आनंद जेम्स के मुताबिक, ऊपरी स्तरों पर बाजार का बार-बार अटकना थोड़ी चिंता की बात है। अगर निफ्टी 25,670 के लेवल को पार करता है, तो बाजार 25,900 तक जा सकता है। लेकिन अगर यह 25,300 के नीचे और फिसलता है, तो स्थिति बिगड़ सकती है और निवेशकों को और ज्यादा सतर्क होना पड़ेगा।
फिलहाल बाजार में कोई बड़ा पॉजिटिव ट्रिगर नहीं है। ग्लोबल टेंशन और विदेशी निवेशकों की बिकवाली जब तक नहीं रुकती, बाजार में ऐसा ही उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। निवेशकों को अभी संभलकर और क्वालिटी स्टॉक्स में ही पैसा लगाने की सलाह दी जाती है।
(डिस्क्लेमर: यह जानकारी सिर्फ न्यूज़ और एजुकेशन के उद्देश्य से दी गई है। शेयर बाजार में निवेश बाजार के जोखिमों के अधीन है। MoneysutraHub.in यूज़र्स को सलाह देता है कि कोई भी इन्वेस्टमेंट का फैसला लेने से पहले किसी सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें।)
