SEBI Regulations: SEBI के सख्त नियमों ने फिनफ्लूएंसर्स की दुनिया बदल दी है। अब फाइनेंशियल एडवाइस देने के लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी है। जानिए क्रिएटर्स के लिए बचे 3 रास्तों और कमाई के नए मॉडल के बारे में।

SEBI Regulations, Finfluencers
अहमदाबाद: सोशल मीडिया पर फाइनेंस का ज्ञान बांटने वाले ‘फिनफ्लूएंसर्स' (Finfluencers) के लिए अब मनमर्जी से काम करना आसान नहीं रह गया है। मार्केट रेगुलेटर SEBI ने फाइनेंशियल एडवाइस देने के नियमों में बड़े बदलाव किए हैं, जिससे डिजिटल दुनिया के इन सलाहकारों पर काफी गहरा असर पड़ा है। अगर कोई क्रिएटर अब लोगों को पैसे निवेश करने की सलाह देना चाहता है, तो उसे सेबी के कड़े नियमों के तहत रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा।
इस नए बदलाव के बाद फाइनेंस कंटेंट क्रिएटर्स के सामने अपना करियर बचाने के लिए गिने-चुने रास्ते ही बचे हैं। आइए जानते हैं कि यह पूरी कहानी क्या है और क्रिएटर्स अब कैसे काम कर रहे हैं।
क्रिएटर्स के पास बचे हैं सिर्फ ये 3 रास्ते
सेबी के नए नियमों के बाद, फाइनेंस की दुनिया में कंटेंट बनाने वालों के लिए मुख्य रूप से तीन ही लीगल रास्ते बचे हैं:
- रिसर्च एनालिस्ट (RA)
- रजिस्टर्ड इनवेस्टमेंट एडवाइजर (RIA)
- म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर
वायु कैपिटल (Vayu Capital) के फाउंडर और मशहूर फाइनेंस क्रिएटर शशांक उडुपा का कहना है कि अब इनफ्लूएंसर्स के पास इन 2-3 विकल्पों के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं है। जो क्रिएटर्स सालों से कंटेंट बना रहे हैं, वे अपनी मेहनत बेकार नहीं जाने देना चाहते, इसलिए वे अब खुद को इन नियमों के हिसाब से ढाल रहे हैं।
सब्सक्रिप्शन और रिसर्च मॉडल पर बढ़ा फोकस
इस बदलाव का सबसे बड़ा उदाहरण ‘1% Club’ के फाउंडर शरण हेगड़े हैं, जिन्होंने नए नियमों के तहत RIA का लाइसेंस हासिल किया है। वहीं, शशांक उडुपा ने RA (रिसर्च एनालिस्ट) का रास्ता चुना है। उनका पूरा फोकस अब सब्सक्रिप्शन और रिसर्च आधारित प्रोडक्ट्स पर है।
शशांक का कहना है कि सेबी द्वारा रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किए जाने के बाद, उन्हें पिछले साल June में RA का लाइसेंस लेना पड़ा। इसके बाद उन्होंने अपने काम को एक प्रोफेशनल स्ट्रक्चर दिया। हैरानी की बात यह है कि उन्होंने 1 साल में 1,000 कस्टमर्स जोड़ने का टारगेट रखा था, लेकिन लोगों के भरोसे के कारण यह टारगेट सिर्फ 30 दिनों में ही पूरा हो गया।
तेजी से बढ़ रहा है बिजनेस
नियम सख्त होने के बावजूद, सही तरीके से काम करने वालों का बिजनेस तेजी से बढ़ रहा है। आंकड़ों पर नजर डालें तो:
- शशांक उडुपा के पास अभी 1,800 सब्सक्राइबर्स हैं।
- सिर्फ 6 महीने में उनका एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 25 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
- बेंगलुरु में उनकी 12 लोगों की टीम काम कर रही है।
शशांक का अगला लक्ष्य इंडिविजुअल RA से आगे बढ़कर ‘कॉर्पोरेट RA’ बनने का है, जिससे नियम पालन करना थोड़ा और आसान हो जाएगा। वे अगले साल तक पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज (PMS) भी शुरू करने की योजना बना रहे हैं।
यूट्यूब बना डिजिटल रियल एस्टेट
शशांक अपने यूट्यूब चैनल को महज एक चैनल नहीं, बल्कि एक 'रियल एस्टेट एसेट' मानते हैं। उनका कहना है कि यह उनका सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला एसेट है। हालांकि, पिछले 6 साल का यह सफर काफी थका देने वाला रहा है, लेकिन वे इसे जारी रखेंगे।
उन्हें उम्मीद है कि आने वाले 1 साल में उनके सब्सक्राइबर्स की संख्या 3000 तक पहुंच जाएगी, जिससे उनका रेवेन्यू 2.5 से 3 करोड़ रुपये तक हो सकता है। जानकारों का मानना है कि आज की ऑडियंस पहले से ज्यादा समझदार (Mature) है और सेबी के नियमों से मार्केट में पारदर्शिता आई है, जिससे सही एडवाइजर्स के लिए मौके कम नहीं हुए, बल्कि बेहतर हुए हैं।
