9 फरवरी को निफ्टी की चाल कैसी रहेगी? भारत-अमेरिका ट्रेड डील के बाद बाजार में हलचल तय है। एक्सपर्ट्स से जानिए 25,500 के सपोर्ट और 26,000 के टारगेट की पूरी जानकारी, साथ ही बैंक निफ्टी का हाल।
Nifty Outlook: भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को जो ड्रामा देखने को मिला, उसने निवेशकों की धड़कनें बढ़ा दी थीं। निफ्टी ने निचले स्तरों से करीब 200 अंकों की शानदार रिकवरी दिखाई। इससे एक बात तो साफ हो गई कि बाजार के 'बुल्स' (तेजड़िए) अभी हार मानने वाले नहीं हैं और वे किसी भी हाल में निफ्टी को 25,500 के नीचे जाने नहीं देना चाहते।
अब सबकी नजरें नए हफ्ते की शुरुआत यानी 9 फरवरी पर टिकी हैं। वीकेंड पर हुई भारत-अमेरिका ट्रेड डील और ग्लोबल संकेतों के दम पर बाजार किस करवट बैठेगा? आइए, आसान भाषा में समझते हैं एक्सपर्ट्स की राय और बाजार का गणित।
ट्रेड डील और ग्लोबल संकेतों का क्या होगा असर?
सोमवार को बाजार खुलने पर दो बड़ी वजहें निफ्टी को ऊपर ले जा सकती हैं:
भारत-अमेरिका ट्रेड डील: वीकेंड पर दोनों देशों के बीच ट्रेड डील का फ्रेमवर्क तैयार होने की खबर आई है। इससे बाजार पर छाई अनिश्चितता के बादल हट गए हैं। निवेशकों को अब साफ तस्वीर मिल गई है कि किस सेक्टर को क्या फायदा होगा, जिससे बाजार का मूड पॉजिटिव हो सकता है।
अमेरिकी बाजार में रिकवरी: शुक्रवार को अमेरिकी शेयर बाजार (वॉल स्ट्रीट) में अच्छी रिकवरी देखने को मिली थी। इसका सीधा फायदा भारतीय आईटी (IT) शेयरों को मिल सकता है। आईटी सेक्टर पिछले चार महीनों के सबसे बुरे दौर से गुजरा है, ऐसे में यह खबर उनके लिए संजीवनी का काम कर सकती है।
सावधानी हटी तो दुर्घटना घटी: चार्ट क्या कह रहे हैं?
भले ही बाजार में खरीदारी का माहौल है, लेकिन सतर्क रहना भी जरूरी है। निफ्टी अभी भी अपने पिछले हाई 26,341 से लगभग 650 अंक नीचे है। टेक्निकल चार्ट पर निफ्टी 'लोअर हाई और लोअर लो' (Lower High - Lower Low) बना रहा है। जब तक यह पैटर्न नहीं टूटता, तब तक आंख मूंदकर भरोसा करना जल्दबाजी होगी। हालांकि, पिछले दो दिनों में हर गिरावट पर खरीदारी (Buy on Dips) का ट्रेंड जरूर दिखा है।
निफ्टी के लिए ये लेवल्स हैं 'लक्ष्मण रेखा'
शुक्रवार को निफ्टी 25,500 के नीचे फिसलने के बाद भी संभल गया, जो बुल्स के लिए बड़ी राहत की बात है।
सपोर्ट (Support): नीचे की तरफ 25,500 का लेवल सबसे मजबूत सहारा है। जब तक निफ्टी इसके ऊपर है, डरने की बात नहीं है।
रेसिस्टेंस (Resistance): ऊपर जाने के लिए निफ्टी को पहले 25,757 और फिर 25,818 के लेवल को पार करना होगा। अगर यह 26,000 के पार निकलता है, तो बड़ी तेजी आ सकती है।
दिग्गज कंपनियों के नतीजों पर भी नजर
अर्निंग सीजन (तिमाही नतीजे) अब खत्म होने की कगार पर है। इस हफ्ते Hindalco Industries और ONGC जैसी बड़ी सरकारी और प्राइवेट कंपनियां अपने नतीजे पेश करेंगी। इन नतीजों के बाद ही बाजार अपनी अगली दिशा तय करेगा।
क्या कह रहे हैं एक्सपर्ट्स?
बाजार के जानकारों ने निफ्टी और बैंक निफ्टी को लेकर अपनी अलग-अलग राय दी है:
LKP Securities (रूपक डे): निफ्टी फिलहाल 25,500 से 25,700 की रेंज में फंसा हुआ है। जब तक बाजार इस रेंज को तोड़कर किसी एक तरफ नहीं निकलता, तब तक बड़ा मूव आना मुश्किल है।
HDFC Securities (नागराज शेट्टी): अगर निफ्टी 25,800 के ऊपर टिकने में कामयाब रहता है, तो यह 26,000 और फिर 26,350 तक जा सकता है। 3 फरवरी को चार्ट पर जो गैप बना था, वह तेजी का संकेत दे रहा है।
बैंक निफ्टी: 60,000 के ऊपर मजबूती
बैंक निफ्टी ने पिछले हफ्ते काफी दम दिखाया है। तमाम उतार-चढ़ाव के बाद भी यह लगातार चार दिनों तक 60,000 के ऊपर बंद होने में सफल रहा।
SBI Securities (सुदीप शाह): बैंक निफ्टी के लिए 60,300-60,400 का दायरा एक रुकावट (Resistance) है। अगर यह पार होता है, तो गाड़ी 61,200 तक जा सकती है। नीचे की तरफ 59,600-59,700 मजबूत सपोर्ट है।
LKP Securities (वत्सल भुवा): जब तक बैंक निफ्टी 59,500 के ऊपर है, तब तक 'गिरावट पर खरीदारी' की रणनीति अपनाई जा सकती है। ऊपर की तरफ 60,800 के पास मुनाफावसूली आ सकती है।
कुल मिलाकर, 9 फरवरी का दिन बाजार के लिए काफी अहम रहने वाला है। भारत-अमेरिका ट्रेड डील का जोश और सपोर्ट लेवल्स का सम्मान बाजार को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकता है, लेकिन निवेशकों को स्टॉपलॉस के साथ सावधानी बरतनी चाहिए।
डिस्क्लेमर: यहां पर दिए गए विचार और इन्वेस्टमेंट सलाह इन्वेस्टमेंट प्रोफेशनल्स के अपने विचार और सलाह हैं। MoneysutraHub.in यूज़र्स को सलाह देता है कि कोई भी इन्वेस्टमेंट का फैसला लेने से पहले किसी सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें।

