ईरान पर इजरायल के हमले से सहमा क्रिप्टो बाजार, 64,000 डॉलर के नीचे धड़ाम हुआ बिटकॉइन; जानें आगे क्या होगा?

MoneySutraHub Team

 Iran Israel Conflict Bitcoin Crash: ईरान पर इजरायल-अमेरिका के हमले के बाद क्रिप्टो मार्केट में भारी गिरावट आई है। बिटकॉइन 64,000 डॉलर के नीचे आ गया है। जानें इस तनाव का क्रिप्टो पर क्या असर होगा।

Iran Israel Conflict Impact on Bitcoin


नई दिल्ली: मध्य पूर्व (Middle East) में बढ़ते तनाव ने ग्लोबल मार्केट को बुरी तरह हिला कर रख दिया है। ईरान पर इजरायल और अमेरिका के ताज़ा हमले का सीधा और तगड़ा असर क्रिप्टो बाजार (Crypto Market) पर देखने को मिला है। इस हमले की खबर आते ही निवेशकों में घबराहट फैल गई, जिसके चलते दुनिया की सबसे मशहूर क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन (Bitcoin) की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है।


64,000 डॉलर के नीचे लुढ़का बिटकॉइन


ताजा हालात यह हैं कि बिटकॉइन (BitfinexUSD) का भाव धड़ाम होकर 64,000 डॉलर के नीचे पहुंच गया है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पहले बिटकॉइन को निवेश के लिए एक बेहद सुरक्षित विकल्प (Safe-haven asset) माना जाता था, लेकिन हाल ही में इसे बदलकर 'रिस्क-प्रोन एसेट' (जोखिम वाले निवेश) की कैटेगरी में डाल दिया गया है।


गिरावट का यह दौर सिर्फ बिटकॉइन तक सीमित नहीं है। आइए देखते हैं बाजार का हाल एथेरियम (ETH/USD) और सोलाना (Solana) जैसी दूसरी बड़ी क्रिप्टोकरेंसी को भी तगड़ा नुकसान उठाना पड़ा है। बाजार के जानकारों का मानना है कि यह गिरावट क्रिप्टो मार्केट में बार-बार आ रहे एक निगेटिव ट्रेंड का ही हिस्सा है।


सोने से बिल्कुल अलग चल रही है बिटकॉइन की चाल


अगर हम पिछले कुछ महीनों का ट्रेंड देखें, तो बिटकॉइन और सोने (Gold) का बर्ताव एक-दूसरे से एकदम उलट नजर आता है। एक तरफ जहां बाजार में भारी डिमांड के चलते सोने की कीमतों में लगातार तेजी आ रही है, वहीं बिटकॉइन खुद को संभालने के लिए संघर्ष कर रहा है। मार्केट वैल्यू के हिसाब से सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन इस वक्त अक्टूबर 2025 में देखे गए 125,000 डॉलर के हाई लेवल से 50% से भी ज्यादा नीचे ट्रेड कर रहा है।


आगे और गहरा सकता है संकट


ईरान और इजरायल के बीच छिड़ा यह विवाद फिलहाल आसानी से थमता हुआ नहीं दिख रहा है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि क्रिप्टो की कीमतों में गिरावट का यह दौर अभी और लंबा खिंच सकता है। सबसे बड़ा रिस्क इस बात का है कि अगर ईरान ने उन पड़ोसी देशों पर जवाबी कार्रवाई करने का फैसला किया जहां अमेरिकी मिलिट्री बेस मौजूद हैं, तो इस लड़ाई में कई और देश भी शामिल हो सकते हैं।


60,000 डॉलर है अगला अहम पड़ाव


इन भू-राजनीतिक (Geopolitical) हालात को देखते हुए फिलहाल क्रिप्टो मार्केट का आउटलुक बहुत अच्छा नजर नहीं आ रहा है। बिटकॉइन पहले से ही लगातार नीचे की तरफ गोते लगा रहा है। मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, अब अगला सबसे अहम सपोर्ट लेवल 60,000 डॉलर पर है। पिछली बार जब बाजार में बड़ी गिरावट आई थी, तब बिटकॉइन की कीमतों ने इसी 60,000 डॉलर के लेवल से बाउंस बैक किया था। इसलिए मौजूदा समय में निवेशकों और ट्रेडर्स की नजरें इसी आंकड़े पर टिकी हुई हैं।


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( डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी केवल मार्केट अपडेट्स और रिपोर्ट्स पर आधारित है। यह किसी भी प्रकार की वित्तीय सलाह या निवेश की राय नहीं है। क्रिप्टो मार्केट और शेयर बाजार जोखिमों के अधीन हैं। निवेश करने से पहले कृपया अपने वित्तीय सलाहकार से संपर्क जरूर करें।)


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